Jaunpur News: BHU में शिवम सोनकर के PHD प्रवेश पर भेदभाव का आरोप, विधायक रागिनी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र, शिक्षा मंत्री से मिलकर की न्याय की मांग
Jaunpur News: विधायक रागिनी सोनकर ने इसे शिक्षा में सामाजिक न्याय के खिलाफ बताते हुए कहा, "यह केवल शिवम सोनकर के साथ अन्याय नहीं है, बल्कि दलित छात्रों के शैक्षणिक भविष्य को बाधित करने का गंभीर उदाहरण है।;
Ragini Sonkar met Dharmendra Pradhan (photo: social media )
Jaunpur News: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) में अनुसूचित जाति के छात्र शिवम सोनकर को पीएचडी प्रवेश में धांधली और भेदभाव का आरोप लगाया है। समाजवादी पार्टी की मछली शहर से विधायक रागिनी सोनकर ने इस मामले को ज़ोर - शोर से उठाते हुए महामहिम राष्ट्रपति को पत्र लिखा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर न्याय की मांग की है।
क्या है मामला?
शिवम सोनकर का आरोप है कि उन्होंने पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में 2024-25 सत्र के लिए आवेदन किया था। उनके विभाग में RET EXEMPTED श्रेणी में 03 सीटें खाली हैं, जबकि RET मोड में केवल 02 सीटें उपलब्ध हैं। इसके बावजूद, विश्वविद्यालय प्रशासन ने सिर्फ RET मोड की 02 सीटों पर ही प्रवेश दिया, जबकि RET EXEMPTED की 03 सीटें खाली होने के बावजूद शिवम सोनकर को प्रवेश नहीं दिया गया।
विधायक रागिनी सोनकर का बयान
विधायक रागिनी सोनकर ने इसे शिक्षा में सामाजिक न्याय के खिलाफ बताते हुए कहा, "यह केवल शिवम सोनकर के साथ अन्याय नहीं है, बल्कि दलित छात्रों के शैक्षणिक भविष्य को बाधित करने का गंभीर उदाहरण है। यह संविधान में प्रदत्त समानता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है।" उन्होंने इस मामले में गहन जांच और तत्काल कार्यवाही की मांग की।
विधायक की मांग है कि, पीड़ित छात्र को न्याय मिले और उसे पीएचडी प्रवेश दिया जाए, शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए ठोस नियम बनाए जाए। देशभर के विश्वविद्यालयों में समान अवसर सुनिश्चित किए जाएं। इस मामले में डॉक्टर रागनी ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(यूजीसी) के चेयरमैन से भी मुलाकात की और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में PHD प्रवेश प्रक्रिया में शिवम सोनकर के लिए न्याय की मांगा है । रागिनी शिवम सोनकर के साथ बीएचयू गेट के बाहर प्रदर्शन भी कर चुकी हैं।