lord shiva

इस धरती पर जिसने जन्म लिया है उसे यहां से जरूर जाना है। यह सत्य है और इसे कोई झूठ साबित नहीं कर सकता। लेकिन एक ऐसे भगवान है जिनके दरबार में जाने से आपकी मौत तक टल जाती है। ये एक ऐसा ही मंदिर जहां पर की हुई प्रार्थना कभी खाली नहीं जाती है।

देवों के देव महादेव देवताओं में सबसे श्रेष्ठ हैं। जब भगवान शिव की पूजा की जाती है तो विधि-विधान का बहुत ख्याल रखना पड़ता है। समस्त जगत के प्राणी शिव की पूजा सावधानी के साथ करते हैं, लेकिन क्या अविवाहित लड़कियों को शिव की पूजा करनी चाहिए।

सत्व, रज व तमो गुणधारी सदाशिव की पूजा से मुक्ति के द्वार खुल जाते है। जिसमें पूरी सृष्टि समाहित है वो भगवान शिव का पूजन यदि पूरी श्रद्धा से किया जाए तो वे जल्द प्रसन्न होते हैं। शिव पूजन में छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर हम खुद का और अपने परिवार का कल्याण कर सकते है।शिव को पूष्प भेंट कर भी हम अपने मनोरथ पूर्ण कर सकते हैं।

वाराणसी: कहते हैं काशी के कण-कण में भगवान भोलेनाथ का वास होता है। सावन का महीना जिस पवित्र महीने में दूर दराज से लोग काशी आकर महादेव को जल अर्पण करते है। ऐसे में शहर के लंका पुलिस थाने में रखे शिवलिंगों की विशेष पूजा हो रही है। श्री विद्या मठ के बटुक रोजाना सुबह-शाम …

भगवान शिव की विशेष कृपा होने से व्यक्ति कष्टों से मुक्ति पा लेता है। सावन के महीने में शिव भगवान से व्रत व पूजा करने से हर परेशानी को दूर कर सकते हैं  सावन माह में  पूजा के दौरान कुछ उपाय किए जाते है जिससे बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं

सावन में प्रतिदिन भगवान की शिव की पूजा बहुत ही फलदायी है। भगवान शिव बहुत ही भोले और शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव है । राशि के अनुसार करें भगवान शिव की पूजा उनके अभिषेक से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसी प्रकार विभिन्न राशि के व्यक्तियों के लिए पूजा का अलग अलग महत्व है...

कच्चा दूध का सेवन नहीं करना चाहिए। ये भी कहा जाता है कि सावन में कढ़ी नहीं खानी चाहिए। ये चीजें वात दोष बढ़ा देते हैं जिससे सेहत से जुड़ी कई समस्याएं हो सकता हैं। इन सभी चीजों को भगवान को तो अर्पित करनी चाहिए लेकिन इनका सेवन नहीं करना चाहिए।  

कहा तो यह भी जाता है कि यहां से इसी तरह की एक और विष्‍णु की मूर्ति मिली जिसे भारतीय पुरातत्‍व विभाग ने लखनऊ संग्रहालय में सुरक्षित रखा है। इतिहासकारों के मुताबिक सबसे पहले इस पुरास्‍थल का उल्‍लेख ए फ्यूहरर ने अपनी पुस्‍तक  द मान्‍यूमेंटल एंडिक्विटीज एंड इंस्क्रिप्‍संस इन द नार्थ वेस्‍टर्न प्राविंसेज एंड अवध में किया।

भारत में दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' के बाद अब भगवान शिव की सबसे ऊंची मूर्ति बनाई जा रही है। भगवान शिव की इस सबसे ऊंची मूर्ति का निर्माण राजस्थान में उदयपुर के नजदीक श्रीनाथद्वारा में हो रहा है।

कहते है बालक के भेष में आए भगवान विष्णु को इसी मौके का इंतजार था। उन्होंने तुरंत घर का दरवाजा अदंर से बंद कर लिया। जब भगवान शिव और माता पार्वती वापस लौटे तो उन्हें घर का दरवाजा अंदर से बंद मिला।