×

बड़ा विमान हादसा: 176 लोगों की हुई थी दर्दनाक मौत, सामने आया पूरा सच

ईरान की वायुसेना यूनिट ने साल 2020 की जनवरी में यूक्रेनियन पैसेंजर जेट को रडार सिस्टम के जरिये कम्युनिकेशन देने में गलती कर बैठा और यह मानवीय भूल थी।

Newstrack
Updated on: 12 July 2020 7:13 AM GMT
बड़ा विमान हादसा: 176 लोगों की हुई थी दर्दनाक मौत, सामने आया पूरा सच
X
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo

तेहरान। ईरान की वायुसेना यूनिट ने साल 2020 की जनवरी में यूक्रेनियन पैसेंजर जेट को रडार सिस्टम के जरिये कम्युनिकेशन देने में गलती कर बैठा और यह मानवीय भूल थी। जिसका परिणाम ये हुआ कि हवाई जहाज के उड़ान भरने के कुछ सैकेंड के बाद ही उसे घातक तरीके से नीचे उतारा गया। ऐसे में ये आशा की जा रही है कि इस दुघर्टनाग्रस्त प्लेन के ब्लैक बॉक्स को 20 जुलाई तक डिकोड किया जा सकेगा। वहीं यह संभव भी है कि इसके बाद कोई महत्वपूर्ण जानकारी मिल पाएगी। फिलहाल यह जानकारी ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन ने एक रिपोर्ट जारी करते हुए दी।

ये भी पढ़ें... चीन का खात्मा शुरू: जापान है तैयार अमेरिका दे रहा साथ, मिलेगी बड़ी जीत

30 सैकेंड के अंदर

इसी सिलसिले में ईरान ने कहा कि यूक्रेन की फ्लाइट संख्या 752 को भूलवश मार गिराया गया था। इस भीषण दुघर्टना में 176 यात्रियों की मौत हो गई थी। साथ ही हवाई जहाज के उड़ान भरने के कुछ ही सैकेंड बाद उसे मार गिराया गया था। विमान के उड़ान भरने के 30 सैकेंड के अंदर ही दो मिसाइल मारकर गिरा दिया गया था।

हालांकि इस कार्रवाई को ईरान की वायुसेना ने अंजाम दिया। वायुसेना ने इस हवाई जहाज को किसी क्रूस मिसाइल समझने की भूल कर दी। मिली रिपोर्ट के मुताबिक, वायुसेना का ऑपरेटर इस हवाई जहाज के नई अवस्था में आने के बाद उत्तरी दिशा में रडार सिस्टम सेट करना भूल गया जिसके चलते रडार गलत आंकड़ा और सूचनाएं देने लगा।

ये भी पढ़ें...अधिकारी की मौत: BJP सांसद ने उठाई उच्च स्तरीय जांच की मांग, ये है वजह

वायु सेना ने कमांड सेंटर

साथ ही सीएओ की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेटर के आंकड़ों की सूचना के आधार पर वायु सेना ने कमांड सेंटर से मिसाइल दाग डाले और विमान क्षतिग्रस्त हो गया।

वहीं रिपोर्ट में कार्रवाई करने वाले व्यक्ति का नाम नहीं लिया गया है और बताया गया है कि उस व्यक्ति ने स्वतंत्र रूप से और बगैर किसी वरिष्ठ की अनुमति लिए बगैर ही इस कार्रवाई को अंजाम दिया। इस घटना को लेकर जून महीने में 6 अधिकारियों को हिरासत में लिया गया था।

ये भी पढ़ें...कोरोना मरीज के शव का ऐसा हाल, सामने आई अस्पताल की बड़ी लापरवाही

Newstrack

Newstrack

Next Story