नई मुसीबत में फंसे डोनाल्‍ड ट्रंप, जानिए क्या है पूरा मामला

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने इस समय कई चुनौतिया हैं। अब उन पर एक नए मामले में भारी जुर्माना लगाया गया है। तो वहीं उन पर महाभियोग जांच में सुनवाई की तलवार लटक रही है।

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने इस समय कई चुनौतिया हैं। अब उन पर एक नए मामले में भारी जुर्माना लगाया गया है। तो वहीं उन पर महाभियोग जांच में सुनवाई की तलवार लटक रही है।

अमेरिका के एक जज ने डोनाल्ड ट्रंप पर 20 लाख डॉलर का जुर्माना ठोका है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति पर यह जुर्माना अपने एक धर्मार्थ संगठन के धन का दुरुपयोग के मामले में लगा है। ट्रंप पर आरोप है कि खुद के राजनीतिक एवं कारोबारी लाभ के लिए इस धन का दुरुपयोग किया है।

यह भी पढ़ें…SPG: सरकार ने क्यों लिया गांधी परिवार की सुरक्षा में कटौती का फैसला? यहां जानें

न्यूयॉर्क में जज सेलियन स्कारपुला ने राष्ट्रपति ट्रंप को यह रकम कई धर्मार्थ संगठनों को देने का आदेश दिया है। बता दें कि यह मुकदमा न्यूयॉर्क अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने दर्ज कराया था। इसमें ट्रंप फाउंडेशन की संपत्तियों के दुरुपयोग का आरोप है।

जज ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ट्रंप ने 2016 में आयोवा कॉकस की दावेदारी के लिए अनुदान जुटाने की खातिर चुनाव प्रचार में शामिल उनके कर्मियों को संस्था के साथ काम करने के लिए अनुचित तरीके से इजाजद दी थी।

यह भी पढ़ें…नोटबंदी के तीन साल! सड़क पर कांग्रेसी, राहुल ने कही ये बड़ी बात

फैसले में जज ने कहा कि चंदा जुटाने का यह कार्यक्रम कि ट्रंप के राजनीतिक अभियान को आगे बढ़ाने के मकसद से आयोजित किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप के खिलाफ महाभियोग जांच में अगले हफ्ते से खुली सुनवाई शुरू होगी।

यह भी पढ़ें…उद्धव ठाकरे बोले, बाला साहेब को दिया था वचन, एक दिन बनेगा शिवसेना का मुख्यमंत्री

संसद की खुफिया समिति के अध्यक्ष एडम शिफ ने कहा है कि कि यूक्रेन में अमेरिका के राजदूत रहे विलियम टेलर, उप सहायक विदेश मंत्री जॉर्ज केंट और यूक्रेन में अमेरिका की पूर्व राजदूत मैरी योवानवोचि के 13 और 15 नवंबर को बयान दर्ज होंगे।

टेलर का आरोप है कि ट्रंप ने राजनीतिक फायदे के लिए यूक्रेन पर अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ जांच शुरू करने के लिए दबाव बनाया था।