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नए देश की इंट्री! जल्द दिखेगा दुनिया के मानचित्र पर एक नया देश

बोगनविले रेफरेंडम (जनमत संग्रह) कमीशन के अध्यक्ष बर्टी अहर्न ने बुका (बोगनविल की राजधानी) में घोषणा की कि 1,81,067 में से 98% लोगों ने (1,76,928) आजादी के समर्थन में वोट दिया वहीं केवल 3,043 वोट पापुआ न्यू गिनी के साथ बने रहने के लिए दिए गए। एक हजार के करीब वोट निरस्त हो गए। इस द्वीप की कुल जनसंख्या 2.49 लाख की है।

SK Gautam
Updated on: 12 Dec 2019 2:44 PM GMT
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नई दिल्ली: प्रशांत महासागर में स्थित द्वीप बोगनविल पापुआ न्यूगिनी (पीएनजी) का हिस्सा है। पीएनजी से अलग होने को लेकर बोगनविल में 23 सितंबर से वोटिंग हो रही थी। बुधवार को आए नतीजे में यहां के लोगों ने पीएनजी से आजाद होने के समर्थन में भारी मतदान किया। लिहाजा बोगनविल दुनिया का सबसे नया देश बनने जा रहा है।

इस द्वीप की कुल जनसंख्या 2.49 लाख की है

बोगनविले रेफरेंडम (जनमत संग्रह) कमीशन के अध्यक्ष बर्टी अहर्न ने बुका (बोगनविल की राजधानी) में घोषणा की कि 1,81,067 में से 98% लोगों ने (1,76,928) आजादी के समर्थन में वोट दिया वहीं केवल 3,043 वोट पापुआ न्यू गिनी के साथ बने रहने के लिए दिए गए। एक हजार के करीब वोट निरस्त हो गए। इस द्वीप की कुल जनसंख्या 2.49 लाख की है।

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यह रेफरेंडम 20 साल से जारी उस शांति प्रक्रिया का हिस्सा है जो बोगेनविल और पापुआ न्यू गिनी के बीच चला खूनी गृह युद्ध 1998 में खत्म हो गया था, इस गृह युद्ध में 15,000 लोगों की जान चली गई थी।

मतदान का परिणाम आ चुका है

बोगनविल प्रशांत महासागर का एक द्वीप है, जो अब तक पापुआ न्यू गिनी (पीएनजी) का हिस्सा था। 23 नवंबर से शुरू हुए मतदान का बुधवार को परिणाम आया है। अब यह दुनिया का सबसे नया देश बनने जा रहा है।

हालांकि अब यह रेफरेंडम पापुआ न्यू गिनी की संसद में पेश होगा। जानकारी के अनुसार इसका विरोध भी हो सकता है। लेकिन लोगों के मतदान का दबाव पापुआ न्यू गिनी की संसद पर जरूर रहेगा।

अभी तक बोगनविले पापुआ न्यू गिनी का एक प्रांत था। फिर भी इसके लोग अपने आप को आजाद मानते थे। इसका नाम 18वीं शताब्दी के फ्रांसिसी खोजकर्ता के नाम पर रखा गया है।

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वैसे तो बोगनविले की आजादी की घोषणा पीएनजी के 1975 में आजाद होने से पहले ही हुई थी लेकिन पीएनजी और ऑस्ट्रेलिया ने इसे कभी आजाद नहीं माना था।

1980 के दशक में बोगनविले के लड़ाकों और पापुआ न्यू गिनी के बीच खूनी संघर्ष चलता रहा। इसमें करीब 20 हजार लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद सरकार ने मतदान का वाद किया था। जो अब जाकर पूरा हुआ है।

प्राकृतिक संपदा से भरपूर

बोगनविल में भरपूर प्राकृतिक संपदा पाई जाती है। यहां पाई जाने वाली सोने और तांबे की खदान से दशकों तक पापुआ न्यू गिनी बेहद समृद्ध रहा। यह द्वीप 9,318 किमी के दायरे में फैला हुआ है।

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क्यों हुआ 1980 के दशक में बोगनविल में संघर्ष

2001 में पीएनजी सरकार ने दशकों तक चलने वाले गृह युद्ध को खत्म करने के लिए एक शांति समझौते के रूप में मतदान का वादा किया था। 1980 के दशक में बोगनविल में हिंसा शुरू हुई। इसका कारण पंगुना में स्थित विशाल तांबे की खान थी। 1988 से लेकर 1998 तक करीब 10 साल तक बोगनविले लड़ाकों, पापुआ न्यूगिनी सेना और किराए पर लिए गए विदेशी सैनिकों के बीच युद्ध चलता रहा। इसमें करीब 20 हजार जान गई थीं।

SK Gautam

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