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यहां बन रही दुनिया की सबसे ऊंची इमारत, चली जाएगी बादलों के पार

बुर्ज खलीफा के आर्किटेक्ट एड्रियन डी स्मिथ ही इसे भी बना रहे हैं। उनके साथ गॉर्डन गिल भी शामिल हैं। इस इमारत के डेवलपर का नाम हे जेद्दाह इकोनॉमिक कंपनी। इस इमारत का निर्माण कार्य 10 जनवरी 2015 में शुरू हुआ था  अब तक इसके 47 फ्लोर बन चुके हैं।

SK Gautam
Updated on: 26 Dec 2019 4:26 PM GMT
यहां बन रही दुनिया की सबसे ऊंची इमारत, चली जाएगी बादलों के पार
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नई दिल्ली: आपको यह जानकार हैरानी होगी कि अगले एक-दो साल में बुर्ज खलीफा दुनिया की सबसे ऊंची इमारत नहीं रहेगी। इसकी जगह अब एक नई इमारत होगी जिसका निर्माण सउदी अरब के रियाद में चल रहा है। इसकी ऊंचाई बुर्ज खलीफा से करीब 180 मीटर या 591 फीट ज्यादा होगी। यह इमारत बादलों के पार चली जाएगी।

बता दें कि इस इमारत को बनाने में करीब 1.23 बिलियन यूएस डॉलर यानी करीब 8797 करोड़ रुपए लगेंगे। हालांकि लागत में बाजार मूल्यों के अनुसार बदलाव संभव है।

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200 से ज्यादा फ्लोर होंगे इस इमारत में

इस इमारते में 200 से ज्यादा फ्लोर होंगे। एक फ्लोर का क्षेत्रफल होगा 2।43 लाख वर्ग मीटर। 2192 फीट की ऊंचाई यानी 668 मीटर पर इसका आखिरी फ्लोर होगा।

59 लिफ्ट होंगी इमारत में

इस इमारत में 55 सिंगल डेक लिफ्ट होंगी और चार डबल डेक लिफ्ट होंगी। 652 मीटर यानी 2139 फीट की ऊंचाई पर इसका ऑब्जरवेशन डेक होगा।

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बुर्ज खलीफा के आर्किटेक्ट ही इसे बना रहे

बुर्ज खलीफा के आर्किटेक्ट एड्रियन डी स्मिथ ही इसे भी बना रहे हैं। उनके साथ गॉर्डन गिल भी शामिल हैं। इस इमारत के डेवलपर का नाम हे जेद्दाह इकोनॉमिक कंपनी। इस इमारत का निर्माण कार्य 10 जनवरी 2015 में शुरू हुआ था अब तक इसके 47 फ्लोर बन चुके हैं।

इसका नाम है जेद्दाह टावर

इस इमारत का नाम है जेद्दाह टावर। इसकी ऊंचाई 1000 मीटर यानी एक किलोमीटर से थोड़ी ज्यादा होगी। जबकि, बुर्ज खलीफा की ऊंचाई 828 मीटर है।

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बेसमेंट से लेकर 90-92 फ्लोर तक ऑफिस और इमारत से जुड़ी मशीनें, पार्किंग आदि होंगी। 93 से 113 तक रेसीडेंसियल फ्लोर रहेगा। जिसमें लोग रहेंगे। 114 में इमारत की मशीनें। 115 से लेकर 156 तक होटल, रेस्टोरेंट आदि। 157 फ्लोर पर ऑब्जरवेशन डेक होगा। इसके ऊपर मशीनें आदि।

SK Gautam

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