‘बालासोर रेल हादसा षड्यंत्र’, 270 पूर्व ब्यूरोक्रेट्स-जजों-सेना के पूर्व अधिकारियों ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी
Coromandel Express Accident: ओडिशा के बालासोर में 3 जून को हुए भीषण रेल हादसे में 288 लोगों की मौत हो गई। इसी पर अब देश भर के 270 पूर्व नौकरशाहों, जजों और सेना के पूर्व अधिकारियों ने पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर कई मांग की है।
Coromandel Express Accident: ओडिशा के बालासोर जिले में बीते 3 जून को हुए भीषण रेल हादसे (Balasore Train Accident) को लेकर देश भर के 270 पूर्व नौकरशाहों, जजों और सेना के पूर्व अधिकारियों ने पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर हादसे में 'षड्यंत्र' की आशंका जताई है। चिट्ठी में 90 के दशक तथा 2000 के शुरुआती वर्षों में भी रेलवे ट्रैक पर देशविरोधी ताकतों द्वारा छेड़छाड़ से हुए हादसों का हवाला दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को लिखे पत्र में इन सभी लोगों ने रेलवे ट्रैक के पास अवैध अतिक्रमण (Illegal Encroachment) सहित रेलवे ट्रैक के किनारे अवैध कब्जा करने वालों को हटाने की मांग की है। पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह व पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में तोड़-फोड़ से लेकर हर पहलू की जांच की सलाह दी है।
'जानबूझकर तोड़-फोड़ और टेरर हो सकती है वजह'
जानकारी के लिए बता दें, प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखने वाले अधिकतर आईएएस, आईपीएस अधिकारी है। उन अधिकारियों ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सेना की उचित तैनाती (Proper Deployment of Forces) की वकालत की है। साथ ही, ब्यूरोक्रेट्स ने ये भी कहा है कि सीबीआई जांच में सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा गया है कि, हादसे का कारण जानबूझकर की गई तोड़-फोड़ और टेरर भी हो सकता है।
जानकारी के लिए बता दें, प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखने वाले अधिकतर आईएएस, आईपीएस अधिकारी है। उन अधिकारियों ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सेना की उचित तैनाती (Proper Deployment of Forces) की वकालत की है। साथ ही, ब्यूरोक्रेट्स ने ये भी कहा है कि सीबीआई जांच में सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा गया है कि, हादसे का कारण जानबूझकर की गई तोड़-फोड़ और टेरर भी हो सकता है।
दिनेश त्रिवेदी- 100 फीसदी यकीन, तोड़फोड़ से हुआ हादसा
गौरतलब है कि, पूर्व रेल मंत्री और बंगाल बीजेपी नेता दिनेश त्रिवेदी (Dinesh Trivedi) ने भी इंटरलॉकिंग सिस्टम में हेरफेर और तोड़फोड़ के गंभीर आरोप लगाए थे। पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने एक न्यूज़ चैनल से खास बातचीत में कहा था कि, इंटरलॉकिंग सिस्टम, इसकी कार्यप्रणाली और फिर इस घटना में क्या हुआ? इसके बारे में मेरे पास जो इनपुट और समझ है, उससे लगता है कि एक गंभीर छेड़छाड़ हुई थी। जिस वजह से कोरोमंडल एक्सप्रेस मुख्य ट्रैक से लूप लाइन पर चली गई। अधिक निष्कर्ष जांच के बाद ही आएंगे। उन्होंने दावे के साथ कहा, मुझे सौ प्रतिशत यकीन है कि यह कोई दुर्घटना नहीं, तोड़फोड़ के कारण हुआ हादसा है।'
सिस्टम से छेड़छाड़ के बाद...
पूर्व रेल मंत्री त्रिवेदी ने ये भी कहा था कि, 'लौह अयस्क से लदी मालगाड़ी चट्टान की तरह खड़ी थी। उस मालगाड़ी से यात्री ट्रेन लूप लाइन पर जाकर टकरा गई। ये सामान्य सिग्नल विफलता या पटरी से उतरने का मामला नहीं है। दिनेश त्रिवेदी कहते हैं, 'हमें ये समझना चाहिए कि एक लोको पायलट सिग्नल के आधार पर केवल ब्रेक दबा सकता है या ट्रेन की गति बढ़ा सकता है। लोको पायलट न तो ट्रैक बदल सकता है और ना ही ट्रेनों का मार्ग बदल सकता है। लिहाजा, सिस्टम के भीतर छेड़छाड़ किए जाने के बाद ट्रेन ने ट्रैक बदला।'
पूर्व रेल मंत्री त्रिवेदी ने ये भी कहा था कि, 'लौह अयस्क से लदी मालगाड़ी चट्टान की तरह खड़ी थी। उस मालगाड़ी से यात्री ट्रेन लूप लाइन पर जाकर टकरा गई। ये सामान्य सिग्नल विफलता या पटरी से उतरने का मामला नहीं है। दिनेश त्रिवेदी कहते हैं, 'हमें ये समझना चाहिए कि एक लोको पायलट सिग्नल के आधार पर केवल ब्रेक दबा सकता है या ट्रेन की गति बढ़ा सकता है। लोको पायलट न तो ट्रैक बदल सकता है और ना ही ट्रेनों का मार्ग बदल सकता है। लिहाजा, सिस्टम के भीतर छेड़छाड़ किए जाने के बाद ट्रेन ने ट्रैक बदला।'