Rama Navami 6 April 2025: अय़ोध्या सहित पूरी अवध पूरी में दीप मालिका सजा कर रामजनमोत्सव मनाने की तैयारी

Rama Navami 6 April 2025: हिन्दुओं के आराध्य भगवान राम की जयंती मनाए जाने को लेकर लोगों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। अयोध्या में राम जनमोत्सव की तैयारियों की धूम है।;

Update:2025-04-05 13:34 IST

Ramnavami News (Image From Social Media).j

Rama Navami 2025: पूरे देश में रामनवमी मनाए जाने की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। हिन्दुओं के आराध्य भगवान राम की जयंती मनाए जाने को लेकर लोगों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। अयोध्या में राम जनमोत्सव की तैयारियों की धूम है। भगवान राम का जनमोत्सव चैत्र नवरात्रि की नवमी को मनाया जाता है, जिसे रामनवमी के नाम से जाना जाता है। उत्सव के लिए पूरा देश तैयार है। उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड, तमिलनाडु, तेलंगाना, हरियाणा, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र और बिहार जैसे प्रमुख राज्य बड़े उत्साह के साथ अनुष्ठान और रीति-रिवाजों का पालन करते हुए रामनवमी मनाएंगे। कई क्षेत्रों में रथ यात्रा, धर्मार्थ कार्यक्रम आयोजित होते हैं या जुलूस निकाले जाते हैं। यह पूरे भारत में एक आधिकारिक सार्वजनिक अवकाश है।

रामनवमी पर अयोध्या धाम की धमक निराली है। राम मंदिर और अयोध्या की शोभा देखते ही बन रही है

राम नवमी से जुड़े अनुष्ठान और उससे जुडे रीति-रिवाज पूरे भारत में अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग किये जाते हैं। कई परंपराओं में रामायण के प्रवचनों को पढ़ना, रामचरित मानस का पाठ करना, सुंदरकांड का पाठ करना और सुनना, शोभा यात्रा, रथ यात्रा (रथ जुलूस) का आयोजन करना, धर्मार्थ कार्यक्रम, राम और सीता की शादी की बारात का आयोजन करना और सीता, लक्ष्मण और हनुमान की शोभा यात्रा निकालना आदि है, जिन्होंने राम की जीवन कहानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कुछ समुदायों में देवता सूर्य की भी पूजा की जाती है।

इस वर्ष, भारत में, राम नवमी रविवार, 6 अप्रैल को मनाई जाएगी। जैसा कि हम जानते हैं यह त्यौहार चैत्र नवरात्रि और हनुमान जयंती से जुड़ा हुआ है। द्रिक पंचांग के अनुसार, राम नवमी का शुभ मुहूर्त 6 अप्रैल को सुबह 11:08 बजे से दोपहर 01:39 बजे तक है। वैसे आपको बता दें कि राम नवमी की तिथि आज 5 अप्रैल को शाम 07:26 बजे शुरू हो जाएगी और 6 अप्रैल को शाम 07:22 बजे समाप्त होगी।

अमिताभ बच्चन सुनाएंगे राम कथा

राम नवमी पर इस बार खास बात यह है कि सुपर स्टार या सहस्राब्दि के महानायक खिताब से नवाजे गए अमिताभ बच्चन जियो हाटस्टार पर सुबह आठ बजे से राम कथा सुनाएंगे। इस संबंध में टीवी पर प्रमोशन के लिए आ रहे एक वीडियो में अमिताभ बच्चन कहते हैं युगों युगों से इस धरती पर, कितने जन्मे, कितने आए, उन सभी में बस एक वही क्यों मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए। इस रामनवमी पर आप सबके सामने राम कथा प्रस्तुत करने का अवसर मुझे दिया गया है।

जियोहाटस्टार ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा है, इस राम नवमी अयोध्या से लेकर पंचवटी तक हर जगह गूंजेगा बस श्री राम का नाम, श्री अमिताभ बच्चन के साथ राम कथा प्रस्तुत करना, अयोध्या, चित्रकूट, पंचवटी और भद्राचलम से लाइव आरती, श्रद्धेय आध्यात्मिक नेताओं के साथ धार्मिक प्रवचन, मनमोहक संगीत प्रदर्शन और बहुत कुछ! ✨ ,रामनवमी को 6 अप्रैल, सुबह 8 बजे से शाम 6:30 बजे तक लाइव देखें, केवल JioHotstar पर।

अयोध्या राम की जन्मभूमि है; अब तो यहां रामलला का भव्य मंदिर भी बन चुका है। इसलिए, राम मंदिर में एक बड़ा उत्सव मनाया जाएगा। अयोध्या में राम नवमी उत्सव के संबंध में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, राम मंदिर की देखभाल के लिए गठित ट्रस्ट ने अपने एक्स हैंडलर के माध्यम से कहा है, "श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्री राम नवमी का उत्सव चैत्र शुक्ल नवमी, विक्रम संवत 2081, यानी 6 अप्रैल, 2025 को दिव्य वैभव और भव्यता के साथ मनाया जाएगा।"

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार रामनवमी के दौरान अयोध्या में दो लाख से ज़्यादा दीये जला सकती है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश में जनता ने भी रामनवमी पर्व मनाने की भव्य तैयारी की हुई है। राम जन्म की खुशी में घर घर में दिये जलाकर खुशी मनाई जाएगी।

हेरिटेज वाक और पवित्र जल का छिड़काव

राम जन्मभूमि ट्रस्ट संभवतः अष्टमी के दिन कनक भवन से शुरू होने वाले एक हेरिटेज वॉक का आयोजन करेगा, जो राम कथा पार्क में समाप्त होगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक अयोध्या के ज़िलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने कहा है, "रामनवमी पर आने वाले श्रद्धालुओं पर सरयू नदी का पवित्र जल छिड़का जाएगा। इसके लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। यह विचार माता सरयू के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। यह तकनीक और परंपरा का अनूठा संगम होगा।"

क्या है महत्व

मोटे तौर पर देखें तो यह कहा जा सकता है कि आज भी लोग राम जैसा नायक दूसरा नहीं पाते। बेशक उन्हें भगवान माना जाता है। लेकिन उन्होंने मनुष्य रूप मे जो कुछ भी किया उस आधार पर जनता उनमें नायक के सभी गुण पाती है। इसीलिए वह पुरुषोत्तम कहे गए। मर्यादा की जो लकीर उन्होंने खींच दी उसे आज तक कोई छोटा नहीं कर पाया। इसी लिए उन्हें भगवान कहा गया। जब व्यक्ति कष्ट में होता है । पीड़ित होता है । दुखी होता है । तो इसके जीवन का आधार केवल राम का नाम होता है। राम हर बुराई पर जीत का प्रतीक हैं और वह इस बात का भी प्रतीक हैं कि धर्म अधर्म को हमेशा हराता है। इस दिन की शुरुआत अक्सर सूर्योदय के समय हिंदू देवता सूरज देवता (सूर्य) को जल चढ़ाकर की जाती है, हिंदू पौराणिक कथाओं में भगवान राम का पूर्वज माना जाता है। रामनवमी का महत्व आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाना है और पृथ्वी से नकारात्मकता का बोझ कम करना है। 

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