सावधान! चूहों से फैलने वाले इस ‘खतरनाक Virus’ ने ली 3 की जान, अटलांटिक क्रूज पर मचा हाहाकार

Hantavirus Outbreak: अटलांटिक महासागर में चल रहे क्रूज शिप MV Hondius पर फैले हंतावायरस संक्रमण ने दुनियाभर की स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

Update:2026-05-07 14:43 IST

Hantavirus Outbreak

Hantavirus Outbreak: हाल ही में अटलांटिक महासागर में चल रहे क्रूज शिप MV Hondius पर फैले हंतावायरस संक्रमण ने दुनियाभर की स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इस रहस्यमयी और खतरनाक वायरस की चपेट में आने से एक डच दंपति समेत कम से कम तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य यात्री गंभीर रूप से बीमार बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

यह कोई सामान्य वायरल संक्रमण नहीं

दक्षिण अफ्रीकी स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, यह कोई सामान्य वायरल संक्रमण नहीं है, बल्कि हंतावायरस के एक बेहद दुर्लभ और खतरनाक स्ट्रेन का मामला है। जांच में सामने आया है कि संक्रमित यात्री में एंडीज स्ट्रेन पाया गया है। यह हंतावायरस का ऐसा प्रकार माना जाता है जो इंसानों से इंसानों में फैलने की क्षमता रखता है। यही वजह है कि इस वायरस को लेकर चिंता और बढ़ गई है। आमतौर पर Hantavirus Infection संक्रमित चूहों के मल, पेशाब या लार के संपर्क में आने से फैलता है। लेकिन एंडीज ऑर्थोहंतावायरस का मामला थोड़ा अलग माना जाता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले इस स्ट्रेन में इंसानों से इंसानों में संक्रमण फैलाने की क्षमता होती है, हालांकि ऐसे मामले बेहद कम देखने को मिलते हैं।

करीबी संपर्क के दौरान फैलता है संक्रमण

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि संक्रमण आमतौर पर बहुत करीबी संपर्क के दौरान फैलता है। उदाहरण के तौर पर मरीज की देखभाल करने वाले लोग, परिवार के सदस्य या लंबे समय तक एक ही जगह पर रहने वाले लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं। माना जा रहा है कि क्रूज शिप के सीमित और बंद वातावरण में वायरस को फैलने का ज्यादा मौका मिला। दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य विभाग ने अब उन करीब 90 लोगों की पहचान शुरू कर दी है, जो संक्रमित यात्रियों के संपर्क में आए हो सकते हैं। इनमें फ्लाइट यात्री, एयरपोर्ट स्टाफ और अस्पताल कर्मचारी भी शामिल हैं। अधिकारियों की कोशिश है कि संक्रमण को आगे फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया जाए।

वायरस हवा के जरिए नहीं फैलता

विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल आम जनता के लिए इस वायरस का खतरा कम माना जा रहा है। इसका कारण यह है कि वायरस आसानी से हवा के जरिए नहीं फैलता और इसके संक्रमण के लिए लंबे समय तक करीबी संपर्क जरूरी होता है। फिर भी स्वास्थ्य एजेंसियां लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रही हैं। हंतावायरस संक्रमण के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं। मरीज को तेज बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द और कमजोरी महसूस हो सकती है।

बीमारी बढ़ने पर सांस लेने में गंभीर दिक्कत शुरू हो जाती है, जिसे हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम कहा जाता है। गंभीर मामलों में यह संक्रमण तेजी से फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है और मरीज की मौत तक हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बीमारी की मृत्यु दर 40 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि समय रहते पहचान और इलाज ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।  

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