Agneepath Scheme: सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकारी अग्निपथ योजना के खिलाफ दायर एक याचिका, अगले सप्ताह सुनवाई
Agneepath Scheme: केंद्र सरकार द्वारा सेना में सैनिक भर्ती के लिए लागू की गई अग्निपथ योजना के खिलाफ न्यायालय में कई याचिकाएं दायर की गई थीं, जिनमें एक सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका को स्वीकार करते हुए अगले सप्ताह सुनवाई की तारीख सुनिश्चित की है।;
Agneepath Scheme (image credit social media)
Agneepath Scheme: केंद्र सरकार द्वारा सेना में सैनिक भर्ती के लिए लागू की गई अग्निपथ योजना के खिलाफ न्यायालय में कई याचिकाएं दायर की गई थीं, जिनमें एक सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका को स्वीकार करते हुए अगले सप्ताह सुनवाई की तारीख सुनिश्चित की है। आपको बता दें कि बीते 14 जून को अग्निपथ योजना के आधिकारिक ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश, बिहार सहित देश के कई राज्यों में जमकर हंगामा, बवाल और आगजनी हुई।
हालांकि, बावजूद इसके केंद्र सरकार द्वारा किसी भी हाल में योजना को रद्द ना करने की बात कही गई। अब अग्निपथ योजना के खिलाफ दायर की गई एक याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है, ऐसे में अब योजना के मद्देनज़र न्यायालय में विभिन्न पहलुओं और इसकी वस्तुनिष्ठता पर बहस की जाएगी। जिसके आधार पर ही न्यायालय द्वारा अपना फैसला सुनाया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहीं बातें
अग्निपथ योजना के खिलाफ दायर याचिका के माध्यम से याचिकाकर्ता ने न्यायालय के समक्ष कहा है कि अग्निपथ योजना के तहत आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है और ऐसे में लाखों की संख्या में अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। इसी के साथ अग्नीपथ योजना के खिलाफ याचिकाकर्ता के वकील की दलीलों को सुनते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने दायर याचिका पर सुनवाई के लिए अपनी स्वीकृति दे दी है।
आपको बता दें कि भारत सरकार द्वारा अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर पद पर चार साल के लिए सेना में भर्ती की जाएगी। साथ ही इस दौरान उनके चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर 25 फीसदी अग्निवीरों को सेना में स्थायी रूप से रखा जाएगा वहीं अन्य 75 फीसदी को सेवामुक्त कर दिया जाएगा। 4 साल की सेवा पूर्ण होने पर प्रत्येक अग्निवीर को करीब साढ़े 11 लाख रुपए सेवा भत्ता के रूप में दिए जाएंगे।