इतने कम परीक्षक आए तो हो चुका बोर्ड कॉपियों का मूल्यांकन

वैश्विक कोरोना महामारी की वजह से चल रहे देशव्यापी लॉकडाउन व माध्यमिक शिक्षक संघ के विरोध के बावजूद ऑरेंज जोन में शामिल उत्तर प्रदेश के कन्नौज…

Published by Ashiki Patel Published: May 12, 2020 | 10:36 pm
Modified: May 12, 2020 | 10:49 pm

कन्नौज: वैश्विक कोरोना महामारी की वजह से चल रहे देशव्यापी लॉकडाउन व माध्यमिक शिक्षक संघ के विरोध के बावजूद ऑरेंज जोन में शामिल उत्तर प्रदेश के कन्नौज में यूपी बोर्ड परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन शुरू हो गया। पहले दिन डिप्टी हेड और परीक्षक की संख्या 10 फीसदी से भी कम रही। इतना ही नहीं फिजिकल डिस्टेंसिंग के हिसाब से भी परीक्षक 30 फीसदी हाजिर नहीं हुए।

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डीआईओएस ने किया निरीक्षण

कन्नौज शहर के दोनों केंद्रों पर कुल 158 परीक्षकों ने पहले दिन 5823 कॉपियां जांची। संयुक्त शिक्षा निदेशक कानपुर मंडल ने भी मूल्यांकन केंद्रों का निरीक्षण किया। डीआईओएस राजेंद्र बाबू ने बताया कि संयुक्त शिक्षा निदेशक कानपुर मंडल केके गुप्त ने शहर के एसबीएस इंटर कॉलेज व केके इंटर कॉलेज दोनों ही मूल्यांकन केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नियमों के हिसाब से मूल्यांकन की व्यवस्था चाकचौबंद पाई।

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सभी कमरों को किया गया सेनेटाइज

डीआईओएस का कहना है कि कोरोना महामारी से बचने और लॉकडाउन का पालन करने वाली सारी व्यवस्थाएं ठीक मिलीं। वह भी केंद्रों पर काफी देर तक मौजूद रहे। यहां परीक्षकों के लिए साबुन, पीने का पानी, हैंडवाश आदि उपलब्ध था। दो-दो बार कापियां रखने वाले स्थान कोठार व मूल्यांकन केंद्रों के सभी कमरों को नगर पालिका परिषद कन्नौज के सहयोग से सेनेटाइज किया गया। डीआईओएस ने बताया कि सभी परीक्षकों को एक-एक मास्क, ग्लव्स व सेनेटाइजर की शीशी दी गई। दोनों ही केंद्रों पर डॉक्टरों की टीम ने परीक्षकों की थर्मल स्क्रीनिंग की। इससे सभी परीक्षक कोरोना से संक्रमित होने से बचेंगे

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पहले दिन दोनों केंद्रों पर इतने आए परीक्षक

डीआईओएस राजेन्द्र बाबू ने बताया कि शहर स्थित केके इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट की कॉपियां जांची गईं। यहां कुल आवंटित डिप्टी हेड और परीक्षक 586 हैं। फिजिकल डिस्टेंसिग के हिसाब से पहले दिन 225 बुलाए गए थे, जिसमें से सिर्फ 75 परीक्षक ही आए। हाईस्कूल की कॉपियों के मूल्यांकन केंद्र एसबीएस इंटर कॉलेज को बनाया गया है। यहां उपस्थिति संख्या काफी कम रही। मंगलवार को 83 परीक्षक ही आए, जबकि यहां 1206 परीक्षकों को एलॉट किया गया है। डीआईओएस ने बताया कि इस केंद्र पर 250 परीक्षकों को बुलाया गया था। एक दिन में इंटरमीडिएट की 3661 और हाईस्कूल की 2162 कॉपियां पहले दिन जांची गईं।

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सांसद ने मूल्यांकन केंद्रों पर बांटे सेनेटाइजर

भाजपा सांसद सुब्रत पाठक और जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत ने मंगलवार को दोपहर मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंचकर परीक्षकों को सेनेटाइजर की शीशियां बांटीं। एफएफडीसी कन्नौज की ओर से तैयार की गई 40 रुपए प्रिंट की 200 एमएल की शीशी डिप्टी हेड व परीक्षकों को दी गईं। साथ में ग्लव्स भी बांटे गए। उससे पहले परीक्षकों को कक्षों से बाहर निकाला गया और फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए शीशियां बांटी गईं।

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प्राइवेट स्कूलों के शिक्षक अधिक

मूल्यांकन में लगाये गए शिक्षकों में जो पहले दिन आये थे, उसमें स्ववित्तपोषित स्कूलों के टीचर अधिक थे। सहायता प्राप्त कालेजों के टीचरों का अभाव था। बताया गया है कि सरकारी टीचर बाहर के हैं, इसलिए नहीं आये। साथ ही शिक्षक संघ विरोध भी कर रहा है। निम्न और मध्यम वर्ग के लोग ही निजी स्कूलों में अधिक पढ़ाते हैं। उनको रुपयों की अधिक जरूरत होती है, इसलिए ऐसे शिक्षक अधिक आये।

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पहले पांच मई से होना था मूल्यांकन

साथ ही लॉकडाउन भी चल रहा है तो कमाई के सारे साधन अब तक बन्द ही हैं। उधर डीआईओएस का कहना है कि पहले दिन की वजह से परीक्षकों की संख्या कम रही है, आगे से बढ़ जाएगी। बताते चलें कि पहले पांच मई से मूल्यांकन होना था, लेकिन कन्नौज के ऑरेंज जोन में होने की वजह से मूल्यांकन का कार्य शुरू नहीं किया गया।

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मांग है कि जुलाई-अगस्त में कॉपियों की जंचाई

प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने सूबे के सभी ऑरेंज जोन में मूल्यांकन शुरू करने के आदेश दिए थे। जबकि माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट शुरू से ही विरोध कर रहा है। प्रदेश मंत्री श्रीकृष्ण यादव सीबीएसई की तरह जुलाई और अगस्त में कापियां जांचने की मांग करते आ रहे हैं।

रिपोर्ट: अजय मिश्र