rbi

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 28 अंकों की बढ़त के साथ 12,071.25 पर खुला, रिजर्व बैंक के ऐलान पर शेयर बाजार कारोबारियों की नजर है।

आरबीआई ने रेपो रेट में कोई कटौती नहीं की है। ये फैसला आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPS) की बैठक में लिया गया है। इसी के साथ ही रेपो रेट अभी भी 5.15 फीसदी पर बरकरार है।

नये साल में अब कुछ दिन ही बचे हैं, पूरा देश नये साल के स्वागत के लिए तैयारी कर रहा है, लेकिन आपके लिए एक जरूरी खबर है कि इन बचे दिनों में आप बैंक से जुड़े जरूरी कामों को निपटा लीजिए।

बता दें कि चार साल पहले सर्वोच्च न्यायालय ने केन्द्रीय बैंक को सभी विलफुल ​डिफॉल्टर्स की लिस्ट जारी करने का निर्देश दिया था। विलफुल डिफॉल्टर का मतलब होता है कोई भी व्यक्ति या कंपनी जिसके पास लोन चुकाने लायक रकम हो, लेकिन वह बैंक की किश्त अदा नहीं करे और बैंक उसके खिलाफ अदालत में चला जाए।

भारतीय रिजर्व बैंक (आबीआई) ने प्रशासनिक मुद्दों और डिफॉल्‍ट करने की वजह से बुधवार को संकट का सामना कर रहे DHFL के निदेशक बोर्ड को भंग कर दिया है। इसके अलावा आरबीआई ने DHFL के लिए एक प्रशासक भी नियुक्‍त कर दिया है।

आर्थिक संकट का सामना कर रही कंपनी एचडीआईएल के सैकड़ों डमी लोन को छिपाने के लिए पंजाब ऐंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक (पीएमसी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने बड़ी साजिश रची। अधिकारियों ने डमी लोन को छिपाने के लिए विशेष कोड का इस्तेमाल किया था।

बैंक अकाउंट में पैसा डालते वक्त कई बार गलती हो जाती है। कई बार गलती से पैसा दूसरों के अकाउंट में चला जाता है। बैंक अकाउंट नबंर में एक भी अंक की गलती से आपका पैसा दूसरों के अकाउंट पहुंच सकता है।

सहकारी क्षेत्र के पीएमसी (PMC) बैंक घोटाले से उठे विवादों के बीच केंद्र सरकार ने कुछ बड़ा करने का प्लान है। खबर है कि बैंक खातों में जमा रकम पर इंश्योरेंस गारंटी की सीमा बढ़ाने की तैयारी में है।

भारत में अक्टूबर महीने में थोक महंगाई दर में मामूली कमी आई है। सितंबर महीने के मुकाबले अक्टूबर में थोक महंगाई 0.33 फीसदी से घटकर 0.16 फीसदी पर आ गई है। आकड़े बता रहे कि एक साल पहले अक्टूबर महीने में महंगाई दर 5.54 फीसदी पर थी।

अक्टूबर महीने में तेजी से खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.62% हो गई, वहीं सितंबर में यह दर 3.99 फीसदी थी। बता दें कि अक्टूबर में खुदरा महंगाई दर 15 महीनों में सबसे ज्यादा रही, यह RBI के 4 फीसदी मीडियम टर्म टारगेट से ज्यादा हो गई है।