रोजगार के लिए मिलेगा लोन, अब आपको करना होगा सिर्फ ये काम

जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुये बताया कि यह योजना पूर्ण रूप से आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित केन्द्रीय क्षेत्र की योजना है

Published by Ashiki Patel Published: June 20, 2020 | 11:27 pm
Modified: June 20, 2020 | 11:30 pm

मीरजापुर: शहरी पथ विक्रताओं को आत्म निर्भर बनाने एवं उनके द्वारा अपना कार्य फिर से प्रारम्भ किये जाने हेतु भारत सरकार द्वारा आर्थिक पैकेज के रूप में आसान ऋण सुविधा के द्वारा कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराये जाने के लिये प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेन्डर्स आत्मनिर्भर निधि योजना का आरम्भ्र किया गया है। उक्त योजना को मूर्तरूप देने के लिये आज जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल नें कलेक्ट्रेट में सम्बंधित अधिकारी के साथ बैठक आयोजित की।

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मासिक किस्तों में करना होगा वापस

बैठक में जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुये बताया कि यह योजना पूर्ण रूप से आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित केन्द्रीय क्षेत्र की योजना है। जिसके द्वारा पात्र पथ विक्रताओं को दस हजार रूपये की कार्यशील पूजी ब्याज अनुदान अधारित आसान ऋण उपलब्ध करायी जानी है। उन्होंने बताया कि इसके अन्तर्गत न केवल रोजमर्रा के प्रयोग में आने वाली सामग्री जैसे दूध, ब्रेड, फल, सब्जी आदि के अलावा बाल काटने, कपडे सिलने, जूते चप्पल का मरम्मत कार्य, लाड्रीय कार्य सहित अनेक आवश्यक वस्तुओं को शहरी निवासियों के द्वार तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उन्हें इस योजनान्तर्गत लाभान्तित किये जाने का प्रावधान है।

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योजनान्तर्गत ऐसे पथ विक्रता जिनके द्वारा 24 मार्च से पूर्व विक्रय की गतिविधियां की जाती रही है और जिनकों नगर निकाय के द्वारा विक्रय प्रमाण पत्र एवं पहचान पत्र जारी किए गये हैं। यह भी बताया गया जो कि सर्वे के माध्यम से चिन्हित किए गये हैं परन्तु उनको विक्रय प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किये गए हैं। ऐसे पथ विक्रताओं को नगर निकाय द्वारा चिहिन्त कर अपने-अपने क्षेत्रों में तत्काल प्रमाण पत्र निर्गत कर उन्हें योजना के बारे में जानकारी दी जाय तथा इच्छुक पथ विक्रताओं से आवेदन कर सकते हैं। बताया गया कि योजनान्तर्गत् शहरी पथ विक्रता एक वर्ष की अवधि के लिये दस हजार तक के कार्यकारी पुजी ऋण प्राप्त करने और ऋण वापसी मासिक किस्तों में करने के पात्र होगें।

इस ऋण के लिये कोई सिक्योरिटी नहीं लिया जाएगा। समय पर या या जल्द ऋण वापसी करने पर विक्रेता सम्बंधित सीमा वाले अगले कार्यकारी पूंजी ऋण के पात्र होगें। निधारित तिथि से पूर्व ऋण वापसी करने पर विक्रताओं पर कोई पूर्व भुगतान जुर्माना नहीं लगाया जाएगा।

28 व 29 जून को जमा होंगे फार्म

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी ईओ नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी अपने क्षेत्र के पथ विक्रताअें जिनका प्रमाण पत्र!परिचय पत्र निर्गत किया गया हो, उनमें से जो विक्रेता इच्छुक हो उनका आवेदन दिनांक 28 व 29 जून को अपने-अपने कार्यालय में जमा करवा लें ताकि उन्हें समय से ऋण मुहैया कराकर उन्हें आत्मनिभर बनाने की दिषा में कारगर कदम उठाया जा सके। आवेदन फार्म नगर पालिका कार्यलाय व डूडा कार्यालय मीरजापुर में भी जमा किया जा सकता है।

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आवास उपलब्ध कराये जाने पर भी की गयी चर्चा

बैठक में प्रवासी श्रमिकों के लिये भारत सरकार द्वारा नगर पालिकाओं के द्वारा किफायती दरों पर किराये पर आवास उपलब्ध कराये जाने पर भी चर्चा की गयी। इस दौरान योजना के बारे में जानकारी देत हुये जिलाधिकारी ने बताया कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान बडे पैमाने पर प्रवासी श्रमिकों शहरी गरीबों का पुनः अपने निवास स्थान वापस लौट रहे हैं, शहरी अर्थ व्यवस्था में श्रमिकों शहरी गरीबों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने बताया कि शहर में प्रवासी श्रमिकों शहरी निर्धनों हेतु नियोजित आवासीय परिसरों के अभाव में यह श्रमिक गलिन बस्तियों अनियोजित अवैध कालोनियों में रहने हेतु विवष होते हैं।

इन श्रमिकों को उनके कार्य स्थल के समीप सम्पूर्ण आवश्यक सुविधाओं से युक्त किफायती किराये पर आवास उपलब्ध कराये जाने के लिये भारत सरकार द्वारा अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग योजना प्रारम्भ की गयी है, योजना के क्रियान्वयन के लिये जिलाधिकारी ने सभी नगर पालिका के अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि अपने-अपने नगर पालिका के क्षेत्र में योजनान्तर्गत् आवास निर्माण के लिये मानक के अनुसार जमीन चिन्हित कर तत्काल सूची उपलब्ध करा दें ताकि उस पर अग्रेतर कार्यवाही की जा सके। बैठक में अपर जिलाधिकारी यूपी सिंह, उप जिला मजिस्ट्रेट सदर गौरव श्रीवास्तव, परियोजना अधिकारी डूडा प्रतिभा श्रीवास्तव, ईओ नगर पालिका, ओम प्रकाश, ईओ चुनार, अहरौरा विनय श्रीवास्तव व ईओ कछवा के अलावा अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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भूमि विवाद प्राथमिकता पर निस्तारण के निर्देश

जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल व पुलिस अक्षीक्षक डा धर्मवीर सिंह ने शनिवार को कलेक्ट्रेट में जनपद के कानून एवं शांति व्यवस्था तथा भूमि विवाद सम्बन्धी निस्तारण के प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित उप जिलाधिकारियो एव क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रा में भूमि विवाद सम्बंधी प्रकरण को राजस्व व पुलिस विभाग के अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर मामले का निस्तारण करें। इस दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था की समीक्षा की गयी। जिसमें गैगेस्टंर, जिला बदर, महिला उत्पीडन, सहित अन्य विषयों पर विस्तृत समीक्षा गयी।

रिपोर्ट: बृजेन्द्र दुबे

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