जानिए क्यों ऑस्ट्रेलिया के अखबारों ने काला किया फ्रंट पेज, TV पर चल रहे ये विज्ञापन

ऑस्‍ट्रेलिया के अखबारों ने फ्रंट पेज को खाली छोड़ दिया और उसे काला कर दिया है। ऑस्‍ट्रेलियाई अखबारों ने प्रेस की स्‍वतंत्रता पर बंदिशों का लेकर इस तरह से अपना विरोध जताया है।

नई दिल्ली: ऑस्‍ट्रेलिया के अखबारों ने फ्रंट पेज को खाली छोड़ दिया और उसे काला कर दिया है। ऑस्‍ट्रेलियाई अखबारों ने प्रेस की स्‍वतंत्रता पर बंदिशों का लेकर इस तरह से अपना विरोध जताया है।

पत्रकारों ने कहा कि सरकार द्वारा उठाए रहे कदमों से रिपोर्टिंग में बाधा उत्पन्न हो रही है। अखबार के पहले पन्ने पर सिर्फ इतना लिखा गया है कि ”जब सरकार आपसे सच दूर रखती हो, वे क्या कवर करेंगे?”

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The Australian, The Sydney Morning Herald, The Daily Telegraph और Australian Financial Review जैसे बड़े अखबारों ने एकता दिखाते हुए फ्रंट पेज को काला किया है।

ऑस्‍ट्रेलिया के सभी टीवी चैनलों पर विज्ञापन चलाए जा रहे हैं और लोगों से सवाल पूछा जा रहा है कि ”जब सरकार आपसे सच छिपाती है तो वह किस चीज की लीपापोती कर रही है?”

अखबारों के इस कदम पर वहां की सरकार ने कहा कि वह प्रेस की स्वतंत्रता का समर्थन करती है, लेकिन कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।

 

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बता दें कि हाल ही में फेडरल पुलिस ने नेशनल ब्रॉडकास्‍टर ABC और न्‍यूजकॉर्प की पत्रकार एन्निका स्‍मेथर्स्‍ट के घर पर छापा मारा था। यह दो खबरों के लिए की कार्रवाई की गई थी जिसमें सरकार के खिलाफ लिखा गया था। छापेमारी के बाद तीन पत्रकारों पर आपराधिक केस दर्ज किए गए थे।

स्‍मेथर्स्‍ट ने खबर प्रकाशित की थी कि सरकार ऑस्‍ट्रेलियाई नागरिकों की जासूसी करने की तैयारी कर रही है। तो वहीं ABC ने अफगानिस्‍तान में ऑस्‍ट्रेलिया की स्‍पेशल फोर्सेज के कथित वार क्राइम्‍स के बार में कई खुलासे किए थे।

मीडिया संगठनों ने कहा है कि व्हिसलब्लोअर्स ने एक सूचना दी थी, इसी को छापे जाने की वजह से मीडिया संस्थानों पर हमला किया जा रहा है।

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न्यूज कॉर्प ऑस्ट्रेलिया के कार्यकारी चेयरमैन माइकल मिलर ने ब्लैक आउट न्यूज पेपर की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। इसके साथ ही उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वह सरकार से पूछें कि वे मुझसे क्या छिपाने की कोशिश कर रहे है?”

अखबारों ने यह विरोध राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों के खिलाफ है जिसकी वजह से रिपोर्टिंग में बाधा उत्पन्न हो रही है।  जनता का जानने का अधिकार खत्म हो गया है।

प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि प्रेस स्वतंत्रता ऑस्ट्रेलिया के लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन कानून से ऊपर कोई नहीं है।