rbi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बुधवार को कैबिनेट बैठक हुई। जिसमें को-ऑपरेटिव बैंक को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। अब को- ऑपरेटिव बैंक भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI की निगरानी में आएंगे।

भारतीय रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया (आरबीआई) ने पंजाब एंड महाराष्‍ट्र को-ऑपरेटिव बैंक (PMC Bank) पर बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय बैंक ने अगले 6 महीने के लिए तमाम पाबंदियां को बढ़ा दिया है।

रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कहा है कि पीपुल्स को-ऑपरेटिव सहकारी बैंक से किसी जमाकर्ता को राशि की निकासी करने की भी सुविधा फिलहाल नहीं मिलेगी।

सर्वोच्च अदालत ने केंद्र और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को नोटिस जारी किया है। उक्त कार्रवाई लॉकडाउन के दौरान बैंकों की ओर से कर्ज पर वसूले जा रहे ब्याज के मामले में की गई है।

अब आरबीआई के नए 3 महीनों के लिए मोहलत के ऐलान के बाद ग्राहकों को कुल 6 महीने की छूट मिल जाएगी। मतलब ये कि आप कुल 6 महीने तक लोन की ईएमआई नहीं देना चाहते हैं तो बैंकों की ओर से कोई दबाव नहीं पड़ेगा। वहीं, आपका क्रेडिट स्कोर भी बना रहेगा रहेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का एलान किया था। इस पैकेज का ब्यौरा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण दे चुकी हैं। अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने रेपो रेट कटौती की घोषणा की है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के एक डायरेक्टर और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे सतीश काशीनाथ मराठे ने कोरोना से निपटने के लिए मोदी सरकार के राहत पैकेज पर सवाल खड़े किए हैं।

कोरोना की महामारी से जंग जारी है। सभी लोग अपने-अपने घरों में रहकर लॉक डाउन का पालन कर रहे हैं। इस बीच भारतीय रिजर्व बैंक ने सीकेपी सहकारी बैंक के ग्राहकों को झटका देते हुए बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है।

कोरोना संकट से निपटने के लिए देश में लाॅकडाउन लागू है। इस बीच सीकेपी सहकारी बैंक (CKP Cooperative Bank Limited) के ग्राहकों को बड़ा झटका लगा है। भारतीय रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया (RBI) ने सीकेपी सहकारी बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है।

पूर्व वित्त मंत्री ने पहले ट्वीट में लिखा, "कर्ज़माफी या बट्टेखाते में डाले जाने पर बहस अप्रासंगिक है, जो लोग इससे बहुत खुश होंगे, वे हैं नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और विजय माल्या। नियम इंसानों ने ही बनाए हैं। अगर कोई नियम बनाया जा सकता है, तो उसे खत्म भी किया जा सकता है।"