Maharashtra Politics: नवाब मलिक को लेकर महाराष्ट्र में सियासी घमासान, दो डिप्टी सीएम आमने-सामने, शिंदे ने भी किया फडणवीस का समर्थन

Maharashtra Politics: फडणवीस ने साफ तौर पर कहा है कि हम नवाब मलिक के साथ नहीं बैठ सकते क्योंकि उनके ऊपर देशद्रोह जैसा गंभीर आरोप है।

Written By :  Anshuman Tiwari
Update: 2023-12-08 12:00 GMT

Maharashtra Politics

Maharashtra Politics: एनसीपी के वरिष्ठ नेता नवाब मलिक को लेकर महाराष्ट्र की सियासत में घमासान छिड़ गया है। राज्य के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन नवाब मलिक को सत्ता पक्ष की सीट पर बिठाने का तीखा विरोध करते हुए डिप्टी सीएम अजित पवार को चिट्ठी लिखी है। फडणवीस ने साफ तौर पर कहा है कि हम नवाब मलिक के साथ नहीं बैठ सकते क्योंकि उनके ऊपर देशद्रोह जैसा गंभीर आरोप है।

मजे की बात यह है कि राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी फडणवीस का समर्थन किया है। उनका साफ तौर पर कहना है कि नवाब मलिक को लेकर हम अपने पिछले रुख पर कायम हैं। गंभीर आरोपों को लेकर उन्हें अभी तक कोर्ट की ओर से बरी नहीं किया गया है। दूसरी ओर अजित पवार गुट नवाब मलिक के समर्थन में खड़ा हो गया है। वैसे अजित पवार ने कहा है कि वह अपना रुख स्पष्ट करने से पहले नवाब मलिक से चर्चा करेंगे ताकि वे उनकी स्थिति को समझ सकें।

फडणवीस की चिट्ठी के बाद घमासान

नवाब मलिक को लेकर महाराष्ट्र में सियासी घमासान देवेंद्र फडणवीस की चिट्ठी के बाद शुरू होगा। फडणवीस ने गुरुवार को अजित पवार को पत्र लिखकर धनशोधन मामले में आरोपी नवाब मलिक को महायुति गठबंधन में शामिल करने पर आपत्ति जताई थी। मलिक को गत फरवरी 2022 में भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगियों से जुड़े धनशोधन के मामले में गिरफ्तार किया गया था।

फिलहाल वे चिकित्सकीय आधार पर जमानत पर हैं। फडणवीस का साफ तौर पर कहना है कि नवाब मलिक के खिलाफ देशद्रोह का गंभीर आरोप है और सत्ता पक्ष उनके साथ नहीं बैठ सकता। फडणवीस की चिट्ठी के बाद से ही महाराष्ट्र की सियासत गरमाई हुई है।

मुख्यमंत्री शिंदे ने किया फडणवीस का समर्थन

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की ओर से फडणवीस की बातों का समर्थन किए जाने से अजित पवार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मुख्यमंत्री शिंदे ने भी फडणवीस की बातों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि घटक दल अपनी-अपनी पार्टी कैसे चलाते हैं, ये उनका अपना मामला हो सकता है, लेकिन राष्ट्रहित और जनहित का लक्ष्य हमारा एक समान होना चाहिए। इस मुद्दे पर हम एकजुट हैं। इसके साथ ही उन्होंने अजित पवार से अपेक्षा की है कि वे इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर उचित रुख अपनाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवाब मलिक को लेकर हम अपने पिछले रुख पर कायम है उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगे हैं और कोर्ट की ओर से उन्हें अभी तक बरी नहीं किया गया है। ऐसे में नवाब मलिक का सत्तारूढ़ दल की बेंचो पर बैठना उचित नहीं माना जा सकता।

नवाब मलिक ने दिया भाजपा को जवाब

डिप्टी सीएम फडणवीस की चिट्ठी के बाद नवाब मलिक ने भी तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि जिस देवेंद्र फडणवीस ने ऐसी चिट्ठी लिखी है, उनकी भूमिका दोहरी है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में बीजेपी सरकार बनाने के लिए पीडीपी और महबूबा मुफ्ती से कैसे गठबंधन कर लेती है।

उन्होंने कहा कि बीजेपी अपनी सुविधा के हिसाब से नैरेटिव बनाती है। आज भी सदन में कई ऐसे नेता हैं जिन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं मगर भाजपा उनके साथ अपनी सरकार चल रही है। भाजपा को यह बताना चाहिए कि ऐसे लोगों का वह कैसे समर्थन कर रही है।

मालिक से मिलकर रुख तय करेंगे अजित पवार

अब इस मुद्दे को लेकर अजित पवार का रुख भी सामने आया है। अजित पवार ने कहा कि मैंने डिप्टी सीएम फडणवीस की ओर से भेजी गई चिट्ठी पढ़ी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अपने गुट का पक्ष बताने से पहले वे नवाब मलिक से बात करेंगे ताकि वे उनकी स्थिति को समझ सकें। उन्होंने कहा कि नवाब मलिक का पक्ष जानने के बाद ही मैं अपने गुट का रुख स्पष्ट करूंगा।  अजित पवार ने कहा कि उनका गुट गत 2 जुलाई को राज्य में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में शामिल हुआ था और मालिक यह सब होने के बाद विधानसभा में आए थे। जेल से रिहाई के बाद मलिक ने पहली बार विधानमंडल सत्र में हिस्सा लिया था।

दूसरी ओर एनसीपी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने भाजपा पर नवाब मलिक का अपमान करने और अजित पवार गुट को फंसाने का आरोप लगाया है। उन्होंने भाजपा को भ्रष्ट जुमला पार्टी बताते हुए कहा कि नवाब मलिक के जरिए पार्टी ने अजित पवार गुट को फसाने की साजिश रची है। अब इस मामले को लेकर अजित पवार के रुख का इंतजार किया जा रहा है। 

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