Vasundhara की रिक्वेस्ट: जेपी नड्डा से घंटे भर चली मुलाकात, पूर्व मुख्यमंत्री बोलीं- आलाकमान मेरी भूमिका स्पष्ट करे !

Rajasthan Election 2023 : जेपी नड्डा खुद भी प्रदेश बीजेपी नेताओं को कई बार नसीहत दे चुके हैं। आलाकमान की लाख कोशिशों के बावजूद पार्टी में आपसी गुटबाजी और खींचतान जारी रही, चुनाव से पहले इस पर नियंत्रण बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती है।

Update: 2023-07-13 14:54 GMT
जेपी नड्डा से बात करतीं वसुंधरा राजे सिंधिया (Social Media)

Rajasthan Election 2023 : राजस्थान में विधानसभा की सरगर्मियां तेज होते है नेताओं की बैठकों का दौर जारी है। इसी कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया (Vasundhara Raje Scindia) ने गुरुवार (13 जुलाई) को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच राजस्थान के राजनीतिक हालत और आगामी चुनाव को लेकर एक घंटे से ज्यादा समय तक बातचीत हुई। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, वसुंधरा राजे ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से रिक्वेस्ट किया है कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी आलाकमान उनकी भूमिका स्पष्ट करे।

बता दें, वसुंधरा राजे सिंधिया वर्तमान में पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। वो राजस्थान विधानसभा चुनाव में अपनी दावेदारी छोड़ने को तैयार नहीं हैं। उनके खेमे की ओर से लगातार पार्टी आलाकमान पर दबाव बनाने की कोशिश की रही है कि उन्हें मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर चुनावी मैदान में उतरा जाए।

BJP PM मोदी के फेस पर उतरेगी मैदान में

गौरतलब है कि, राजस्थान की राजनीतिक परिस्थितियों के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (BJP) आलाकमान बहुत पहले ही सैद्धांतिक तौर पर ये फैसला कर चुका है कि पार्टी प्रदेश में सामूहिक नेतृत्व में चुनाव में उतरेगी। बीजेपी राजस्थान में विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे के साथ मैदान में उतरना चाहती है। क्योंकि, पिछली दफा लोगों में वसुंधरा राजे के खिलाफ खासी नाराजगी थी। तब लोगों ने मोदी तुझसे बैर नहीं, वसुंधरा तेरी खैर नहीं' जैसे नारे भी दिए थे। बीजेपी इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए चुनावी समर में उतरना चाहती है।

असहज महसूस कर रहा वसुंधरा खेमा

बीजेपी आलाकमान बीच-बीच में यह संदेश भी देती रही है कि वसुंधरा राजे सिंधिया का राजनीतिक कद और अनुभव काफी अधिक है। इसे देखते हुए पार्टी उन्हें विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कोई बड़ी भूमिका दे सकती है। लेकिन, राज्य बीजेपी में लगातार बदलते समीकरणों की वजह से वसुंधरा राजे खेमा अपने आपको असहज महसूस कर रहा है।

बीएल संतोष ने दी थी नसीहत

बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष (BL Santosh) ने हाल ही में प्रदेश के सवाई माधोपुर (Sawai madhopur) में आयोजित 'विजय संकल्प बैठक' में राजस्थान बीजेपी नेताओं को संबोधित करते हुए दो टूक शब्दों में नसीहत दी थी कि, भाजपा को प्रदेश में सरकार बनानी है। राजस्थान बेहद महत्वपूर्ण राज्य है। इसलिए सभी नेताओं को आपस में गिले-शिकवे भूलकर विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट जाना चाहिए।'

गुटबाजी से परेशान राजस्थान बीजेपी

दरअसल, राजस्थान बीजेपी में गुटबाजी जबरदस्त है। पार्टी आलाकमान लगातार इस कोशिश में है कि प्रदेश भाजपा में व्याप्त गुटबाजी पर किसी प्रकार अंकुश लगे। वसुंधरा राजे सिंधिया सहित पार्टी के अन्य नेता मिलकर विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जोर-शोर से जुट जाएं। जेपी नड्डा खुद भी प्रदेश बीजेपी नेताओं को कई बार नसीहत दे चुके हैं। आलाकमान की लाख कोशिशों के बावजूद पार्टी में आपसी गुटबाजी और खींचतान जारी रही, चुनाव से पहले इस पर नियंत्रण बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती है।

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