एडल्ट वैक्सीनेशन क्यों है जरूरी? जानिए 18 साल के बाद लगने वाले 3 अहम टीकों के फायदे

Importance of adult vaccines: अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि वैक्सीन केवल बच्चों के लिए ही जरूरी होती है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह धारणा पूरी तरह गलत है।

Update:2026-05-06 07:00 IST

Importance of adult vaccines

Importance of adult vaccines: अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि वैक्सीन केवल बच्चों के लिए ही जरूरी होती है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह धारणा पूरी तरह गलत है। 18 साल की उम्र के बाद भी कई ऐसे टीके हैं जो शरीर को गंभीर बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मेडिकल भाषा में इसे "एडल्ट वैक्सीनेशन" कहा जाता है। सही समय पर लगाए गए ये टीके न सिर्फ संक्रमण के खतरे को कम करते हैं, बल्कि लंबे समय तक स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में भी मदद करते हैं।

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञों के मुताबिक, एडल्ट वैक्सीनेशन का मतलब है 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को विभिन्न संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए टीके लगाना। खासतौर पर बुजुर्ग, कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग, डायबिटीज, हृदय और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों से ग्रसित मरीजों के लिए यह और भी जरूरी हो जाता है।

फ्लू वैक्सीन: बदलते मौसम में सुरक्षा कवच

फ्लू यानी इंफ्लूएंजा एक आम लेकिन गंभीर संक्रमण हो सकता है, जो खासतौर पर मौसम बदलने के दौरान तेजी से फैलता है। इसके लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश और शरीर में दर्द शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि फ्लू वैक्सीन हर साल लगवाना फायदेमंद हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है। यह टीका शरीर को वायरस से लड़ने के लिए तैयार करता है और संक्रमण के खतरे को कम करता है।

न्यूमोकोकल वैक्सीन: निमोनिया से बचाव

निमोनिया एक गंभीर फेफड़ों का संक्रमण है, जो जानलेवा भी साबित हो सकता है। न्यूमोकोकल वैक्सीन इस बीमारी से बचाने में मदद करती है। यह न केवल निमोनिया बल्कि अन्य बैक्टीरियल संक्रमणों से भी सुरक्षा प्रदान करती है। डॉक्टरों के अनुसार, 18 साल से अधिक उम्र के उन लोगों को यह वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए जिन्हें फेफड़ों की बीमारी का खतरा ज्यादा है या जो पहले से किसी क्रॉनिक बीमारी से जूझ रहे हैं।

शिंगल्स वैक्सीन: हर्पीज से बचाव

हर्पीज ज़ोस्टर, जिसे शिंगल्स भी कहा जाता है, एक वायरल संक्रमण है जो चिकनपॉक्स के वायरस के दोबारा सक्रिय होने से होता है। यह समस्या खासतौर पर 50 साल से अधिक उम्र के लोगों में देखने को मिलती है। इसमें त्वचा पर दर्दनाक रैशेज और जलन होती है। शिंगल्स वैक्सीन इस संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है और इससे होने वाली जटिलताओं से भी बचाती है।

क्यों जरूरी है एडल्ट वैक्सीनेशन?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय के साथ हमारी इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में एडल्ट वैक्सीनेशन शरीर को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करता है। यह न सिर्फ व्यक्ति को बीमारियों से बचाता है, बल्कि समाज में संक्रमण फैलने के खतरे को भी कम करता है।

बता दे, एडल्ट वैक्सीनेशन को अनदेखा करना आपकी सेहत के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए डॉक्टर की सलाह लेकर समय-समय पर जरूरी टीके लगवाना बेहद जरूरी है, ताकि आप और आपका परिवार गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रह सके।

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