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तबाही का नया मंजर: चीन के बाद अमेरिका हुआ शिकार, पहले ही हो चुकी लाखों मौते

पूरी दुनिया में कोरोना वायरस ने तबाही फैलाई हुई है। ऐसे में दुनिया के लिए अब एक और बुरी खबर है। चीन में ब्यूबोनिक प्लेग पाया गया था, लेकिन अब अमेरिका के कोलोराडो में एक गिलहरी संक्रमित पाई गई है।

Newstrack
Published on: 15 July 2020 11:16 AM GMT
तबाही का नया मंजर: चीन के बाद अमेरिका हुआ शिकार, पहले ही हो चुकी लाखों मौते
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नई दिल्ली। पूरी दुनिया में कोरोना वायरस ने तबाही फैलाई हुई है। ऐसे में दुनिया के लिए अब एक और बुरी खबर है। चीन में ब्यूबोनिक प्लेग पाया गया था, लेकिन अब अमेरिका के कोलोराडो में एक गिलहरी संक्रमित पाई गई है।ऐसे में अमेरिकी वैज्ञानिकों को इस बात का डर सता रहा है कि चीन से आए कोरोना के बाद अब दोबारा चीन से आई ब्यूबोनिक प्लेग बीमारी न फैल जाए। एक संकट तो कम हो नहीं रहा, दूसरा पहले ही तैयार है।

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80,000 लोगों की मौत

चीन के आंतरिक मंगोलिया में लगभग 10 दिन पहले ब्यूबोनिक प्लेग फैलने की खबर आई थी। बता दें कि ब्यूबोनिक प्लेग ने दुनिया पर तीन बार हमला किया है। जिसमें पहली बार में 5 करोड़, दूसरी बार में यूरोप की एक तिहाई आबादी और तीसरी बार में 80,000 लोगों की मौत हो गई थी।

वहीं अब अमेरिका के कोलोराडो के मॉरिसन कस्बे में 11 जुलाई को एक गिलहरी ब्यूबोनिक प्लेग से संक्रमित मिली है। हालांकि प्रशासन ने लोगों को अलर्ट रहने को कहा है। इसके साथ ही घरों से चूहों, गिलहरियों और नेवलों से दूर रहने को कहा है।

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उंगलियां काली पड़कर सड़ने लगती

जानकारी के लिए बता दें, ब्यूबोनिक प्लेग चूहों में पाए जाने वाली बैक्टीरिया से फैलता है। इस बैक्टीरिया का नाम यर्सिनिया पेस्टिस बैक्टीरियम है। यह बैक्टीरिया शरीर के लिंफ नोड्स, खून और फेफड़ों पर हमला करता है। इससे उंगलियां काली पड़कर सड़ने लगती है। नाक के साथ भी ऐसा ही होता है।

साथ ही ब्यूबोनिक प्लेग को गिल्टीवाला प्लेग भी कहते हैं। इसमें शरीर में असहनीय दर्द, तेज बुखार होता है। नाड़ी तेज चलने लगती है। दो-तीन दिन में गिल्टियां निकलने लगती हैं। फिर 14 दिन में ये गिल्टियां पक जाती हैं। इसके बाद शरीर में जो दर्द होता है वो अंतहीन होता है।

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