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लाखों में1 लीटर खून: बिक रहा अब इंटरनेट पर, आप भी सोच में पड़ जाएंगे

ANU की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कोरोना बीमारी से रिकवर हो चुके मरीजों का खून अवैध तरीके से इंटरनेट पर बेचा जा रहा है। कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों के खून को डार्कनेट पर कोरोना के इलाज और वैक्सीन के नाम पर बेचा जा रहा है।

Shreya
Updated on: 2 May 2020 6:13 AM GMT
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नई दिल्ली: इस वक्त पूरी दुनिया कोरोना वायरस के संकट से जूझ रही है। इस बीच खबर सामने आ रही है कि कोरोना बीमारी से रिकवर हो चुके मरीजों का खून अवैध तरीके से इंटरनेट पर बेचा जा रहा है। कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों के खून को डार्कनेट पर कोरोना के इलाज और वैक्सीन के नाम पर बेचा जा रहा है। इस बात का खुलासा ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी (ANU) की रिपोर्ट में हुआ है। डार्कनेट पर सेलर अलग-अलग देशों से शिपिंग करके विदेशों में खून की डिलीवरी करा रहे हैं।

एक लीटर खून के लिए वसूले जा रहे 10 लाख रूपये

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, सेलर जिंदगीभर के लिए कोरोना से इम्यून बनाने के दावे के साथ कोरोना मरीजों के खून को लाख-लाख रुपये में बेच चरहे हैं। एक लीटर खून के लिए 10 लाख रूपये की वसूली की जा रही है।

ऊंचे दामों पर बेचे जा रहे हैं सामान

ना केवल ब्लड बल्कि अवैध रूप से पीपीई, मास्क, टेस्ट किट समेट कई सामान भी ऊंचे दामों के साथ बेचे जा रहे हैं। ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी (ANU) की रिपोर्ट के मुताबिक, तकरीबन 12 डार्कनेट मार्केट पर इन सामानों की बिक्री हो रही है।

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अलग-अलग देशों में डिलवरी का भी दावा

डार्कनेट पर सेलर दुनियाभर में कोरोना का इलाज कर रहे डॉक्टर्स द्वारा पीपीई और अन्य सामान हासिल किए जाने का दावा कर रहे हैं। सेलर अलग-अलग देशों में इन सामानों की डिलवरी भी करने को तैयार हैं। ज्यादातर प्रोडक्ट अमेरिका, जबकि कुछ सामान यूरोप, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया से शिपिंग के लिए मौजूद थे।

प्लाज्मा थेरेपी

दरअसल, हाल ही में कोरोना बीमारी से रिकवर हो चुके मरीजों के प्लाज्मा से कोरोना के इलाज से जुड़ी कुछ रिपोर्ट्स सामने आई हैं। लेकिन प्लामा थेरपी से भी खतरे हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि इस थेरपी से जान तक जा सकती है। फिलहाल डॉक्टर एक्सपेरिमेंट के तौर पर कुछ खास परिस्थिति में ही प्लाज्मा थेरेपी को आजमा रहे हैं।

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बढ़ रही अवैध तरीके से कमाई करने की कोशिश

प्रमुख रिसर्चर रोड ब्रॉडहर्स्ट ने कहा कि कोरोना वायरस की इस महामारी के दौर में कुछ लोग अवैध तरीके से कमाई करने की कोशिश में लगे हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि आने वाले समय में यह बढ़ भी सकता है। इसलिए इसे बंद करने के लिए कड़ी मॉनिटरिंग की जरूरत है।

लोगों के स्वास्थ्य को हो सकता है खतरा

प्रमुख रिसर्चर रोड ब्रॉडहर्स्ट ने कहा कि हमने देखा कि डार्कनेट पर लोगों को असुरक्षित वैक्सीन और एंटीवायरल दवाइयां भी बेची जा रही हैं। यहां भारी मात्रा में पीपीई किट को भी बेचा जा रहा है, क्योंकि बाजार में पीपीई किट की कमी बनी हुई है। वहीं ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिमिनोलॉजी के डिप्टी डायरेक्टर रिक ब्राउन ने कहा कि इन चीजों की बिक्री से लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा है।

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