AI in healthcare: हर चौथा इंसान हेल्थ सलाह के लिए AI पर निर्भर! स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
AI in healthcare: हाल ही में सामने आई एक स्टडी में दावा किया गया है कि हर 4 में से 1 व्यक्ति हेल्थ से जुड़े सवालों के जवाब पाने के लिए AI का सहारा ले रहा है।
AI in healthcare
AI in healthcare: आज के डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लोगों की जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है। अब सिर्फ पढ़ाई, नौकरी या टेक्नोलॉजी ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए भी लोग तेजी से AI टूल्स का प्रयोग कर रहे हैं। हाल ही में सामने आई एक स्टडी में दावा किया गया है कि हर 4 में से 1 व्यक्ति हेल्थ से जुड़े सवालों के जवाब पाने के लिए AI का सहारा ले रहा है। लोग बीमारी के लक्षण समझने, डाइट प्लान जानने, दवाइयों की जानकारी लेने और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सवाल पूछने के लिए AI प्लेटफॉर्म्स का तेजी से प्रयोग कर रहे हैं।
स्टडी में हुआ ये बड़ा खुलासा
Hematology Advisor में प्रकाशित इस स्टडी के अनुसार, इंटरनेट और स्मार्ट तकनीक की बढ़ती पहुंच ने लोगों को AI की तरफ तेजी से आकर्षित किया है। खासतौर पर युवा वर्ग और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का ज्यादा प्रयोग करने वाले लोग हेल्थ इंफॉर्मेशन के लिए AI पर अधिक निर्भर हो रहे हैं। सरल भाषा में तुरंत जवाब मिल जाने की वजह से लोग इसे सुविधाजनक मान रहे हैं।
क्यों बढ़ रहा है AI पर विश्वास ?
विशेषज्ञों का कहना है कि AI टूल्स लोगों को कुछ ही सेकंड में जानकारी उपलब्ध करा देते हैं। पहले जहां किसी बीमारी के बारे में जानने के लिए डॉक्टर के पास जाना या लंबे समय तक इंटरनेट पर खोज करनी पड़ती थी, वहीं अब लोग सीधे AI से सवाल पूछकर तुरंत जवाब पा रहे हैं। यही वजह है कि हेल्थ से जुड़ी सामान्य जानकारी के लिए AI का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है।
कई लोग कम कम करने के लिए, फिटनेस टिप्स, डाइट चार्ट और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं पर AI से सलाह ले रहे हैं। कुछ यूजर्स तो दवाइयों के साइड इफेक्ट और मेडिकल टेस्ट से जुड़ी जानकारी भी AI के माध्यम से समझने का पूरा प्रयास कर रहे हैं।
क्या हेल्थ के लिए सिर्फ AI पर विश्वास करना सही है?
हालांकि विशेषज्ञों ने हेल्थ मामलों में केवल AI पर निर्भर रहने को लेकर चिंता भी जताई है। डॉक्टरों का कहना है कि AI सामान्य जानकारी तो दे सकता है, लेकिन यह किसी विशेषज्ञ डॉक्टर की स्थान नहीं ले सकता। हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति अलग होती है और कई बार बीमारी के लक्षण भी अलग तरीके से सामने आते हैं।
ऐसे में AI द्वारा दी गई अधूरी या गलत जानकारी मरीज के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। कई बार लोग इंटरनेट या AI के आधार पर खुद ही दवा लेना शुरू कर देते हैं, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी भी गंभीर बीमारी, टेस्ट या इलाज से जुड़ा फैसला डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए।
AI से हेल्थ जानकारी लेते वक़्त रखें सावधानी
विशेषज्ञों के अनुसार, AI से मिली जानकारी को केवल सामान्य मार्गदर्शन के रूप में ही देखना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति को लगातार गंभीर लक्षण महसूस हो रहे हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक है।
इसके अलावा, किसी भी दवा, सप्लीमेंट या घरेलू इलाज को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। हेल्थ से जुड़ी जानकारी हमेशा भरोसेमंद स्रोतों से ही लेनी चाहिए, ताकि गलत जानकारी के कारण किसी प्रकार का नुकसान न हो।
तकनीक ने लोगों की जिंदगी आसान जरूर बनाई है, लेकिन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों में सतर्कता और विशेषज्ञ सलाह अब भी सबसे अधिक जरूरी मानी जाती है।