BJP Foundation Day: दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनने के पीछे ये पांच 'मूलमंत्र', फिर जहां चाहा वहां सरकार बनाई
BJP Foundation Day 2025: 6 अप्रैल को है भारतीय जनता पार्टी का स्थापना समारोह है ऐसे में आइये जानते हैं कैसे ये दुनिया की सबसे बड़ी राजनितिक पार्टी बनी।;
BJP Foundation Day 2025: भारतीय जनता पार्टी हर साल अपना स्थापना दिवस 6 अप्रैल को मनाती है। भाजपा साल 1980 में स्थापित हुई थी। भारतीय जनता पार्टी साल 2014 के बाद से ये दुनिया की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी बन गयी। वर्ष 2014 के बाद से पार्टी ने अपनी हर स्थिति को मजबूत बनाया है। बड़े राज्य से लेकर छोटे छोटे गांव के ग्रामीणों के बीच लोकप्रिय हुई। आइये जानते हैं क्या है इसके पीछे के कारण, आखिर कौन सी थी वो नीतियां जिसने पार्टी को सफलता हासिल करने में मदद की।
नरेंद्र मोदी को पीएम उम्मीदवार घोषित करना
2014 में जब नरेंद्र मोदी को उम्मीदवार का चेहरा बनाते हुए बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में उतारा था उस समय भाजपा के सदस्यों की संख्या लगभग 5 से 6 करोड़ थी। लेकिन आज बीजेपी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। आईए जानते हैं कैसे हुआ यह और आखिर क्यों बीजेपी एक सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। आपको बता दें कि जब अमित शाह जनता भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे तब चीन की कम्युनिस्ट पार्टी दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी थी। लेकिन साल 2015 में सदस्यों की संख्या के आधार पर भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनकर उभरी। भाजपा ने अपने विस्तार के लिए कई स्तरों पर काम किया है। आज हम आपको उन पांच बड़ी नीतियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने बीजेपी को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बना दिया।
जहां जहां चाहा वहां सरकार बनाई
अमित शाह के गृहमंत्री बनने के बाद भी पार्टी के अध्यक्षों ने इस फार्मूले को वैसे का वैसा ही रखा। साथ ही साथ जिन राज्यों में पार्टी की स्थिति थोड़ी कमजोर थी वहां पर ज्यादा फोकस करना शुरू किया गया। यही वजह है कि भारतीय जनता पार्टी ने कोलकाता से लेकर के दक्षिण भारत तक अपनी स्थिति बेहतर करने का मौका मिला। यही वजह है कि अब के समय में भाजपा और गठबंधन के साथ मिलाकर कुल 21 राज्यों में सरकार है।
भाजपा ने अपने विस्तार के साथ-साथ संगठन को मजबूत बनाने पर भी बेहद ध्यान दिया। जिसमें सबसे पहले बाहरी संगठन को मजबूत करने का काम शुरू किया गया। पार्टी ने किसी भी तरह के आपसी मतभेद को सार्वजनिक नहीं किया। निचले स्तर पर संगठन का पुनर्गठन किया गया इसमें जिले से लेकर मतदान केंद्र तक संगठन में पदाधिकारी भी बनाए गए। भाजपा ने शून्य से लेकर शिखर तक में नजर रखी। कमजोर बिंदुओं को मजबूत किया।
हर बड़े फैसले पर भाजपा सरकार का सहयोग
बात केंद्र की हो या राज्य की। भाजपा सरकार में बड़े फैसलों से लेकर कई बड़े बड़े प्रस्ताव पास हुए। कई दशकों से चली आ रही राम मंदिर की लड़ाई कोर्ट ने जब पक्ष में फैसला सुनाया तो भाजपा सरकार ने देशभर में कानून व्यवस्था सुदृढ़ बना रखा। इसके साथ ही तीन तलाक, आर्टिकल 370, सीएए-एनआरसी, यूसीसी और वक्फ संशोधन बिल जैसे बड़े प्रस्ताव पास हुए हैं। ऐसे प्रस्ताव जो सदन तक आये तो लेकिन दबकर रहे गए। भाजपा की सरकार ने इन प्रस्तावों को पास कराया। इसके बाद काशी ज्ञानवापी और मथुरा में मस्जिद मामला है, जो कि भाजपा सरकार के एजेंडा का हिस्सा है।
ट्रेंड का साथ सोशल मीडिया में जबरदस्त पैठ
सत्ता में आने के साथ साथ भाजपा ने तकनीक की ताकत को भी समझा और इसका पूरा-पूरा इस्तेमाल भी किया। इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी ने लोगों के लिए पार्टी की सदस्यता हासिल करना आसान बना दिया। लोग घर बैठे मोबाइल के जरिए पार्टी के सदस्य बन सकते हैं इसके लिए आपको बीजेपी की वेबसाइट पर जाकर एक फॉर्म भरकर मोबाइल नंबर देना होता है। इतना करने मात्र से कोई भी भाजपा का सदस्य बन जाता है। वहीं इसका दूसरा तरीका और भी आसान है पार्टी के टोल फ्री नंबर पर मिस्ड कॉल देकर कोई भी भाजपा का सदस्य बन सकता है।
इसके साथ ही साथ अंदरूनी बैठकों के लिए भी भाजपा ने ऑनलाइन एप का इस्तेमाल किया। आपस में बातचीत करने के लिए व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाएं सभी नए पुराने सदस्यों के फोन नंबरों की लिस्टिंग करी। वहीँ अपनी बात को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल भी किया।
गांव-गांव तक में गूंजा मोदी योगी की स्कीम
भारतीय जनता पार्टी गांव गांव में लोगों के बीच लोक प्रिय है। कोरोना के बाद भाजपा सरकार की मुफ्त राशन योजना ने मानों लोगों को वोट के रूप में आभार देने के लिए मजबूर कर दिया। महिलाओं औऱ बच्चों ने कुछ और जाना हो या न जाना हो लेकिन कमल के फूल और मोदी योगी को जरूर जाना है। पार्टी ने इस स्कीम के माध्यम से हर ग्रामवासी और जरूरतमंद के दिलों में पार्टी के लिए जगह बनाई।