PM-गृह मंत्री पूरे सत्र से गायब...1952 के बाद पहली बार बना ऐसा रिकॉर्ड, कांग्रेस का बड़ा दावा

Congress Slams PM-Amit Shah: संसद के मानसून सत्र को लेकर कांग्रेस ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि 1952 के बाद पहली बार पूरे सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह में से कोई भी दोनों सदनों में मौजूद नहीं रहा।

Update:2026-08-12 19:30 IST

Congress Slams PM and Amit Shah: संसद के वर्तमान मानसून सत्र का अंत होने में अब केवल 1 ही दिन का समय बचा हुआ है, लेकिन दोनों सदनों के भीतर का राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ता ही जा रहा है। विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए एक बड़ा दावा कर दिया है। पार्टी के प्रमुख नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि देश के संसदीय इतिहास में वर्ष 1952 के बाद यह पहला ऐसा मौका आया है, जब पूरे सत्र की अवधि के दौरान देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री में से कोई भी न तो लोकसभा में दिखा और न ही राज्यसभा में उपस्थित रहा।

विपक्ष का तीखा सवाल

लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के उपनेता गौरव गोगोई ने सरकार की नीयत पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर पूछा कि जब सदन के भीतर शिक्षा व्यवस्था और छात्र आंदोलनों से जुड़े अति-महत्वपूर्ण विषयों पर 2 दिनों तक लगातार बहस चलती रही, तब गृह मंत्री अमित शाह ने उससे दूरी क्यों बनाए रखी। विपक्षी नेताओं का कहना है कि अब किसी को कोई लंबा उपदेश या लेक्चर सुनने की जरा भी जरूरत नहीं है। सरकार को बस यह स्पष्ट करना चाहिए कि दिल्ली में विरोध कर रहे युवाओं पर पुलिस द्वारा की गई सख्त कार्रवाई के पीछे किसका आदेश था।

अमित शाह का पलटवार

विपक्षी पार्टियों के लगातार बनते दबाव के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने भी आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ते हुए करारा जवाब दिया है। 20 जुलाई से प्रारंभ हुए इस मानसून सत्र में बने बने गतिरोध के बीच उन्होंने पहली बार अपना पक्ष जनता के सामने रखा। गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और वे विपक्ष के प्रत्येक कठिन सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि असल में विपक्षी दल खुद ही इस संवेदनशील मुद्दे पर कोई गंभीर बातचीत या चर्चा होने देना नहीं चाहते हैं।

दिल्ली और बिहार की घटनाओं पर मांगा सीधा जवाब

संसद के दोनों सदनों में जारी इस भारी खींचतान के बीच विपक्षी खेमे ने साफ कर दिया है कि वे केवल गृह मंत्री की व्यक्तिगत उपस्थिति और सीधे बयानों से ही संतुष्ट होंगे। कांग्रेस का स्पष्ट कहना है कि अमित शाह को खुद आकर दिल्ली में छात्रों पर हुई कथित पुलिस बर्बरता और बिहार में एके-47 के इस्तेमाल की खबरों पर देश को सच्चाई बतानी चाहिए। अब चूंकि सत्र समाप्त होने में महज 24 घंटे से भी कम का समय बचा है, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि संसद में यह राजनीतिक मुकाबला क्या नया मोड़ लेता है।

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