temple

जनपद औरैया अपने आप में एक इतिहास भी समेटे हुए है। यहां पर दुर्दांत दस्युओं के अलावा कई ऐसी कहानियां भी हैं जो आज भी प्रचलित होती दिखाई दे रही हैं।

सावन का महीना शुरू हो चुका है। सावन माह भगवान शंकर अति प्रिय महीना है। इस महीने  में की गई अराधना से भगवान शंकर बेहद ही प्रसन्न होते हैं। इस दौरान जो भी मांगा जाए, वह भगवान शंकर देते हैं। हम आपको एक खास बात यहां बताना चाहते हैं कि कुछ महिलाएं और पुरुष जब मंदिर में जाते हैं

भगवान की पूजा हर घर में की जाती है, लोग अपने घर में भगवान को एक खास जगह देते है और उसी जगह पर रोज़ाना उनकी पूजा पाठ की जाती है,एक तरह से माना जाये तो ये स्थान हमारे घर में एक मंदिर के रूप में रहता है।मंदिर चाहे छोटा हो या बड़ा, उसका वास्तु के अनुसार ही होना शुभ माना जाता है।

ओडिशा एक ऐसी घटना हुई है जिसके बाद लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। यहां नदी में 500 साल पुराना भगवान विष्णु मंदिर दिखने लगा है। ओडिशा के नयागढ़ जिले में महानदी में 500 साल पुराने गोपीनाथ मंदिर(भगवान विष्णु) के अवशेष दिखाई दिए हैं।

आज से देश के लगभग सभी राज्यों में ये छूट दे दी गयी। हालाँकि कई राज्यों के कुछ मंदिरों को अभी भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

राजस्थान में मंदिरों के खुलने का इंतजार कर रहे लोगों को झटका लगा है। प्रदेश में 8 जून से धार्मिक स्थान नहीं खुलेंगे। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण राजस्थान सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है।

हिंदू मान्यता के अनुसार मंदिर दर्शन के लिए जाने वाले हर दर्शनार्थी को परिक्रमा जरूर करना चाहिए। दरअसल, भगवान की परिक्रमा का धार्मिक महत्व तो है ही, विद्वानों का मत है भगवान की परिक्रमा से अक्षय पुण्य मिलता है, सुरक्षा प्राप्त होती है और पापों का नाश होता है।

अमृतसर में स्थित दुर्ग्‍याणा मंदिर स्थित शीतला माता मंदिर की महिमा जग प्रसिद्ध है। नवरात्र के दिनों में यहां 24 घंटे भक्‍तों का तांता लगा रहता है

चीन सहित दुनिया के 114 देशों में कोरोना वायरस (कोविड-19) फैल चुका है। 1,18,000 से ज्यादा लोग संक्रमित हो गए है। वहीं इस वायरस की वजह से 4,291 लोगों ने अपनी जान गवा दी है। भारत ने कोरोना वायरस के 60 मामले सामने आ चुके है।

सुनने में अटपटा लगेगा, लेकिन है सौ फीसदी सच। भारत में एक ऐसी जगह जहां भिखारी रविवार को वीक-ऑफ लेते हैं। भीख से होने वाली कमाई के बारे में जानकर आप हैरान हो जायेंगे।