lord shiva

शिव शंकर के देशभर में ही नहीं बल्कि पूरे विश्वभर में ऐस कई प्राचीन मंदिर हैं जिनका इतिहास रामायण, महाभारत आदि से जुड़ा हुआ है। ऐसा ही भोलेनाथ का एक प्राचीन मंदिर देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्थित है। इसका इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ है, यही कारण है कि यह मंदिर अपने आप में खास माना जाता है। 

भगवान शंकर जितने सरल और साधारण दिखते हैं,  उससे ज्यादा उनका पहनावा है। आज हम आपको  शंकर की वेशभूषा और उनसे जुड़े 15 रहस्य बताने जा रहे है जो आपको अचम्भित कर देंगे।

सावन का महीना शुरू हो चुका है। सावन माह भगवान शंकर अति प्रिय महीना है। इस महीने  में की गई अराधना से भगवान शंकर बेहद ही प्रसन्न होते हैं। इस दौरान जो भी मांगा जाए, वह भगवान शंकर देते हैं। हम आपको एक खास बात यहां बताना चाहते हैं कि कुछ महिलाएं और पुरुष जब मंदिर में जाते हैं

सावन माह को पूरे 12 मास में सबसे पवित्र मास माना जाता है। इस मास का प्रत्येक दिन पवित्र होता है। और हर दिन भगवान की आराधना के लिए उपयुक्त होता है। इस मास शिव पार्वती के साथ कृष्ण की पूजा भी की जाती है।

भगवान शिव का सबसे प्रिय मास सावन ही होता है और इस पूरे महीने शिव की पूजा करने से अनगिनत पुण्यलाभ मिलते हैं।  बता दें कि साल 2020 में 6 जुलाई से 3 अगस्त तक सावन का पवित्र महीना रहेगा।

कल से 6 जुलाई से सावन शुरू हो रहा है। यह मास भगवान शिव को अतिप्रिय है। पुराणों में कहा गया है कि शिव की पूजा चाहे जैसे करें, वो अपने भक्तों पर बहुत जल्द प्रसन्न हो जाते हैं।

वियतनाम में बहुत ही रोचक किस्सा हुआ है। यहां पर खुदाई करते समय बलुआ पत्थर का बना भगवान शंकर का शिवलिंग मिला है। भगवान का शिवलिंग मिलने के बाद से ही चर्चाएं तेजी से होने लगी।

सपने अक्षरों के समान होते हैं जो अचेतन मन से देखे गए होते हैं। अगर इनकी सही ढंग से पहचान कर ली जाए तो हम इनके कहने का मतलब साफ समझ सकते हैं। सपने अच्‍छे-बुरे कई प्रकार के होते हैं। सपने हर किसी को आते हैं, किसी को अपनी जिंदगी से जुड़े सपने आते हैं,

आज चैत्र शुक्ल तृतीया का पावन पर्व हैं जिसे गौरी तीज या गणगौर के रूप में जाना जाता हैं। ‘गण’ का अर्थ है शिव और ‘गौर’ का अर्थ पार्वती है। इस दिन को सौभाग्य तीज के नाम से भी जाना जाता है। आज के दिन सुहागन महिलाएं अपने सुहाग के प्यार के लिए और अविवाहित लड़कियां अच्छे वर के लिए यह व्रत रखती हैं।

किसी भी परिवार, संस्‍थान या देश को चलाने के लिए एक कुशल मुखिया, कुश मैनेजर या कुशल नेतृत्‍व की जरूरत पड़ी है। जो लाख भिन्‍नताओं, विषमताओं के बावजूद सबको साथ लेकर चले।