मौतें ही मौतें: कोरोना से अमेरिका में मची तबाही,100 साल के इतिहास को छोड़ा पीछे

चीन से फैले कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में तबाही मचाकर रख दी है। इटली, ईरान और स्पेन के बाद अब अमेरिका में इस जानलेवा वायरस ने बड़ी तबाही मचाई है। अमेरिका में कोरोना वायरस ने 3,400 लोगों की जान ले ली है।

वॉशिंगटन: चीन से फैले कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में तबाही मचाकर रख दी है। इटली, ईरान और स्पेन के बाद अब अमेरिका में इस जानलेवा वायरस ने बड़ी तबाही मचाई है। अमेरिका में कोरोना वायरस ने 3,400 लोगों की जान ले ली है और 1.74 लाख लोग संक्रमित हैं।

कोरोना के केंद्र रहे चीन से भी ज्यादा अमेरिका में मौत हुई है। अब अगर हम अमेरिका के केवल 100 साल के इतिहास पर नजर डालें तो इस दौरान सबसे बड़ी मानवीय आपदाओं में से एक है।

मौत के इस आंकड़े को देखा जाए तो 2001 के 9/11 आतंकी हमले (2,996), 1906 के सैन फ्रांसिस्को भूकंप (3389) और 1989 के साइक्लोन (3,000) का भी पीछे छूट गया है जब करीब 3,000 के आसपास मौतें हुई थीं।

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9/11 के बाद सबसे ज्यादा मौतें

दुनियाभर में कोरोना वायरस के केस को ट्रैक करने वाली एजेंसियों के मुताबिक वर्तमान में अमेरिका में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 1,74,697 है। सबसे चौंकाे वाली रिपोर्ट यह है कि एक सप्ताह के भीतर ही अमेरिका में यह आंकड़ा 25 हजार से सीधे 1.7 लाख तक जा पहुंचा। अमेरिका के तटीय राज्यों में इन 100 सालों के भीतर कई बार बड़े तूफान आए हैं और कई बार जंगलों में आग लगी, लेकिन थनी मौतें नहीं हुईं। 9/11 की टना को अमेरिका समेत पूरी दुनिया भीषण त्रासदी के रूप में याद करती है ।

उस समय अमेरिका के चार यात्री विमानों को हाइजैक कर अलकायदा के आतंकियों ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के दो टावरों, और पेंटागन से टकरा दिया था। इस घटना में करीब 3 हजार लोगों की जान चली गई थी, तो वहीं अमेरिका को 10 अरब डॉलर का नुकसान भी हुआ था।

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बड़े नुकसान का अलर्ट

गौरतलब है कि अमेरिका में सोमवार को 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इस बीच अमेरिका के टॉप हेल्थ एक्सपर्ट ने ट्रप सरकार को चेतावनी दी है कि अमेरिका में एक लाख से अधिक लोगों की मौत हो सकती है। तो वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिगंटन स्कूल ऑफ मेडिसिन का अनुमान है कि 20 अप्रैल तक इस पश्चिमी देश में प्रतिदिन मरने वालों की संख्या बढ़कर 2000 हो जाएगी। यह अमेरिका को काफी परेशान करने वाला है।

अमेरिका अपनी बेहतरीन स्वास्थ्य सेवा के लिए दुनिया में मशहूर है, लेकिन अब अमेरिका पर स्वास्थ्य संकट गहरा गया है। पार्को और खेल के मैदानों में भी अस्थायी अस्पताल बनाए जा रहे हैं। वहीं, नौसेना ने भी न्यूयॉर्क पोर्ट पर अपने जहाजी अस्पताल को खड़ा कर दिया है जिसके पास 1,000 बेड की क्षमता है।

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लाॅकडाउन नहीं

अमेरिका में कोरोना से अभी सिर्फ मानवीय क्षति की खबरें सामने आ रही हैं। वहां के अर्थव्यवस्था के नुकसान का आकलन नहीं किया गया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच ने अमेरिका की स्थिर परिदृश्य के साथ AAA रेटिंग बरकरार रखी है, हालांकि साथ ही कहा है कि अगर कोरोना वायरस से अमेरिका का हालत बिगड़ती है तो रेटिंग पर असर पड़ेगा।