lord shiva

सपने अक्षरों के समान होते हैं जो अचेतन मन से देखे गए होते हैं। अगर इनकी सही ढंग से पहचान कर ली जाए तो हम इनके कहने का मतलब साफ समझ सकते हैं। सपने अच्‍छे-बुरे कई प्रकार के होते हैं। सपने हर किसी को आते हैं, किसी को अपनी जिंदगी से जुड़े सपने आते हैं,

आज चैत्र शुक्ल तृतीया का पावन पर्व हैं जिसे गौरी तीज या गणगौर के रूप में जाना जाता हैं। ‘गण’ का अर्थ है शिव और ‘गौर’ का अर्थ पार्वती है। इस दिन को सौभाग्य तीज के नाम से भी जाना जाता है। आज के दिन सुहागन महिलाएं अपने सुहाग के प्यार के लिए और अविवाहित लड़कियां अच्छे वर के लिए यह व्रत रखती हैं।

किसी भी परिवार, संस्‍थान या देश को चलाने के लिए एक कुशल मुखिया, कुश मैनेजर या कुशल नेतृत्‍व की जरूरत पड़ी है। जो लाख भिन्‍नताओं, विषमताओं के बावजूद सबको साथ लेकर चले।

गुजरात के बढ़ोदरा में भगवान शिव का एक ऐसा मंदिर है जो देखते ही देखते गायब हो जाता है और फिर अचानक ही दोबारा दिखने लगता है। इस मंदिर की इसी खूबी के कारण यह दुनियाभर में प्रसिद्ध और भोले के भक्त इस घटना को अपनी आंखों से देखने के लिए दौड़े चले आते हैं।

बाबा विश्वनाथ के विवाहोत्सव यानि महाशिवरात्रि पर बनारस में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। देश के कोने-कोने से आए लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए लाइन में खड़े हैं।

21 फरवरी को महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जा रहा है। महाशिवरात्रि हिन्दूा धर्म के प्रमुख त्योीहरों में से एक है। इस दिन भक्तिमय वातावरण के बीच इस पर्व की एक अलग ही रौनक देखने को मिलती है।

शुक्रवार 21 फरवरी को महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जा रहा है। महाशिवरात्रि हिन्दूा धर्म के प्रमुख त्योीहरों में से एक है। इस दिन भक्तिमय वातावरण के बीच इस पर्व की एक अलग ही रौनक देखने को मिलती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब काशी महाकाल एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया तो इस ट्रेन में पहला सफ़र करने वाले कोई और नहीं बल्कि खुद भगवान शिव थे।

पीएम मोदी ने रविवार को वाराणसी से काशी महाकाल एक्सप्रेस को रवाना कर दिया है। इस ट्रेन की तमाम तरह की खासियतों के बारे में चर्चा हो रही है। इसमें से एक खास बात यह भी है कि इस महाकाल एक्सप्रेस में एक सीट भगवान शिव के लिए आरक्षित रहेगी।

शास्त्रों के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव का विवाह माता पार्वती के साथ हुआ था। इसलिए इस दिन उनके विवाह का उत्सव मनाया जाता है। इस दिन बेलपत्र, धतूरा, दूध, दही, शर्करा से भगवान शिव का अभिषेक करने से मनवांछित इच्छा पूरी होती है। इस बार महाशिवरात्रि 21 फरवरी को शाम को 5 बजकर …