Top

मोदी-ट्रंप की यारी: एक मछुआरे का बेटा-दूसरा चाय वाला, दोनों में ये समानताएं

मोदी और ट्रंप, दो देशों के शीर्ष नेताओं की दोस्ती पर पूरी दुनिया की नजर है, लेकिन क्या आपको पता है कि इन दोनों दोस्तों के बीच क्या समानताएं हैं।

Shivani Awasthi

Shivani AwasthiBy Shivani Awasthi

Published on 24 Feb 2020 9:36 AM GMT

मोदी-ट्रंप की यारी: एक मछुआरे का बेटा-दूसरा चाय वाला, दोनों में ये समानताएं
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार को भारत दौरे पर हैं। इस मौके पर अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में 'नमस्ते ट्रंप' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहां प्रधानमन्त्री मोदी ने प्रेसिडेंट ट्रंप का स्वागत कर उनकी जमकर तारीख की, वहीं ट्रंप ने भी पीएम मोदी के गुणगान में कोई कमी नहीं छोड़ी। दो अलग अलग देशों के शीर्ष नेताओं के बीच की दोस्ती पर पूरी दुनिया की नजर है। लेकिन क्या आपको पता है कि एक दूसरे को दोस्त कहने वाले दोनों नेताओं के बीच क्या समानताएं हैं। एक मशहूर बिजनेस टाईकून हैं, तो दूसरा एक दौर में चाय बेचने वाला एक आम नागरिक। फिर भी कुछ ऐसा है जो दोनों को एक जैसा बनाता है।

ट्रंप और मोदी में समानताएं:

पीएम मोदी हो या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, दोनों ही अपने देश के राष्ट्रवाद के संरक्षक है। दोनों नेताओं ने राष्ट्रवादी और संरक्षणवादी आंदोलन को प्रमोट किया।

दोनों ही नेताओं ने अपने अपने देश के विकास को लेकर एक नारा दिया। एक ओर पीएम मोदी 'मेक इन इंडिया' की बात करते हैं, तो वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने 'अमेरिका फर्स्ट' की पहल की।

मोदी और ट्रंप दोनों ही विश्व के दो बड़े और शक्तिशाली लोकतांत्रिक देशों का नेतृत्व करते हैं।

ये भी पढ़ें: मोटेरा स्टेडियम को ही क्यों चुना गया ट्रंप के कार्यक्रम के लिए? यहां जानें

जानकारी के मुताबिक दोनों नेता रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर मेसियस बोलसोनारो के साथ दुनिया के शक्तिशाली राष्ट्राध्यक्षों में भी शामिल हैं।

ट्रंप ने पीएम मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम का आयोजन किया था तो वहीं भारत में ट्रंप के लिए 'नमस्ते ट्रंप' का आयोजित किया गया।

ये भी पढ़ें: नमस्ते ट्रंप: अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान को लगाई लताड़, जानें भाषण की बड़ी बातें

अगर दोनों के शुरूआती दिनों के बारे में बात करें तो पीएम मोदी की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। कहा जाता है कि राजनीति में आने से पहले वह चाय बेच कर अपना जीवनयापन करते थे। वहीं ट्रंप भले ही अब अरबपति हों लेकिन एक दौर ऐसा भी रहा, जब उनकी माँ लोगों के घरों में काम करती थी और पिता एक मछुआरे के तौर पर परिवार को संभालते थे।

ये हैं दोनों नेताओं में फर्क:

पीएम मोदी आरएसएस कार्यकता से भाजपा के सशक्त नेता के तौर पर सामने आये तो ट्रंप राजनीति में आने से पहले मशहूर बिजनेसमैन थे। राष्ट्रपति चुनाव लड़ने से पहले तक ट्रंप का कोई राजनीतिक बैकग्राउंड नहीं था।

कहा जाता है कि पीएम मोदी ट्रंप की तुलना में ज्यादा परंपरावादी नेता हैं।

ट्रंप और मोदी के बीच कश्मीर मुद्दे पर कुछ असमानताएं हैं। ट्रंप कई बार कश्मीर में मध्यस्थता की बात कह चुके हैं। हालांकि पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर हर बार यही जवाब दिया कि कश्मीर भारत का आंतरिक मसला है।

ये भी पढ़ें: इधर ट्रंप का भारत दौरा, उधर PM का इस्तीफा, कश्मीर-CAA पर बोलना पड़ा भारी

दोस्तों देश दुनिया की और खबरों को तेजी से जानने के लिए बनें रहें न्यूजट्रैक के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए @newstrack और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @newstrackmedia पर क्लिक करें।

Shivani Awasthi

Shivani Awasthi

Next Story