united nations

संयुक्त राष्ट्र की विफलता का कोई एक कारण नहीं है बल्कि ये लीडरशिप, प्रबंधन और अनुशासन की भरी कमी और व्यापक अक्षमता से उपजी वजहें हैं।

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां विभिन्न देशों में राहत और सहायता कार्यों के लिए काम करतीं हैं लेकिन इसके आड़ में तमाम गलत काम भी होते हैं. इसका सबसे बड़ा उदहारण अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ कांगो है.

संयुक्त राष्ट्र में व्याप्त भ्रष्टाचार का एक बड़ा उदहारण है आयल फॉर फ़ूड प्रोग्राम यानी तेल के बदले अनाज कार्यक्रम। इराक की जनता की मदद के लिए 6 साल तक चलाये गए प्रोग्राम में 64 बिलियन डालर का हेरफेर हुआ था। इस घोटाले के तार संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफी अन्नान और बौत्रोस बौत्रोस घाली तक जुड़े हुए थे।

अमेरिका पहले कई बार कह चुका है कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद राजनीति का अड्डा बन कर रह गया है। ये बात सच है क्योंकि मानवाधिकार परिषद ने विश्व के सबसे जुल्मी शासनों की निंदा करने की बजाये उनको संरक्षण ही दिया है।

यूएन को योगदान करने वाले सदस्य देशों में भारत 21 वां सबसे बड़ा योगदानकर्ता देश है। 2017 में भारत ने 18.58 मिलियन डालर का अनिवार्य योगदान दिया था। 2019 के लिए भारत का अनिवार्य शेयर 25.50 मिलियन डालर बना लेकिन इसमें 2.3 मिलियन डालर आयकर छूट मिल गयी।

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) का 75वां सत्र हो रहा है, जिसमे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयक्त राष्ट्र की आम सभा को संबोधित कर रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) का 75वां सत्र हो रहा है, जिसमे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयक्त राष्ट्र की आम सभा को संबोधित कर रहे हैं।

देश के लिए पाकिस्तान अक्सर नए-नए हथकंडे अपनाता रहता है। इस बार भी पाकिस्तान की योजना नाकाम होती दिखाई दे रही है। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में कश्मीर मुद्दे को उठाते हुए पाकिस्तान अब खुद ही आतंकवाद और टेरर फंडिंग के मामले में घिरता हुआ दिखाई दे रहा है।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (ओएचसीएचआर) की रिपोर्ट में हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ है। इस रिपोर्ट में डेमोक्रेटिक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (उत्तर कोरिया) छोड़कर जाने वाली और फिर देश को लौटने के लिये मजबूर की गईं महिलाओं की दिल दहला देने वाली जानकारी सामने आई है।

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट ने देश को हैरान-परेशान करके रख दिया है। ये रिपोर्ट आतंकवाद को लेकर है। इसमें केरल और कर्नाटक में ISIS आतंकवादियों को लेकर जानकारी दी है।