पत्नी की कभी हुई ही नहीं हत्या और डेढ़ साल से पति भुगत रहा सजा, होटल में मिली दूसरे के साथ
Karnataka: आज हम आपको एक ऐसे हैरतअंगेज़ मामले के बारे में बताने जा रहे हैं जहाँ पत्नी की बिना हत्या हुए ही पति ने डेढ़ साल सजा काटी वहीँ वो किसी दूसरे आदमी के साथ नज़र आ गयी।;
Karnataka (Image Credit-Social Media)
Karnataka: कर्नाटक के मैसूर से एक अनोखा मामला सामने आया है दरअसल यहां उस पत्नी की हत्या के लिए पति को लगभग डेढ़ साल के लिए सजा भुगतनी पड़ी। वहीं कुछ दिन बाद ही वही पत्नी दूसरे पति संग मिली। इस पूरे मामले में अदालत ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को 17 अप्रैल से पहले अपनी पूरी रिपोर्ट अदालत में सौंपने का आदेश दिया है। आइये जानते हैं क्या यह क्या है यह पूरा मामला और कैसे हुई पुलिस से हुई यह गंभीर चूक।
जिस पत्नी की कभी हत्या हुई ही नहीं उसके लिए डेढ़ साल तक पति ने भुगती सजा
पुलिस की लापरवाही कहें या किस्मत का खेल एक पति को अपनी उस पत्नी की हत्या के लिए सज़ा भुगतनी नहीं पड़ी जिसकी कभी हत्या हुई ही नहीं थी। ऐसे में जब यह मामला अदालत के सामने आया तो पुलिस अधीक्षक (एसपी) को इस मामले के लिए 17 अप्रैल से पहले पूरी रिपोर्ट अदालत के सामने पेश करने का आदेश दिया गया। वहीं इस गंभीर चूक के लिए कोर्ट ने पुलिस को कड़ी फटकार भी लगाई। दरअसल मल्लिगे नाम की महिला के पति सुरेश ने उसकी हत्या के आरोप में लगभग डेढ़ साल जेल में बताए हैं। लेकिन वो अपने दूसरे पति के साथ घूमती नज़र आई।
शिकायत करने पर पुलिस ने पति पर ही लगा दिया आरोप
यह मामला कर्नाटक के मैसूर का है जहां दिसंबर 2020 में एक पति ने अपनी पत्नी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। पत्नी का नाम मल्लिगे है जो की कुशालनगर से लापता हो गई थी। इस बीच पुलिस को बेट्टादारापुरा इलाके में महिला का कंकाल मिला। इसके बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दायर किया जिसमें यह कहा गया कि यह कंकाल मल्लिगे का था और सुरेश ने उसकी हत्या की थी। इसके बाद सुरेश को इस मामले में गिरफ्तार भी कर लिया गया। लेकिन इसी बीच 1 अप्रैल को सुरेश के एक दोस्त ने मिलकर को मदिकेरी में किसी अन्य व्यक्ति के साथ देख लिया।
इसके बाद यह पूरा मामला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के संज्ञान में लाया गया और इसके बाद उसे अदालत के सामने पेश किया गया। अदालत में 17 अप्रैल तक मामले की पूरी रिपोर्ट पेश करने को कहा। वहीँ सुरेश के वकील पांडू पुजारी ने कहा कि कुशालनगर के गांव में रहने वाले सुरेश ने 2020 में अपनी पत्नी के लापता होने के संबंध में कुशालनगर ग्रामीण पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। उसी समय एक कंकाल मिला और एक साल बाद पुलिस ने सुरेश को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही ये भी आरोप लगाया कि सुरेश के अवैध संबंध के कारण उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। लेकिन करीब डेढ़ साल तक सजा भुगतने के बाद 1 अप्रैल को यह खुलासा हुआ कि जिस पत्नी की हत्या के लिए वह डेढ़ साल जेल में था वह किसी अन्य व्यक्ति के साथ है।
पुलिस से कैसे हुई इतनी बड़ी चूक
दरअसल पुलिस ने मल्लिगे की मां के खून के नमूने के साथ मिले कंकाल को डीएनए परीक्षण में भेजा था। लेकिन डीएनए रिपोर्ट आती इससे पहले ही पुलिस ने अदालत में अंतिम आरोप पत्र दायर कर दिया। लेकिन बाद में डीएनए रिपोर्ट से पता चला कि कंकाल मल्लिगे का नहीं था। इस रिपोर्ट के आधार पर आवेदन दायर किया गया तो अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया।वहीँ मल्लिगे की मां और ग्रामीणों सहित गवाहों से गवाही देने को कहा गया सभी ने अदालत के सामने गवाही दी कि वह जीवित है और किसी के साथ भाग गई है। हालांकि इस मामले में आरोपी पति को जमानत मिल गई है।
अदालत में आरोप पत्र की कमियों के बारे में जब पुलिस से पूछताछ की गयी तो पुलिस ने कहा कि कंकाल मल्लिगे का ही था और सुरेश ने उसकी हत्या की थी। लेकिन इसी बीच 1 अप्रैल को मल्लिगे को मडिकेरी में एक होटल में एक आदमी के साथ खाना खाते हुए सुरेश के दोस्त ने देख लिया था। जो कि आरोप पत्र में ही एक नामित गवाह भी था। अदालत को उसने ये पूरी जानकारी दी।
इसके बाद अदालत ने पुलिस को मल्लिगे को तुरंत पेश करने के लिए कहा। उसे अदालत में पेश किया गया और जब उससे पूछताछ की गई तो पता चला कि वह की मल्लिगे किसी अन्य व्यक्ति के साथ भाग गई थी और उसने उसके साथ शादी भी कर ली थी। इस पूरी बात को मल्लिगे ने खुद स्वीकार किया। उसने यह भी कहा कि वह नहीं जानती कि सुरेश के साथ क्या हुआ था। वह मडिकेरी से सिर्फ 25 से 30 किलोमीटर दूर दूर शेट्टीहल्ली गांव में रह रही थी। लेकिन पुलिस ने उसका पता लगाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया।
वहीँ सुरेश की तरफ से इस झूठे मामले को दर्ज करने के लिए पुलिस के खिलाफ हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की जाएगी। जहां मानवाधिकार आयोग और एसटी आयोग से भी संपर्क किया जाएगा। फिलहाल इस पूरे मामले में अदालत का अंतिम आदेश का अभी इंतजार हो रहा है।