TMC के इस नेता ने नाबालिग से डलवाया वोट! उंगली पर स्याही के निशान से मचा बवाल, जानें पूरा मामला

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग के बीच एक नई तस्वीर ने राजनीतिक माहौल को और ज्यादा गरमा दिया है। यहां बीजेपी नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक फोटो साझा की है, जिसमें एक नाबालिग लड़की की उंगली पर वोटिंग स्याही जैसे निशान दिखाई दे रहे हैं।

Update:2026-04-29 19:08 IST

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग के बीच एक नई तस्वीर ने राजनीतिक माहौल को और ज्यादा गरमा दिया है। यहां बीजेपी नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक फोटो साझा की है, जिसमें एक नाबालिग लड़की की उंगली पर वोटिंग स्याही जैसे निशान दिखाई दे रहे हैं। इस तस्वीर के सामने आने के बाद चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

फिरहाद हकीम पर गंभीर आरोप

दरअसल अमित मालवीय ने इस तस्वीर के जरिए तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या फिरहाद हकीम ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एक नाबालिग लड़की की उंगली पर वोटिंग स्याही जैसा निशान लगवाया। मालवीय ने कहा कि वह किसी नाबालिग को राजनीति में घसीटना नहीं चाहते, लेकिन इस तरह की घटना बेहद चिंताजनक है और यह लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने वाला संदेश देती है।

चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच की मांग

यहां बीजेपी नेता ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से अपील की है कि इस कथित उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि चुनाव जैसे संवेदनशील समय में ऐसी घटनाएं लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करती हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

आरोप-प्रत्यारोप के बीच तेज हुई सियासत

वहीं इस घटना के सामने आने के बाद राज्य में पहले से चल रहा आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है। विपक्ष इसे चुनावी नियमों के उल्लंघन का मामला बता रहा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। चुनाव के अंतिम चरण में इस तरह का विवाद सामने आना यह दिखाता है कि बंगाल का राजनीतिक माहौल कितना संवेदनशील बना हुआ है।

पहले भी उठा चुके हैं सवाल

आपको बताते चलें कि, इससे पहले भी अमित मालवीय ने एक वीडियो साझा किया था, जिसमें एक पोलिंग बूथ पर ईवीएम में बीजेपी के निशान को टेप से ढका हुआ दिखाया गया था। इस मामले के सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने जांच के आदेश दिए थे और जरूरत पड़ने पर दोबारा वोटिंग कराने की बात कही थी।

कौन हैं फिरहाद हकीम?

फिरहाद हकीम, जिन्हें बॉबी हकीम के नाम से भी जाना जाता है, कई बार अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। साल 2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान एक पाकिस्तानी अखबार की महिला पत्रकार से बातचीत में उन्होंने कथित तौर पर अपने निर्वाचन क्षेत्र गार्डन रीच को ‘मिनी पाकिस्तान’ कहा था, जिस पर काफी हंगामा हुआ था। बाद में उन्होंने इस बयान से इनकार करते हुए कहा था कि उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश किया गया।

वहीं दिसंबर 2024 में एक कार्यक्रम के दौरान उनके एक बयान ने फिर विवाद खड़ा कर दिया था, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि जो लोग इस्लाम में पैदा नहीं हुए हैं वे दुर्भाग्यशाली हैं और एक दिन मुस्लिम बहुमत में होंगे। इस बयान के बाद उनकी अपनी पार्टी ने भी दूरी बना ली थी और उन्होंने बाद में सफाई देते हुए खुद को धर्मनिरपेक्ष बताया था।

वहीं साल 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह कथित तौर पर केंद्रीय सुरक्षा बलों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते नजर आए थे। इस मामले में चुनाव आयोग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नवंबर 2024 में उपचुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने संदेशखाली मामले की पीड़ित और बीजेपी उम्मीदवार रेखा पात्रा पर भी कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसकी काफी आलोचना हुई थी।

चुनाव आयोग की कार्रवाई पर टिकी नजरें

दरअसल फिरहाद हकीम ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं और कोलकाता के मेयर के तौर पर उनकी मजबूत पकड़ बनी हुई है। अब इस नए विवाद के बाद सभी की नजरें चुनाव आयोग पर टिकी हैं कि वह इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। वहीं चुनाव के अहम दौर में सामने आई इस घटना ने बंगाल की सियासत को और ज्यादा गरमा दिया है।

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