कश्मीर पर भारत के खिलाफ इस मुस्लिम ने देश ने उगला जहर, कहा…

तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने शुक्रवार को पाकिस्तान की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कश्मीर मामले पर पाकिस्तान का खुलकर समर्थन किया।

नई दिल्ली: तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने एक बार फिर कश्मीर को लेकर भारत के खिलाफ बयान दिया है। एर्दोगन ने गुरुवार को पाकिस्तान के दो दिवसीय दौर पर पहुंचे हैं। तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने शुक्रवार को पाकिस्तान की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कश्मीर मामले पर पाकिस्तान का खुलकर समर्थन किया।

एर्दोगन ने पाकिस्तान की सरकार को संसद सत्र को संबोधित करने का मौका देने के लिए धन्यबाद कहा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से पाकिस्तान के लोगों ने हमारा स्वागत किया है, उसके लिए हम शुक्रगुजार हैं। यहां पाकिस्तान में कभी भी बिल्कुल अजनबीपन महसूस नहीं होता है। ऐसा लगता है कि हम अपने लोगों के साथ अपने घर में ही हैं।

तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा कि आज के दौर में पाकिस्तान और तुर्की के रिश्ते दूसरों के लिए मिसाल बन गए हैं। उन्होंने कई देशों के लिए ईर्ष्या का विषय बन चुका तुर्की-पाकिस्तान का भाईचारा सच्चा भाईचारा है जो ऐतिहासिक घटनाक्रमों से मजबूत बना है।

यह भी पढ़ें…पुलवामा हमले की बरसी पर पाकिस्तान ने की नापाक हरकत, एक की मौत

एर्दोगन ने अपने भाषण में कश्मीर मामले का कई बार जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमारे कश्मीरी भाई-बहन दशकों से बहुत कुछ झेल रहे हैं और हाल में उठाए गए एकतरफा कदमों की वजह से उनकी पीड़ा और बढ़ गई है।

तुर्की राष्ट्रपति ने कहा कि उनके देश ने संयुक्त राष्ट्र महासभा(यूएन) की बैठक में भी कश्मीर मुद्दे पर संवेदनशील रुख अपनाया था। एर्दोगन ने कहा कि कश्मीर का मामला संघर्ष या दमन के जरिए नहीं सुलझाया जा सकता है बल्कि न्याय और पारदर्शिता में ही इसका हल है और ऐसा समाधान ही सभी पक्षों के हित में होगा।

यह भी पढ़ें…टेलीकॉम कंपनियों को SC की फटकार: पूछा- क्या बंद कर दें अदालत?

एर्दोगन ने तुर्की-पाकिस्तान की दोस्ती के कई अध्यायों का जिक्र किया और कहा कि अतीत में पाकिस्तान ने हमेशा उनके देश का साथ दिया है। उन्होंने 1915 के युद्ध का जिक्र किया है और कहा कि जब हम डार्डेनेल्स स्ट्रेट को बचाने के लिए जंग लड़ रहे थे, 6000 किमी दूर लाहौर स्क्वॉयर में हमारे समर्थन में एक रैली की जा रही थी।

लाहौर स्क्वॉयर में हुई इस ऐतिहासिक रैली में भारी संख्या में मुस्लिम इकठ्ठा हुए थे और ब्रिटिश हुकूमत के दबाव के बावजूद तुर्की के के लिए भारी मात्रा में चंदा जुटाया था।

यह भी पढ़ें…राहुल के पुलवामा ट्वीट पर BJP का हमला, कहा- पाकिस्तान को क्लीन चिट क्यों?

तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा कि प्यारे भाइयों और बहनों आप से ज्यादा मैं किससे मोहब्बत और स्नेह करूं? हम कभी भी उस मदद को नहीं भूल सकते हैं जो हमारी आजादी की लड़ाई के दौरान पाकिस्तान के लोगों ने की थी। तुर्की के कैनाकले में जो सौ साल पहले हुआ, वहीं कश्मीर में दोहराया जा रहा है। तुर्की इस दमन के खिलाफ अपनी आवाज उठाना जारी रखेगा।

एर्दोगन ने कहा कि हमारी दोस्ती साझा हितों पर नहीं बल्कि प्रेम पर आधारित है। आज कश्मीर का मुद्दा जितना आपके दिल के करीब है, उतना ही हमारे भी है। अतीत की तरह हम भविष्य में भी पाकिस्तान को समर्थन देना जारी रखेंगे।

यह भी पढ़ें…‘निर्भया’ पर बड़ी खबर: सुप्रीम कोर्ट ने दोषी विनय शर्मा को लेकर दिया बड़ा आदेश

तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा कि हमारी दोस्ती साझा हितों पर नहीं बल्कि प्रेम पर आधारित है। आज कश्मीर का मुद्दा जितना आपके दिल के करीब है, उतना ही हमारे भी है। अतीत की तरह हम भविष्य में भी पाकिस्तान को समर्थन देना जारी रखेंगे। तुर्की के राष्ट्रपति ने इमरान खान को ये भी आश्वासन दिया कि एफएटीएफ से ब्लैकलिस्ट होने के खतरे से निकालने में भी पूरी सहायता करेगा।