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अब नहीं बचेगा आतंकी हाफिज सईद, पाकिस्तान की कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और आतंकी हाफिज सईद की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पाकिस्तान की एक कोर्ट ने मुंबई हमले का मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा के मुखिया आतंकी हाफिज सईद के खिलाफ टेरर फंडिंग के मामले में आरोप तय कर दिया।

Dharmendra kumar

Dharmendra kumarBy Dharmendra kumar

Published on 11 Dec 2019 10:34 AM GMT

अब नहीं बचेगा आतंकी हाफिज सईद, पाकिस्तान की कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला
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नई दिल्ली: मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और आतंकी हाफिज सईद की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पाकिस्तान की एक कोर्ट ने मुंबई हमले का मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा के मुखिया आतंकी हाफिज सईद के खिलाफ टेरर फंडिंग के मामले में आरोप तय कर दिया।

इससे पहले शनिवार को मामले के एक संदिग्ध के कोर्ट में मौजूद न होनी की वजह से सईद के खिलाफ आरोप तय नहीं हो सका था। कोर्ट ने मामले की सुनवाई 11 दिसंबर यानी आज तक के लिए टाल दी थी।

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पंजाब पुलिस के आतंकवाद रोधी विभाग ने 17 जुलाई को हाफिज सईद और उसके एक सहयोगी के खिलाफ पंजाब प्रांत के विभिन्न शहरों में आतंक के वित्तपोषण को लेकर 23 एफआईआर दर्ज किए थे।

इसके बाद आतंकी हाफिज को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वह कोट लखपत जेल में बंद है। लाहौर, गुजरांवाला और मुल्तान शहरों में ट्रस्ट और नॉन प्रॉफिट संगठनों के नाम पर जिसमें अल-अनफाल ट्रस्ट, दावातुल इरशाद ट्रस्ट और मुआज बिन जबल ट्रस्ट शामिल है, के नाम पर आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए धन जमा किया गया।

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अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दबाव में पाकिस्तानी अधिकारियों ने लश्कर-ए-तैयबा, जमात-उद-दावा और उसकी चैरिटी शाखा फलाह-ए-इन्सानियत फाउंडेशन के खिलाफ जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए धन जुटाने के लिए इन ट्रस्टों का इस्तेमाल किया गया है।

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सईद के नेतृत्व वाला जमात-उद-दावा, लश्कर-ए-तैयबा का सबसे प्रमुख संगठन है। यह संगठन साल 2008 के मुंबई हमलों के लिए भी जिम्मेदार है जिसमें 166 लोगों की मौत हो गई थी।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दबाव में पाकिस्तान अधिकारियों ने लश्कर-ए-तैयबा, जमात उद दावा और उसके द्वारा संचालित इकाई फलाह-ए-इन्सानियत फाउंडेशन (FIF) द्वारा आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए उसकी संपत्तियों और ट्रस्टों के इस्तेमाल के मामलों की जांच की है।

बता दें कि आतंकी हाफिज सईद आए दिन भारत के खिलाफ जहर उगलता रहता है।

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