×

सेना का खूंखार रूप: 91 प्रदर्शनकारियों को उतारा मौत के घाट, अंधाधुंध बरसाई गोलियां

म्यांमार में सेना ने अब तक 300 से ज्यादा लोगों को मार डाला है। इसी क्रम में शनिवार को तख्तापलट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सेना ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें कम से कम 91 लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है।

Shreya
Updated on: 27 March 2021 4:32 PM GMT
सेना का खूंखार रूप: 91 प्रदर्शनकारियों को उतारा मौत के घाट, अंधाधुंध बरसाई गोलियां
X
सेना का खूंखार रूप: 91 प्रदर्शनकारियों को उतारा मौत के घाट, अंधाधुंध बरसाई गोलियां
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo

नई दिल्ली: म्यांमार में सैनिक तख्तापलट के खिलाफ विरोध बढ़ता जा रहा है। सैनिक शासन के खिलाफ लोगों का प्रदर्शन जारी है। लोग तख्तापलट के खिलाफ सड़कों पर हैं और खुलकर सैनिक शासन का विरोध कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, सेना लगातार अपने खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाने की कोशिश में जुटी हुई है।

एक दिन में 91 लोगों को उतारा मौत के घाट

म्यांमार में सेना ने अब तक 300 से ज्यादा लोगों को मार डाला है। इसी क्रम में शनिवार को तख्तापलट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सेना ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें कम से कम 91 लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है। म्यांमार के स्थानीय मीडिया के अनुसार, सुरक्षाबलों ने बीते महीने के सैन्य तख्तापलट के बाद से आज सबसे ज्यादा 91 लोगों को मौत के घाट उतार दिया है।

यह भी पढ़ें: वैक्सीन पर बड़ी खबरः पहली डोज ले चुके लोगों की इम्यूनिटी बढ़ी 7 गुना, मिली राहत

myanmar coup (फोटो- सोशल मीडिया)

देश में हालात बेहद गंभीर

शनिवार को हुई मौतों का आंकड़ा 14 मार्च को एक दिन में हुई कुल मौत से भी ज्यादा है। बता दें कि 14 मार्च को करीब 74 से 90 लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई थी। गौरतलब है कि तख्तापलट के बाद से देश के हालात काफी ज्यादा बुरे हो गए हैं। ऐसे में लोग तख्तापलट का विरोध करने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं, लेकिन सैन्य सरकार भी लगाातार लोगों पर अत्याचार कर रही है।

यह भी पढ़ें: पूरा विश्व खतरे में, ब्राजील में हालात बेकाबू, कोरोना त्रासदी में हजारों मौतें हर दिन

जारी है सेना का अत्याचार

सैन्य सरकार लोगों के विरोध को दबाने के लिए उनपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा रही है। इसके साथ ही उन पर आंसू गैस के गोले दाग रही है। देश में तख्तापलट होने की वजह से हो रहे प्रदर्शन और इसके खिलाफ सेना की कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी चिंता जताई जा रही है। वहीं, अमेरिका भी प्रदर्शनकारियों पर हमले की निंदा कर रहा है। उसने यह भी कहा है कि अधिक हिंसा होने पर वह कार्रवाई करेगा।

यह भी पढ़ें: स्वेज नहर का ऐतिहासिक जाम, हर घंटे हो रहा 400 मिलियन डालर का नुकसान

दोस्तों देश और दुनिया की खबरों को तेजी से जानने के लिए बने रहें न्यूजट्रैक के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलो करने के लिए @newstrack और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @newstrackmedia पर क्लिक करें।

Shreya

Shreya

Next Story