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चुनाव से पहले लगी भयानक आग, 50,000 EVM मशीनें जलकर खाक, लगा ये आरोप

वेनेजुएला में चुनाव से पहले भीषण आग लग गई जिसमें 50,000 वोटिंग मशीनें(ईवीएम) जलकर खाक हो गई हैं। देश की चुनाव परिषद ने यह जानकारी दी। परिषद ने कहा कि राजधानी काराकस के एक मुख्य गोदाम में आग लगने से स्टोर कर रखी गईं ज्यादातर वोटिंग मशीनें जल गई हैं।

Dharmendra kumar

Dharmendra kumarBy Dharmendra kumar

Published on 9 March 2020 11:11 AM GMT

चुनाव से पहले लगी भयानक आग, 50,000 EVM मशीनें जलकर खाक, लगा ये आरोप
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नई दिल्ली: वेनेजुएला में चुनाव से पहले भीषण आग लग गई जिसमें 50,000 वोटिंग मशीनें(ईवीएम) जलकर खाक हो गई हैं। देश की चुनाव परिषद ने यह जानकारी दी। परिषद ने कहा कि राजधानी काराकस के एक मुख्य गोदाम में आग लगने से स्टोर कर रखी गईं ज्यादातर वोटिंग मशीनें जल गई हैं।

इस हादसे से इस साल होने वाले संसदीय चुनावों में मुश्किल खड़ी हो गई है। चुनाव परिषद की प्रमुख टिबिसे लुसेना ने कहा कि करीब 50,000 वोटिंग मशीनें और 600 कंप्यूटर आग की वजह से जल गए।

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लुसेना ने एक बयान में कहा कि आग इतनी तेजी से फैली कि बहुत कम वोटिंग मशीनें और कंप्यूटर को बचाया जा सका। उन्होंने बताया कि कुछ लोग ये सोचते हैं कि इससे संवैधानिक रूप से स्थापित चुनावी प्रक्रियाएं संपन्न नहीं हो पाएंगी, तो ये गलत है। लेकिन उन्होंने इस पर विस्तार से जानकारी नहीं दी कि अभी भी कितनी वोटिंग मशीनें इस्तेमाल के लिए उपलब्ध हैं या कैसे यह घटना भविष्य के चुनावों को प्रभावित करेगी।

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लुसेना ने कहा कि उन्होंने स्टेट प्रोसेक्यूटर्स (राज्य के अभियोजकों) को आग लगने की वजहों को जानने के लिए कहा था, हालांकि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है।

गौरतलब है कि दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला के चुनावों की भारी आलोचना उस समय हुई जब राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने 2018 के चुनावों में एक बार फिर जीत दर्ज थी और उन पर व्यापक रूप से वोटों की धांधली का आरोप था।

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दुनियाभर में इसके बाद मादुरो सरकार की आलोचना हुई। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर आम चुनाव कराने को लेकर अतंरराष्ट्रीय दबाव बढ़ता जा रहा है।

गौरतलब है कि वेनेजुएला में इस साल संसद के लिए चुनाव है, जिसे वर्तमान में विपक्ष नियंत्रित कर रहा है। हालांकि राष्ट्रपति मादुरो के विरोधियों की मांग है कि नए राष्ट्रपति के लिए चुनाव हो।

Dharmendra kumar

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