tax

टैक्स को लेकर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आयकर व्यवस्था में 127 प्रकार की छूट है। ऐसे में कोई कर्मचारी नौकरी करेगा या यह देखेगा कि टैक्स बचाने के लिए कहां निवेश करें। इसलिए आयकर घटाकर छूट खत्म करने की व्यवस्था की गई है।

दुनिया में कई देश हैं,जहां अजीबो गरीब टैक्स देने पड़ते हैं, जिसे जान आपके होश उड़ जायेंगे। सेक्स से लेकर मोटापे तक टैक्स देना पड़े तो कोई भी हैरान हो जाए।

कालाधन को लेकर मोदी सरकार ने सख्त रूप अपनाया हुआ है। अब इस मामले में सरकार को बड़ी सफलता मिला है। भारत और स्विट्जरलैंड के टैक्स अधिकारियों ने ऐसे ट्रस्टों की पहचान की है।

हाल ही में जीएसटी काउंसिल की 38वीं बैठक हुई, इसमें राज्यों और निजी क्षेत्र की लॅाटरी के लिए 28 फीसदी की दर से जीएसटी लगाने का फैसला लिया गया। वहीं अब लॅाटरी की नई दरें मार्च 2020 से लागू होंगी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाणिज्य कर विभाग को विशेष अभियान चलाकर व्यापारियों के पंजीकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर, 2019 तक 25 लाख व्यापारियों के पंजीकरण का लक्ष्य सुनिश्चित किया जाए।

टास्क फोर्स की सिफारिश के मुताबिक 5 लाख रुपये से ज्यादा सालाना आमदनी हो जाए 10 लाख रुपये तक की आमदनी पर 10 फीसदी का टैक्स और 10 लाख रुपये से 20 लाख रुपये तक की आमदनी पर 20 फीसदी और 20 लाख रुपये से 2 करोड़ रुपये तक की आमदनी पर 30 फीसदी का टैक्स लें।

भारत सरकार की भारतीय सिविल सेवा के अन्तर्गत्त राजस्व सेवा है। यह सेवा वित्त मंत्रालय (भारत) के अधीन राजस्व विभाग के अन्तर्गत्त कार्यरत है। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न प्रत्यक्ष कर एवं अप्रत्यक्ष करों का संग्रह क केन्द्र सरकार को उपलब्ध कराना है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) भारत में मोटी कमाई कर रही अमेजॉन, ऊबर, जैसी विदेशी कंपनियों की कमाई पर ज्यादा टैक्स लगाने की तैयारी में है। ये कंपनियां भारत से कमाई तो खूब करती हैं लेकिन यहां पर मुनाफा बहुत कम दिखाती हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में राजस्व बढ़ाने के लिए सभी प्रभावी कदम उठाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा है कि कर चोरी रोकने के लिए तकनीक का प्रयोग किया जाए। उत्तर प्रदेश में देश के सबसे ज्यादा उपभोक्ता मौजूद हैं। ऐसे में जीएसटी का सर्वाधिक संकलन यहां पर होना चाहिए।

वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) चोरी के करीब 20 करोड़ रुपये के मामले में प्रदेश वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) विभाग की जांच के घेरे में एक कर सलाहकार आ गया।