CISF एएसआई मर्डर केस: पिस्तौल लेकर भाग रहे दो आरोपी एनकाउंटर में घायल

उत्तर प्रदेश के जिला कानपुर में CISF के एएसआई हत्याकांड में फरार चल रहे दो आरोपी पुलिस एनकाउंटर में घायल हो गए। एनकाउंटर में दोनों आरोपी के पैर में गोली लगी है।

कानपुर: उत्तर प्रदेश के जिला कानपुर में CISF के एएसआई हत्याकांड में फरार चल रहे दो आरोपी पुलिस एनकाउंटर में घायल हो गए। एनकाउंटर में दोनों आरोपी के पैर में गोली लगी है। जिन्हें पुलिस ने इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कल्याणपुर में भर्ती कराया है। प्राथमिक इलाज के बाद पुलिस ने दोनों आरोपी को अपनी हिरासत में ले लिया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या के आरोपी मर्डर में इस्तेमाल किए हथियार को बरामद कराने के दौरान दरोगा से पिस्टल से छीनकर भागने लगे। इस दौरान उन्होंने पुलिस की टीम पर भी फायरिंग की थी।

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मामूली विवाद पर कर दिया एएसआई का मर्डर

गौरतलब है कि इन आरोपियों ने मामूली विवाद के चलते पनकी थाना क्षेत्र में CISF के एएसआई रामवीर का मर्डर कर दिया था। हत्यारोपी मोहन वर्मा और सौरभ सिंह ने ईट से सिर कूचकर CISF के एएसआई रामवीर की हत्या कर दी थी। एएसआई की हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों ने उनके शव को पनकी नहर के पास फेंक दिया और मौके से फरार हो गए।

पनकी पावर हाउस में तैनात थे एएसआई रामवीर

CISF के एएसआई रामवीर पनकी पावर हाउस में तैनात थे। रामवीर मूल रूप से मैनपुरी के रहने वाले थे। एएसआई का गाड़ी में टक्कर लगने के चलते मोहन वर्मा और सौरभ से झगड़ा हो गया था। मामूली विवाद के बाद नशे में धुत मोहन और सौरभ ने रामवीर की ईट से सिर कूचकर हत्या कर दी। उनकी काली स्कॉर्पियो कार लूट कर फरार हो गए।

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लाश फेंकते वक्त स्थानीय लोगों की पड़ी नजर

जब दोनों आरोपी नहर में एएसआई की लाश फेंक रह थे तो उस वक्त स्थानीय लोगों ने दोनों को देखा था। जिसके बाद उन्होंने पुलिस को इस मामले की सूचना दी। जिसके बाद पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई। इसके बाद से शहर में सघन अभियान चलाया गया। पुलिस ने शिवराजपुर थाना क्षेत्र में स्कार्पियो रोककर दोनों को हिरासत में ले लिया।

दरोगा की पिस्टल छीन भागने लगे, की फायरिंग

जिसके बाद दोनों आरोपियों को पनकी पुलिस के सौंप दिया गया। देर रात तक चली पूछताछ के बाद पुलिस दोनों को आला कत्ल की बरामदगी के लिए घटनास्थल पर लेकर गई। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान उन्होंने एक दरोगा की पिस्टल छीन ली और भागने की कोशिश करने लगे। जब पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने फायरिंग की जिसमें दोनों के पैर में गोली लग गई और दोनों घायल हो गए।

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रामवीर की स्कार्पियो को मारी थी टक्कर

इस मामले में एसएसपी अनंत देव तिवारी ने बताया कि मोहन और सौरभ की कार ने एएसआई रामवीर की स्कार्पियो को टक्कर मार दी और वह भाग निकले। जिन्हें जब एएसआई ने आगे जाकर रोका तो नशे में धुत मोहन और सौरभ ने उन पर हमला कर दिया और मौत के घाट उतार दिया। वह दोनों अपनी कार को वहीं छोड़ गए और एएसआई की स्कॉर्पियों को लेकर भाग निकले।

जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सुबह तकरीबन 5 बजे दोनों को आलाकत्ल बरामद ले गई तो दोनों दरोगा की पिस्टल छीनकर भागने लगे और जवाबी कार्रवाई में गोली उनके पैर पर लगी।

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