Kanpur News: नोएडा से अयोध्या का सफर तय करेंगी सफाई कर्मी की बेटी, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराएंगी नाम

Kanpur News: सफाई कर्मचारी की 21 वर्षीय बेटी कोमल तलवार इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड व लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराएगी। नोएडा से अयोध्या तक का सफर 23 जुलाई को अपना सफर खत्म करेगी।

Update: 2023-07-20 17:21 GMT
(Pic: Newstrack)

Kanpur News: 700 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर गाजियाबाद के भोपूपुरा निवासी सफाई कर्मचारी की 21 वर्षीय बेटी कोमल तलवार इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड व लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराएगी। नोएडा से अयोध्या तक का सफर 23 जुलाई को अपना सफर खत्म करेगी। कानपुर पहुंची कोमल का स्वागत नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ शुगर के निदेशक नरेंद्र मोहन ने जोरदार स्वागत किया।

भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर है कोमल

परिवार में पिता विनोद कुमार ईस्ट दिल्ली मुंसिपल कारपोरेशन में सफाईकर्मी है,बड़ी बहन शिवानी, अंजली फिर कोमल है। एक छोटा भाई मयंक व छोटी बहन खुशी है। कोमल 2021 में इंटर कर रही थी।बच्चों को एथलीट खेलता देख मेरी भी इच्छा जागृत हुई,किसी ना किसी खेल में प्रतिभा किया करती थी।जब मैं कोच राजेंद्र यादव के संपर्क में आई फिर मैंने प्रोफेशनल तरीके से खेलना शुरू किया। कोमल बीएससी सेकंड ईयर फिजिकल एजुकेशन की छात्रा व एमएमएनएस कॉलेज गाजियाबाद से पढ़ाई कर रही है।

नोएडा से शुरू की दौड़

कोच राजेंद्र यादव ने बताया कि यह दौड़ 12 जुलाई को नोएडा से शुरू हुई थी। इसके बाद फरीदाबाद, वृंदावन, मथुरा, आगरा, इटावा होते हुए हम लोग कानपुर पहुंचने के बाद यहां से लखनऊ, सीतापुर होते हुए 23 जुलाई को अयोध्या पहुंच वहां पर रामलला के दर्शन करने के बाद फिर वापस आएंगे।

खेल के साथ धर्म को जोड़ना है लक्ष्य

कोमल से पूछा गया अयोध्या तक का सफर क्यों चुना तो उन्होंने बताया कि हम खेल और धर्म को जोड़ना चाहते हैं, क्योंकि खेल भी एक प्रकार का धर्म है। मैं भगवान पर बहुत भरोसा करती हूं और पूजा-पाठ भी करती हूं। मैं कुछ अलग करके दिखाना चाहती थी। एक दिन अचानक से मुझे राम भगवान और रामलला मंदिर का सपना आया, जिसके बाद मैंने अपने कोच से बात की और अयोध्या तक का लक्ष्य निर्धारित किया।

5000 किलोमीटर का अगला लक्ष्य

इस लक्ष्य को प्राप्त करने के बाद अगला लक्ष्य 5000 किलोमीटर दौड़ने का है,श्रीलंका से शुरू होगी और अयोध्या में समाप्त होगी। नोएडा से अयोध्या तक का सफर पूरा होने के बाद अब अगले लक्ष्य की तैयारी करनी है। अभी मैं रोजाना 50 किलोमीटर दौड़ती हूं,अयोध्या के सफर से रोजाना 70 किलोमीटर दौड़ रही हूं।

ग्राउंड तक नहीं थे जानें के पैसे, बहन बनी सहारा

मेरे घर से हमारा ग्राउंड करीब 28 किलोमीटर दूर था। कुछ दिन तो आना-जाना कर पाई,फिर स्कूटी में पेट्रोल डलाने तक के पैसे नहीं बचे। जब ट्रेनिंग लेना बंद कर दिया,तो यह बात मेरे कोच राजेंद्र यादव को पता चली तो उन्होंने मेंरी बड़ी बहन अंजली को उस मैदान में एक असिस्टेंट ट्रेनर के रूप में रख दिया,फिर हम दोनों बहने एक साथ मैदान जाने लगे।

कोमल की पूरी मदद करते है कोच राजेंद्र

कोमल को कोच राजेंद्र यादव निशुल्क प्रशिक्षण देते हैं। इसके अलावा कहीं आना-जाना वह आर्थिक रूप से मदद करते हैं। उनकी देखरेख में कई आईएएस और आईपीएस अधिकारी ट्रेनिंग लेते हैं। उनके माध्यम से भी वह हमारी मदद कराया करते हैं, आज मैं इतना बड़ा लक्ष्य उनकी वजह से प्राप्त करने जा रही हूं।

यह है उपलब्धियां

2021 में गाजियाबाद में हुई यूनिवर्सिटी गेम प्रतियोगिता में कोमल ने 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक प्राप्त किया था। इसके बाद 2022 में फरीदाबाद में हुई फरीदाबाद मैराथन में 21 किलोमीटर दौड़ लगाकर स्वर्ण पदक जीता। 2022 में ही गुड़गांव में हुई टफमैन मैराथन में 21 किलोमीटर दौड़ लगाकर स्वर्ण पदक प्राप्त किया है।

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