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चायवाला बना हीरो: पूरी दुनिया कर रही इसे सलाम, कोरोना में किया ऐसा काम

अब्दुल रज्जाक एक चायवाले हैं। जो लोगों के लिए मसीहा बन कर आए हैं। रज्जाक इन दिनों कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों का अंतिम संस्कार करवाने का काम कर रहे हैं।

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ShreyaBy Shreya

Published on 21 Aug 2020 11:56 AM GMT

चायवाला बना हीरो: पूरी दुनिया कर रही इसे सलाम, कोरोना में किया ऐसा काम
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Abdul Razzaq Viral Video
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नई दिल्ली: भारत में तेजी से कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। इस महामारी ने लोगों के बीच मानो जैसी दूरियां सी पैदा कर दी हों। ये दूरियां इतनी बढ़ चुकी है कि किसी कोरोना मरीज के मरने पर कई परिवार वाले अपने सगे-संबंधियों तक का अंतिम संस्कार कराने में कतरा रहे हैं। लेकिन इस बीच अब्दुल रज्जाक ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। जी हां, अब्दुल रज्जाक एक चायवाले हैं। जो लोगों के लिए मसीहा बन कर आए हैं। रज्जाक इन दिनों कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों का अंतिम संस्कार करवाने का काम कर रहे हैं।

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सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा रज्जाक का वीडियो

रज्जाक का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें उन्हें एक बच्ची का शव हाथों में उठाए देखा जा सकता है। रज्जाक बच्ची को अपने हाथों में उठाकर अंतिम संस्कार के लिए ले जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये वीडियो बेंगलुरु के सेंट जोंस अस्पताल का बताया जा रहा है। ये बच्ची पश्चिम बंगाल में रहती थी। बच्ची को किडनी में समस्या होने के चलते सेंट जोंस अस्पातल में भर्ती कराया गया था। लेकिन जांच के दौरान पता चला कि बच्ची कोरोना पॉजिटिव है। बच्ची ने इलाज के दौरान अपना दम तोड़ दिया।

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अंतिम संस्कार करने में डर रहे थे परिजन

बच्ची की मौत के बाद अस्पताल की तरफ से परिजनों को बच्ची का शव ले जाने के लिए कहा गया था, लेकिन वह डर रहे थे। अब्दुल रज्जाक ने बताया कि उन्हें वॉलंटियर ग्रुप की तरफ से कॉल आया तो वो अस्पताल गए। उन्होंने शव को उठाया और एंबुलेंस में डालकर बच्ची का शव अंतिम संस्कार करने के लिए ले गए। हालांकि इस दौरान बच्ची के परिजन भी रज्जाक के साथ थे।



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कॉल आने पर मदद के लिए तुरंत पहुंचते हैं रज्जाक

बता दें कि रज्जाक मर्सी एंगल नाम की एक संस्था से जुड़े हुए हैं। अब्दुल रज्जाक कन्नूर के रहने वाले हैं, जिनकी फ्रेजर टाउन में चाय की दुकान है। उन्होंने कहा कि बीते कुछ महीने से लोग इस महाबीमारी का सामना कर रहे हैं। इस वायरस के डर के चलते लोग अपने परिजनों के शव भी ले जाने से डर रहे हैं। रज्जाक ने बताया कि उन्हें जब भी कॉल आती है तो वो दुकान बंद करके लोगों की मदद करने के लिए आते हैं।

अंतिम संस्कार करके नहा-धोकर फिर अपने काम पर वापस लौट आते हैं। वहीं लोग अब्दुल रज्जाक की इस वीडियो को सलाम कर रहे हैं।

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