कैश कांड में फंसे Justice Yashwant Varma इलाहाबाद हाईकोर्ट में बनाए गए जज, हो रहा विरोध
Justice Yashwant Varma: जस्टिस यशवंत वर्मा ने अधजले नकदी मामले की जांच के बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज के रूप में शपथ ली है।;
Justice Yashwant Varma: जस्टिस यशवंत वर्मा ने आज इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज के रूप में शपथ ली है। यशवंत वर्मा को लेकर अभी भी आंतरिक जांच चल रही है, इसके बावजूद इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अरुण भंसाली ने उन्हें शपथ दिलाई है। आइये इस पूरे मामले को समझते हैं।
क्या है पूरा मामला?
पिछले दिनों जस्टिस यशवंत वर्मा के घर पर अधजली नकदी मिली थी, जिसके बाद बवाल मच गया था। अधजली नकदी की फोटोज सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी, जिसके बाद यह सवाल उठा कि आखिर जस्टिस यशवंत वर्मा के घर पर इतने नोट कहां से आए। इस विवाद के बीच ही यशवंत वर्मा को दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद ट्रांसफर कर दिया गया था। इस मामले के बाद से ही उन्हें कोई न्यायिक कार्य नहीं दिया गया है। मामले को लेकर जस्टिस वर्मा से पूछताछ भी जारी है। इस बीच अब उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जज के रूप में शपथ ले ली है।
शपथ ग्रहण समारोह को दी गई चुनौती
जस्टिस यशवंत वर्मा के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के समक्ष एक PIL दायर कर चुनौती भी दी गई। यह PIL एडवोकेट विकास चतुर्वेदी ने दायर की, जिसमें उन्होंने नकदी बरामदगी की आंतरिक जांच पूरी होने तक शपथ ग्रहण समारोह पर रोक लगाने की मांग की। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी चीफ जस्टिस और जजों को पत्र लिखकर नियुक्ति की आलोचना की है। उन्होंने जस्टिस वर्मा की नियुक्ति पर विरोध जताते हुए कहा कि हम कोई कूड़ादान नहीं हैं।
जस्टिस वर्मा के खिलाफ FIR की मांग वाली याचिका खारिज कर चुकी है सुप्रीम कोर्ट
जस्टिस वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग को लेकर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी दायर की गई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को 'प्रीमैच्योर' बताते हुए खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि जस्टिस वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज की जानी चाहिए या नहीं, इसका फैसला जांच पूरी होने के बाद लिया जाएगा।