दुनिया में हंता वायरस की दस्तक! क्रूज शिप पर 5 संक्रमित, 3 की मौत के बाद WHO अलर्ट
Hantavirus Outbreak News: दुनिया एक बार फिर नए वायरस के खतरे को लेकर सतर्क हो गई है। क्रूज शिप पर हंता वायरस (Hantavirus) के मामले सामने आने के बाद कई देशों की गंभीर रूप से चिंता बढ़ गई है।
Hantavirus Outbreak
Hantavirus Outbreak News: दुनिया एक बार फिर नए वायरस के खतरे को लेकर सतर्क हो गई है। क्रूज शिप पर हंता वायरस (Hantavirus) के मामले सामने आने के बाद कई देशों की गंभीर रूप से चिंता बढ़ गई है। अब तक इस वायरस के 5 मामलों की पुष्टि हुई है, जिनमें से 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो मरीजों का इलाज जारी है। स्थिति को गंभीर मानते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) सहित कई देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, संक्रमित सभी लोगों को तुरंत क्वारेंटाइन कर दिया गया है ताकि वायरस को फैलने से रोका जा सके। WHO की टीम निरंतर क्रूज शिप के कैप्टन और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है। जर्मनी समेत कई देशों ने इस घटना को लेकर चिंता जताई है और अपने नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि हंता वायरस कोरोना वायरस की तरह तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता, लेकिन यह कई मामलों में बहुत खतरनाक और जानलेवा साबित हो सकता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य एजेंसियां किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहतीं।
क्या है हंता वायरस?
हंता वायरस मुख्य रूप से संक्रमित चूहों और अन्य कृन्तकों (Rodents) के संपर्क में आने से फैलता है। संक्रमित जानवरों के मूत्र, लार या मल के माध्यम से यह वायरस इंसानों तक पहुंच सकता है। कई बार संक्रमित धूल के कण सांस के जरिए शरीर में चले जाते हैं, जिससे संक्रमण हो सकता है।
इस वायरस के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे होते हैं। संक्रमित व्यक्ति को तेज बुखार, सिर में दर्द, बदन दर्द, थकान और सांस लेने में समस्या हो सकती है। गंभीर मामलों में फेफड़ों और किडनी पर भी असर पड़ता है, जिससे मरीज की हालत बेहद गंभीर हो सकती है।
WHO और प्रशासन अलर्ट मोड में
क्रूज शिप पर संक्रमण सामने आने के बाद प्रशासन ने प्रभावित लोगों के संपर्क में आने वालों की पहचान शुरू कर दी है। शिप पर मेडिकल टीम तैनात की गई है और संक्रमण रोकने के लिए विशेष प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सतर्क रहना बेहद आवश्यक है।
इन बातों का रखें ख़ास ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार हंता वायरस से बचाव के लिए स्वछता का खासतौर से ध्यान रखना चाहिए। घरों और आसपास चूहों की मौजूदगी को रोकना जरूरी है। संक्रमित स्थानों की सफाई करते वक़्त मास्क और ग्लव्स का प्रयोग करना चाहिए। इसके अलावा किसी भी तरह के फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
दुनिया अभी कोरोना महामारी के प्रभाव से पूरी तरह उबर भी नहीं पाई है, ऐसे में हंता वायरस के मामलों ने एक बार फिर वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल सभी की नजरें WHO और स्वास्थ्य विभाग की अगली रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।