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सऊदी अरब और यूएई में दरार, जानिए क्यों दो बड़े मुस्लिम देश बन रहे दुश्मन

दुनिया के दो बड़े इस्लामिक देशों सऊदी अरब और संयुक्त राष्ट्र अमीरात(यूएई) में दरार बढ़ती दिखाई दे रही है। हालांकि अभी तक इन दोनों देशों की तमाम मुद्दों पर एक राय होती है। ईरान को जवाब देने, कतर को अलग करने से लेकर यमन में युद्ध छेड़ने तक दोनों इस्लामिक देशों की राय एक रही है।

Dharmendra kumar

Dharmendra kumarBy Dharmendra kumar

Published on 31 Aug 2019 10:41 AM GMT

सऊदी अरब और यूएई में दरार, जानिए क्यों दो बड़े मुस्लिम देश बन रहे दुश्मन
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नई दिल्ली: दुनिया के दो बड़े इस्लामिक देशों सऊदी अरब और संयुक्त राष्ट्र अमीरात(यूएई) में दरार बढ़ती दिखाई दे रही है। हालांकि अभी तक इन दोनों देशों की तमाम मुद्दों पर एक राय होती है। ईरान को जवाब देने, कतर को अलग करने से लेकर यमन में युद्ध छेड़ने तक दोनों इस्लामिक देशों की राय एक रही है।

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खाड़ी के इन दोनों देशों के नेताओं के नाम भी मिलते जुलते हैं। सऊदी अरब के नेता का नाम मोहम्मद बिन सलमान है, तो वहीं यूएई के नेता का नाम मोहम्मद बिन जाएद है। लेकिन दोनों देशों के इस मजबूत गठजोड़ में दरार पड़ती नजर आ रही है। दोनों देशों के बीच यह दरार यमन के अदेन शहर पर यूएई के समर्थन वाले सशस्त्र समूहों के नियंत्रण को लेकर आई है।

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साल 2015 से ही यमन में गृह युद्ध के हालात हैं। पूर्व राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सलेह समर्थित हुथी विद्रोहियों ने कैपिटल सिटी सना पर कब्जा कर लिया था। हुथियों को ईरान का समर्थन प्राप्त था।

यमन के घटनाक्रम में ईरान के शामिल होने से सऊदी अरब और यूएई को आशंका थी कि इससे उनके प्रतिद्वंद्वी का कद बढ़ जाएगा। इसके बाद दोनों देशों ने अपने गठजोड़ में बहरीन को भी शामिल कर लिया और तीनों ने मिलकर हुथी विद्रोहियों से लड़ने के लिए एक सेना का गठन किया। यहां तक कि इस सेना को अमेरिका ने मिलिट्री इंटेलिजेंस की सुविधा भी दी।

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अब तक 91,600 लोग की मौत

हालांकि 4 साल बीत जाने के बाद भी अब तक किसी भी पक्ष को जीत नहीं मिली पाई है। एक संगठन के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 4 सालों में यमन में 91,600 लोग सैन्य संघर्ष में मारे गए हैं। 11,700 नागरिकों को सीधा निशाना गया जबकि करीब 67 पर्सेंट लोगों की सऊदी-यूएई के एयरस्ट्राइक में मौत हुई।

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इसके अलावा 30 लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र ने इसे अब तक के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक माना है।

यूएई के कब्जे में अदेन शहर

अदेन शहर को यूएई के समर्थन वाले सशस्त्र बल ने अपने नियंत्रण में ले लिया है। इस शहर से ही यमन के राष्ट्रपति अब्द-रब्बू मंसूर हादी की सरकार संचालित होती है। यूएई के समर्थन वाले सशस्त्र बल साउदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल ने इस पर कब्जा जमा लिया है। हादी ने यूएई पर इस फोर्स के सपॉर्ट में एयर स्ट्राइक करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सऊदी से अपील की है कि वह यूएई को ऐसा करने से रोके।

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सऊदी से ये गेम खेल रहा यूएई

विदेश नीति के एक्सपर्ट्स के मुताबिक यूएई के राष्ट्राध्यक्ष मोहम्मद बिन जायद कैलकुलेटेड गेम खेल रहे हैं। उनका मानना है कि यूएई को ईरान के साथ सीधी जंग से बचना चाहिए। वह खुद को सऊदी अरब के जमाल खशोगी हत्याकांड से भी बचाने की कोशिश में हैं। वह खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका का विश्वस्त सहयोगी बनकर रहना चाहते हैं। अमेरिका और सऊदी अरब के बीच असहज संबंधों का भी वह लाभ उठाने की कोशिश में हैं।

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