कंधमाल हल्दी को भौगोलिक संकेतक पंजीयक से GI पहचान मिल गयी

ओड़िशा के कंधमाल जिले में आदिवासी किसानों द्वारा उगायी जाने वाली कंधमाल हल्दी को सोमवार को भौगोलिक संकेतक (जीआई) पहचान मिली।

Update: 2019-04-01 16:23 GMT

भुवनेश्वर: ओड़िशा के कंधमाल जिले में आदिवासी किसानों द्वारा उगायी जाने वाली कंधमाल हल्दी को सोमवार को भौगोलिक संकेतक (जीआई) पहचान मिली।

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यहां सेंट्रल टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर में स्थापित इंटेलेक्चुअल प्रोपर्टी फैसिलिटेशन सेंटर के प्रमुख डॉ एस के कार ने बताया कि कंधमाल हल्दी को भौगोलिक संकेतक पंजीयक से जीआई पहचान मिल गयी है।

मूल रूप से कंधमाल के आदिवासियों द्वारा उगायी जाने वाली हल्दी औषधीय विशेषताओं को लेकर प्रसिद्ध है।

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कार ने बताया कि दिसंबर, 2018 में कंधमाल एपेक्स स्पाईसेज एसोसिएशन फॉर मार्केटिंग ने ‘कंधमाल हल्दी’ के पंजीकरण के लिए आवेदन दिया था जिसे वस्तु भौगोलिक संकेतक (पंजीकरण एवं संरक्षण) अधिनियम की धारा 13 की उपधारा 1 के तहत मंजूरी दी गयी।

इसका रंग सुनहरा पीला होता है और यह अन्य किस्मों से भिन्न है।

(भाषा)

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