दुनिया की सबसे बड़ी पंचायत हुई कंगाल! नियमित बैठकें रद्द, एसी-हीटर बंद

दुनिया की सबसे बड़ी पंचायत संयुक्त राष्ट्र (यूएन) इस समय आर्थिक तंगी का मार झेल रहा है। नकदी की संकट होने की वजह से यूएन में अब उसके कामकाज पर असर हो रहा है। यूएन में नियमित तौर पर होने वाली कई बैठकों को स्थगित करना पड़ा है।

नई दिल्ली: दुनिया की सबसे बड़ी पंचायत संयुक्त राष्ट्र (यूएन) इस समय आर्थिक तंगी का मार झेल रहा है। नकदी की संकट होने की वजह से यूएन में अब उसके कामकाज पर असर हो रहा है। यूएन में नियमित तौर पर होने वाली कई बैठकों को स्थगित करना पड़ा है। कर्मचारियों की सैलरी पर भी संकट गहरा गया है।

इसके अलावा उससे संबंधित कई दफ्तरों के एसी और हीटर को भी बंद कर दिया गया है। शुक्रवार को यून ने बयान जारी कर इस बात की जानकारी दी।

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यूएन महासिचव एंतोनियो गुतारेस ने नकदी की संकट से निपटने के लिए ऐसे कई निर्देश दिए हैं। एक दशक में यूएन का यह सबसे बड़ा आर्थिक संकट है। कुछ दिनों पहले ही यूएन के दफ्तरों में खर्च कटौती के उपायों को लागू करने के आदेश दिए गए थे।

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महासचिव ने दुनियाभर में मौजूद यूएन के दफ्तरों में खर्च कटौती के आदेश दिए हैं। यूएन के सभी दफ्तरों के प्रमुखों को पत्र के जरिए आपातकालीन उपाय करने के आदेश दिए हैं।

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बता दें कि कुछ दिनों पहले ही यूएन महासिचव एंतोनियो गुतारेस ने कहा था कि वैश्विक निकाय कोष की कमी से जूझ रहा है। एंतोनियो गुतारेस ने बताया था कि यूएन के पास 23 करोड़ डॉलर (1631.4 करोड़ रुपए) नकदी की कमी है और अक्टूबर के अंत तक उसके पास रखा पैसा पूरी तरह खत्म होने की आशंका है।

महासचिव ने बताया था कि सदस्य देशों ने 2019 के लिए जरूरी हमारे नियमित बजट का केवल 70 प्रतिशत ही भुगतान किया है जिसकी वजह से सितंबर में निकाय के पास 23 करोड़ डॉलर नकदी की कमी है।