Top

डरा चीनः भारत की तैयारी से आया दबाव में, कहा सीमा पर हालात काबू में

भारत और चीन के बीच लद्दाख के पास लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के पास बीते एक महीने से बने तनाव को लेकर दोनों देशों में शनिवार को एक अहम बैठक होने वाली है।

Shreya

ShreyaBy Shreya

Published on 5 Jun 2020 10:49 AM GMT

डरा चीनः भारत की तैयारी से आया दबाव में, कहा सीमा पर हालात काबू में
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच लद्दाख के पास लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के पास बीते एक महीने से बने तनाव को लेकर दोनों देशों में शनिवार को एक अहम बैठक होने वाली है। इस बैठक में दोनों देशों में लेफ्टिनेंट जनरल लेवल की बातचीत होनी है। अब इस बातचीत से पहले चीन ने बयान दिया है कि वह भारत के साथ विवाद हल करने के लिए तैयार है।

दोनों देशों के बीच हालात काबू में

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेंग शुआंग ने शुक्रवार को बयान दिया कि सीमा पर दोनों देशों के बीच हालात काबू में हैं और स्थिर हैं। भारत और चीन के पास सीमा पर बातचीत करने का मैकेनिज्म है और सेना की बातचीत और डिप्लोमेटिक रास्ते से दोनों मसले को सुलझा सकते हैं।

यह भी पढ़ें: ‘मैलवेयर’ वायरस: गूगल ने किया खुलासा, इस अभियान को हैक करने का हुआ प्रयास

हम अहम मसलों पर चर्चा करने के लिए तैयार

चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हम शनिवार को होने वाली बैठक में अहम मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। दोनों देशों के बीच शनिवार को होने वाली ये बातचीत लद्दाख के चुशूल इलाके में होगी।

फ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह रखेंगे भारत का पक्ष

आपको बता दें कि लद्दाख में जारी विवाद को लेकर बीते कुछ समय से दोनों देशों में बातचीत जारी है। अब शनिवार को जारी विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच लेफ्टिनेंट जनरल लेवल की बातचीत होगी। इस बातचीत में लेह में मौजूद 14 कॉर्प्स के लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह भारत का पक्ष रखेंगे।

यह भी पढ़ें: दाऊद इब्राहिम और पत्नी कोरोना संक्रमित, अभी-अभी हॉस्पिटल से आई ये बड़ी खबर

भारत की ओर से क्या रखा जाएगा प्रस्ताव?

भारत की ओर से इस बातचीत में लद्दाख के पास पैंगोंग, गलवान और डेमचोक इलाके के पास आ चुकी सेना को वापस भेजना का प्रस्ताव रखा जाएगा। कल भारत द्वारा क्या प्रस्ताव रखा जाएगा, ये अभी तय नहीं है। लेकिन ये साफ तौर पर जाहिर है कि भारत पीछे हटने के लिए राजी नहीं है और पहले जैसी स्थिति चाहता है।

मई महीने में हुई थी सैनिकों के बीच झड़प

आपको बता दें कि मई महीने की शुरूआत में पेंगोंग इलाके के पास भारत और चीनी सैनिकों के बीच झड़प होने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। इस झड़प के दौरान हाथापाई तक की स्थिति आ गई थी।

यह भी पढ़ें: चंद्रग्रहण आजः किसकी चमकेगी किस्मत जल्दी देखिए अपनी राशि का हाल

भारत ने हवाई पट्टी का निर्माण किया तेज

बता दें कि चीन की हरकतों को देखते हुए भारत किसी भी तरह से पीछे नहीं रहना चाहता है। इसलिए भारत ने लद्दाख के पास लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के पास हवाई पट्टी के निर्माण को और तेज कर दिया है। इसके साथ ही बोफोर्स आर्टिलरी की तैनाती भी हो रही है।

चीन ने भी किए कई निर्माण

गौरतलब है कि एलएसी के पास चीन ने भी कई तरह का निर्माण कर लिया है और साथ ही कई तरह के हथियारों की सप्लाई भी बढ़ा दी है। दूसरी ओर भारत की तरफ से भी लगभग 60 बोफोर्स आर्टिलरी गन को लद्दाख के पास फॉरवर्ड पॉजिशन पर भेजा जा रहा है।

यह भी पढ़ें: WhatsApp पर ये फोटो देखते ही कर दें डिलीट, नहीं तो फोन से धोना पड़ेगा हाथ

इसके साथ ही भारतीय सेना ने ये भी कहा है कि वह चीन के साथ ताजा विवाद को सुलझाना चाहते हैं, लेकिन किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए भी तैयार हैं।

आपको बता दें कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से लद्दाख में सड़क निर्माण रुक गया था, लेकिन अब भारत ने इस निर्माण को फिर से शुरू कर दिया है, और इस पर तेजी से काम चल रहा है।

यह भी पढ़ें: कोरोना पर मौलाना के बिगड़े बोल, कोरोना को बताया मुसलमानों के खिलाफ साजिश

देश दुनिया की और खबरों को तेजी से जानने के लिए बनें रहें न्यूजट्रैक के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए @newstrack और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @newstrackmedia पर क्लिक करें।

Shreya

Shreya

Next Story