हवा में थमी 145 लोगों की सांसें...एक साथ फेल हुए 3 हाइड्रोलिक सिस्टम! एयर इंडिया कांड में चौकाने वाला खुलासा
Air India Flight Incident Row: एयर इंडिया की AI2379 फ्लाइट को लेकर मेंटेनेंस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक उड़ान के दौरान विमान के ग्रीन, येलो और ब्लू तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में दबाव कम होने की चेतावनी मिली और ऑटोपायलट भी बंद हो गया।
Air India Flight Incident Row: फुकेट से नई दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट (AI2379) में हुए भयानक हादसे के मामले में अब एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। हाल ही में तैयार की गई मेंटेनेंस रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि हवा में सफर के दौरान विमान के भीतर कई गंभीर तकनीकी कमियां पैदा हो गई थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, प्लेन के तीनों प्रमुख हाइड्रोलिक सिस्टम (ग्रीन, येलो और ब्लू) में अचानक दबाव कम होने की 3 अलग-अलग चेतावनियां मिली थीं। हाइड्रोलिक सिस्टम में आई इस बड़ी गड़बड़ी के तुरंत बाद विमान का ऑटोपायलट सिस्टम भी अपने आप बंद हो गया था।
1 घंटा 20 मिनट तक मंडराता रहा खतरा
विमान के भीतर 3 बड़ी तकनीकी चेतावनियां मिलने के बाद भी यह प्लेन लगभग 1 घंटा 20 मिनट तक आसमान में उड़ता रहा। दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने से ठीक पहले ऑटोपायलट बंद होने का एक और अलर्ट दर्ज किया गया था। केवल इतना ही नहीं, रिपोर्ट में आपातकालीन द्वार से जुड़ी प्रणालियों में भी खामियों के साफ संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियां अब इस मुख्य बिंदु का पता लगा रही हैं कि क्या इन्हीं तकनीकी विफलताओं के कारण ही आसमान में अचानक वह खौफनाक झटका लगा था।
300 फीट नीचे गिरा विमान, 24 लोग हुए घायल
यह घटना 4 अगस्त की है, जब 137 यात्रियों और 8 क्रू सदस्यों को लेकर आ रहा एयरबस A320 विमान रास्ते में भयंकर टर्बुलेंस की चपेट में आ गया था। उस वक्त प्लेन अचानक करीब 300 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गया। इस भयावह झटके के कारण विमान में सवार 20 यात्री और 4 केबिन क्रू सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हालांकि, पायलटों ने सूझबूझ दिखाते हुए किसी तरह विमान को नियंत्रित किया और उसे सुरक्षित रूप से दिल्ली में लैंड कराया।
पायलट का ड्रग्स टेस्ट निकला पॉजिटिव
विमान के सुरक्षित उतरने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जब जांच शुरू की, तो एक और बड़ा विवाद खड़ा हो गया। सूत्रों के अनुसार, हादसे के बाद जब पायलट-इन-कमांड का अनिवार्य मेडिकल परीक्षण किया गया, तो उसका ड्रग्स टेस्ट पॉजिटिव निकल आया। इस गंभीर खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों पायलटों को तत्काल प्रभाव से उड़ानों के संचालन से अलग कर दिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां कर रही हैं गहन जांच
फिलहाल इस पूरे मामले की कमान नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने संभाल ली है। इस जांच में तकनीकी सहायता देने के लिए फ्रांस की विमानन सुरक्षा एजेंसी बीईए और विमान निर्माता कंपनी एयरबस के विशेषज्ञ भी भारत आ चुके हैं। जांच एजेंसियां फ्लाइट डेटा, मेंटेनेंस रिकॉर्ड, मेडिकल रिपोर्ट तथा प्लेन के सभी उपकरणों का गहन विश्लेषण कर रही हैं ताकि दुर्घटना के असली कारणों का सही पता लगाया जा सके।