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टास्क फोर्स की सिफारिश के मुताबिक 5 लाख रुपये से ज्यादा सालाना आमदनी हो जाए 10 लाख रुपये तक की आमदनी पर 10 फीसदी का टैक्स और 10 लाख रुपये से 20 लाख रुपये तक की आमदनी पर 20 फीसदी और 20 लाख रुपये से 2 करोड़ रुपये तक की आमदनी पर 30 फीसदी का टैक्स लें।

भारत सरकार की भारतीय सिविल सेवा के अन्तर्गत्त राजस्व सेवा है। यह सेवा वित्त मंत्रालय (भारत) के अधीन राजस्व विभाग के अन्तर्गत्त कार्यरत है। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न प्रत्यक्ष कर एवं अप्रत्यक्ष करों का संग्रह क केन्द्र सरकार को उपलब्ध कराना है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) भारत में मोटी कमाई कर रही अमेजॉन, ऊबर, जैसी विदेशी कंपनियों की कमाई पर ज्यादा टैक्स लगाने की तैयारी में है। ये कंपनियां भारत से कमाई तो खूब करती हैं लेकिन यहां पर मुनाफा बहुत कम दिखाती हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में राजस्व बढ़ाने के लिए सभी प्रभावी कदम उठाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा है कि कर चोरी रोकने के लिए तकनीक का प्रयोग किया जाए। उत्तर प्रदेश में देश के सबसे ज्यादा उपभोक्ता मौजूद हैं। ऐसे में जीएसटी का सर्वाधिक संकलन यहां पर होना चाहिए।

वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) चोरी के करीब 20 करोड़ रुपये के मामले में प्रदेश वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) विभाग की जांच के घेरे में एक कर सलाहकार आ गया।

देहरादून। उत्तराखंड में सालाना दस हजार करोड़ रुपए की सालाना कर चोरी से जुड़ा मामला एक बार फिर उठा है और दोषी अफसरों ने न केवल बेनामी संपत्ति जुटाई है, बल्कि इन पर कर चोरी में मददगार बनने के भी आरोप हैं। जबकि राज्य के वाणिज्य कर, आबकारी व पेयजल मंत्री प्रकाश पंत का दावा है कि …

देश की कर व्यवस्था सवालों के घेरे में है, क्योंकि वातानुकूलित (एसी) रेस्टोरेंट में खाना खाएं और चाहे अपना भविष्य संवारने के लिए छात्र प्राइवेट कोचिंग या ट्यूशन पढ़ें, दोनों पर लगने वाला केंद्रीय सेवा कर (सर्विस टैक्स) अब जीएसटी जैसा है।

भारत में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद दुनिया के बाज़ार अपनी-अपनी समीक्षा करने में जुट गए हैं। विश्व बाज़ार के जानकारों का मानना है कि भारत का यह कदम चीन के लिए जैसा है। इस जीएसटी के बाद भारत में चीन का व्यवसाय काफी प्रभावित होगा और चीनी माल की खपत बहुत नीचे आ जाएगी।

देश में ‘एक देश एक टैक्स’ वाली व्यवस्था गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) लागू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे गुड एंड सिंपल टैक्स बताया है। जीएसटी को देश के इन-

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से आम उपभोक्ता को फायदा होगा, क्योंकि उसे कम टैक्स चुकाने होंगे, लेकिन इसे लागू करने के शुरुआती दौर में 'कुछ भ्रम और बर्बादी' की स्थिति पैदा हो सकती है।