कांग्रेस नेता का चीन कनेक्शनः जूनियर चिदंबरम पर लगे कई बड़े आरोप, CBI ने दर्ज किया केस

केंद्रीय जांच एजेंसी ने कार्ति चिदंबरम और अन्य चार लोगों पर चीनी नागरिकों को वीजा दिलवाने के लिए कथित तौर पर 50 लाख रूपये बतौर रिश्वत के रूप में लेने का आरोप लगाया है।

Published By :  Shreya
Update: 2022-05-17 15:46 GMT

कार्ति चिदंबरम (फोटो साभार- सोशल मीडिया)

Tamil Nadu News: तमिलनाडु के शिवगंगा (Sivaganga) से कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम (Congress MP Karti Chidambaram) और अन्य चार लोगों पर घूस लेकर चीनी नागरिकों को वीजा उपलब्ध करवाने का आरोप लगा है। मंगलवार को सीबीआई (CBI) ने कांग्रेस सांसद के 10 ठिकानों पर छापा मारा है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने उनपर 263 चीनी नागरिकों को वीजा दिलवाने के लिए कथित तौर पर 50 लाख रूपये बतौर रिश्वत के रूप में लेने का आरोप लगाया है। उनपर चीनी नागरिकों को अवैध वीजा दिलवाने के मामले में केस दर्ज किया गया है। बता दें कि कार्ति चिदंबरम वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम (P. Chidambaram) के बेटे हैं।

क्या है पूरा मामला?

सीबीआई के मुताबिक, एक निजी कंपनी पंजाब के मनसा में 1980 मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट (Thermal Power Plants) लगा रहा थी। इसका जिम्मा एक चीनी कंपनी को सौंपा गया था। प्रोजेक्ट में देरी होने के कारण काम की गति बढ़ाने के लिए चीनी प्रोफेशनल्स को मनसा ले जाया गया। इनके लिए वीजा का इंतजाम चेन्नई के एक व्यक्ति ने अपने कुछ साथियों के मदद से किया। इसमें नियमों की अनदेखी हुई। कुल 263 प्रोजेक्ट वीजा जारी किए गए। गृह मंत्रालय को कंपनी की तरफ से एक चिट्ठी लिखी गई, जिसमें तमाम वीजाधारकों का फिर से वीजा जारी करने की गुजारिश की गई थी। इसकी मंजूरी भी एक माह में ही मिल गई।

सीबीआई के अधिकारियों का आरोप है कि ये पूरा घटनाक्रम 2011 में तबका है जब कार्ति चिदंबरम के पिता पी. चिदंबरम केंद्र में गृह मंत्री थी। कार्ति पर आरोप है कि उन्होंने 50 लाख रिश्वत लेकर अपने पिता के पोजिशन का गलत फायदा उठाते हुए चीनी नागरिकों के लिए अवैध रूप से वीजा जारी करवाया। आरोप है कि यह रिश्वत मनसा की प्राईवेट कंपनी ने मुंबई की एक कंपनी के फर्जी बिल के जरिए चेन्नई भेजी।

पांच आरोपियों पर केस दर्ज

सीबीआई ने इस मामले में पांच आरोपियों पर केस दर्ज किया है। इनमें कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम, उनके निकट सहयोगी एन भास्कररमन, मनसा स्थित निजी कंपनी के प्रतिनिधि विकास मखाड़िया, मनसा में ही मेसर्स तलवंडी साबो पावर लिमिटेड के प्रतिनिधि, मेसर्स बेल टूल्स लिमिटेड मुंबई शामिल है। इसके अतिरिक्त एक सरकारी कर्मचारी और निजी कर्मचारी भी शामिल है, जिसके नाम का फिलहाल खुलासा नहीं किया गया है।

बैकफुट पर कांग्रेस

लद्दाथ स्थित भारत-चीन सीमा (Indo-China Border) पर जारी सैन्य गतिरोध को लेकर लगातार मोदी सरकार (Modi Government) को घेरने वाली कांग्रेस के लिए सियासी तौर पर बड़ा झटका है। पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) लगातार संसद से लेकर अपनी रैलियों और सोशल मीडिया पोस्टों में मोदी सरकार पर चीन के मुद्दे पर झूठ बोलने का आरोप लगाते रहे हैं। ऐसे में उनके एक बड़े नेता पर लगे गंभीर आरोप के बाद कांग्रेस बैकफुट पर है। वहीं बीजेपी इस खुलासे के बाद हमलावर है।

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