Lucknow-Kanpur Expressway पर बवाल, PNC इंफ्राटेक बोली- ब्लैकलिस्ट नहीं हुए, NHAI के दावे से बढ़ा विवाद

Lucknow-Kanpur Expressway Cracks: एक्सप्रेस-वे के कई हिस्सों में सड़क धंसने और जगह-जगह गड्ढे होने की बात सामने आने के बाद नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी एनएचएआई और कंपनी के दावों में विरोधाभास दिखाई दे रहा है।

Update:2026-08-11 15:12 IST

Lucknow-Kanpur Expressway Cracks

Lucknow-Kanpur Expressway Cracks: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे (Lucknow-Kanpur Expressway) के निर्माण को लेकर कंस्ट्रक्शन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक (PNC Infratech) गंभीर विवादों में घिर गई है। एक्सप्रेस-वे के कई हिस्सों में सड़क धंसने और जगह-जगह गड्ढे (Road Damage) होने की बात सामने आने के बाद नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी एनएचएआई (NHAI) और कंपनी के दावों में विरोधाभास दिखाई दे रहा है।

सड़क की हालत पर NHAI की तकनीकी जांच में क्या सामने आया

एनएचएआई की तकनीकी जांच (Technical Inspection) में निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए हैं। जांच में घटिया निर्माण (Poor Construction Quality) और डामर की लेयर (Asphalt Layer) ठीक से नहीं बैठने की वजह से सड़क खराब होने का दावा किया गया है। इसके बाद कंपनी के खिलाफ नॉन-परफॉर्मर (Non-Performer) घोषित करने की कार्रवाई शुरू किए जाने की बात सामने आई।

रिपोर्ट के मुताबिक 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे (63 Km Expressway) के करीब 600 से 700 मीटर हिस्से में सड़क धंसने या उखड़ने की समस्या सामने आई है। इसके अलावा करीब 84 जगहों पर गड़बड़ी होने की बात भी कही गई है।

कंपनी ने कहा- न ब्लैकलिस्ट हुए, न नॉन-परफॉर्मर

एनएचएआई की कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद पीएनसी इंफ्राटेक ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को पत्र भेजकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। कंपनी ने कहा कि उसे न तो ब्लैकलिस्ट (Blacklisted) किया गया है और न ही नॉन-परफॉर्मर घोषित किया गया है।

कंपनी के मुताबिक, उसे सिर्फ कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया गया है। कंपनी ने एक्सप्रेस-वे के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचने के पीछे लगातार बारिश (Heavy Rainfall) को वजह बताया है। ऐसे में एनएचएआई की कार्रवाई और कंपनी की सफाई के बीच अब विवाद और बढ़ गया है।

विवाद के बीच PNC इंफ्राटेक के शेयर में गिरावट

एक्सप्रेस-वे की सड़क की स्थिति और कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की खबरों के बीच पीएनसी इंफ्राटेक के शेयर (PNC Infratech Share) में भी गिरावट देखने को मिली है। सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों का असर कंपनी के कारोबार और बाजार की धारणा पर भी दिखाई दे रहा है।

आखिर जिम्मेदार कौन, निर्माण या बारिश?

पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल सड़क की बदहाली की वजह को लेकर है। क्या एक्सप्रेस-वे की खराब हालत घटिया निर्माण (Poor Construction) की वजह से हुई, लगातार बारिश इसका कारण बनी या फिर निर्माण की निगरानी (Project Monitoring) में कहीं चूक हुई।

एनएचएआई की तकनीकी जांच, कंपनी की सफाई और आगे होने वाली कार्रवाई पर अब सबकी नजर है। इसी के साथ सड़क निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

कंपनी पर पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप

पीएनसी इंफ्राटेक का विवादों से पुराना नाता रहा है। कंपनी और उसके अधिकारियों पर पहले भी भ्रष्टाचार (Corruption) से जुड़े गंभीर आरोप लग चुके हैं। साल 2024 में सीबीआई (CBI) ने हाईवे प्रोजेक्ट्स से जुड़े कथित रिश्वत (Alleged Bribery) मामले में एक एफआईआर दर्ज की थी।

अब लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे की सड़क की स्थिति को लेकर सामने आए विवाद के बाद कंपनी और एनएचएआई के दावों के बीच तस्वीर साफ होने का इंतजार है।

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