Kanpur News: स्मार्ट रोबोट से पावरग्रिड को मिलेगी मजबूती, आईआईटी कानपुर का नया इनोवेशन

Kanpur News: इस नई तकनीक का परीक्षण 13 जुलाई, 2024 को पावरग्रिड के कानपुर सबस्टेशन में सफलतापूर्वक किया गया था, जहां रोबोट ने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया।;

Update:2025-03-12 19:57 IST

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Kanpur News: भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक नई सफलता का मार्ग प्रशस्त हुआ है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर ने अपनी एसएमएसएस प्रयोगशाला में एक अत्याधुनिक सबस्टेशन इन्स्पेक्शन रोबोट (SIR) विकसित किया है। इस रोबोट को 9 से 11 मार्च 2025 तक नई दिल्ली में आयोजित ग्रिडकॉन 2025 में पावरग्रिड को औपचारिक रूप से सौंपा गया। यह सौंपने की प्रक्रिया भारत सरकार के ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल और पावरग्रिड के अध्यक्ष रवींद्र कुमार त्यागी के समक्ष आयोजित एक समारोह में संपन्न हुई। इस रोबोट का विकास पावरग्रिड के सहयोग से हुआ है और यह तकनीकी दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

SIR, यानी सबस्टेशन इन्स्पेक्शन रोबोट, एक उन्नत स्वायत्त मोबाइल रोबोट है जिसे सबस्टेशनों के निरीक्षण कार्यों में सुधार करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह रोबोट एआई-संचालित नेविगेशन, LiDAR, डेप्थ कैमरा, और विभिन्न सेंसरों से लैस है, जो उसे सबस्टेशनों में स्वायत्त रूप से निरीक्षण करने और संभावित दोषों का पता लगाने में सक्षम बनाते हैं। इस तकनीकी पहल का उद्देश्य सबस्टेशनों में काम करने वाले मानव कर्मचारियों के जोखिम को कम करना और परिचालन दक्षता को बढ़ाना है।

इस नई तकनीक का परीक्षण 13 जुलाई, 2024 को पावरग्रिड के कानपुर सबस्टेशन में सफलतापूर्वक किया गया था, जहां रोबोट ने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। इसने वास्तविक समय में स्थिति निगरानी और पूर्वानुमानित रखरखाव की प्रक्रिया में अपनी प्रभावशीलता दिखाई। IIT कानपुर के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने इस पहल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि एसआईआर, तकनीकी और नवाचार के मामले में भारत की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। यह न केवल कार्यकुशलता को बढ़ाता है, बल्कि सबस्टेशन निरीक्षण कार्यों को अधिक सुरक्षित और समय प्रभावी बनाता है।

इसकी सफलता पर आईआईटी कानपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर बिशाख भट्टाचार्य ने कहा कि SIR ओवरहीटिंग, लीक और संरचनात्मक क्षति जैसी समस्याओं का पता लगाने के लिए अत्याधुनिक सेंसरों का उपयोग करता है। यह रियल-टाइम डेटा को पावरग्रिड के रखरखाव दल को भेजता है, जिससे त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलती है।

पावरग्रिड के प्रवक्ता ने कहा कि इस रोबोट का उपयोग ऑपरेशन और रखरखाव (ओएंडएम) प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाएगा। यह सबस्टेशन के उपकरणों की विफलताओं की पहचान और भविष्यवाणी करने में मदद करेगा, जिससे ऊर्जा नेटवर्क की विश्वसनीयता में सुधार होगा।

इस तकनीकी प्रगति से यह साफ है कि भारत के ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा चुका है, जो न केवल स्वचालन और रोबोटिक्स के विकास को बढ़ावा देगा, बल्कि ऊर्जा वितरण प्रणाली की दक्षता और सुरक्षा को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

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