Lucknow News: KKC में दो दिवसीय लिट फेस्ट का हुआ समापन, लखनऊ की तहज़ीब पर हुई चर्चा
Lucknow News: श्री जय नारायण मिश्र पीजी कॉलेज में दो दिवसीय लिट फेस्ट का समापन समारोह आयोजित हुआ। फेस्ट में विभिन्न सत्रों में कई हस्तियों ने शिरकत की।;
नारायण मिश्र पीजी कॉलेज में दो दिवसीय लिट फेस्ट का हुआ समापन। (Pic: Newstrack)
Lucknow News: श्री जय नारायण मिश्र पीजी कॉलेज में दो दिवसीय लिट फेस्ट का समापन समारोह आयोजित हुआ। फेस्ट में विभिन्न सत्रों में कई हस्तियों ने शिरकत की। महाविद्यालय प्रबंध समिति के मंत्री प्रबंधक जीसी शुक्ला समारोह में मुख्य अतिथि रहे। आज यहां तीन सत्रों का आयोजन किया गया।
ठेठ लखनऊवा लोग अब शहर में कम
दो दिवसीय लिट फेस्ट में फिल्म और कला जगत की हस्तियों ने शहर की तहज़ीब के बारे में संवाद किया। 'लखनऊ: विरासत और नफ़ासत' थीम पर यह फेस्ट आयोजित हुआ। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो विनोद चंद्रा ने स्मृति चिन्ह देकर सभी अतिथियों का स्वागत किया। नदीम हसनैन ने कहा कि आज के लखनऊ में 60 से 70% की आबादी ऐसी है जो लखनऊ से रूटेड नहीं है। ठेठ लखनऊवा लोगों की संख्या अब कम है। संस्कृति के लिए नॉस्टैल्जिया होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वह पचास के दशक में लखनऊ आए और यहीं के हो गए। शहर में 1722 से 1956 तक नवाबी काल रहा। नवाबों ने सांझी संस्कृति को हमेशा बढ़ावा दिया है। उन्होंने बताया कि अलीगंज स्थित हनुमान मंदिर को अली बेगम ने बनवाया। साथ ही बेगम के सम्मान में हिंदुओं ने मंदिर के छत पर चांद तारा बनवाया। एक बार अलीगंज का नाम बदलने की बात हुई। तब मंदिर के महंतो के हड़ताल करते हुए नाम बदलने का विरोध किया। इसके साथ ही उन्होंने यहां कई अन्य किस्से सुनाए।
सोचकर बनना पड़ता है मुख्य अतिथि
दूसरे सत्र में मशहूर अभिनेता अतुल तिवारी से लखनऊ की फिल्में और रंगमंच विषय पर प्रो. अनिल त्रिपाठी ने बातचीत की। अतुल तिवारी ने कहा कि केकेसी को बचपन से देखा है। हुसैनगंज में पैदाइश हुई। उन्होंने कहा कि अब मुख्य अतिथि बनने से दर लगता है। क्योंकि 3 ईडियट्स फिल्म में वह एक बार मुख्य अतिथि बने थे। फिल्म में जो हुआ उसके बाद संभाल कर मुख्य अतिथि बनना पड़ता है। उन्होंने अपने शुरुआत के प्रशिक्षण और एनएसडी के किस्से सुनाए। अतुल तिवारी ने बताया कि राज बब्बर ने उनसे एक पंजाबी फिल्म की स्क्रिप्ट लिखने को कहा था जो की बहुत ही हिट हुई थी।
दास्तानगोई से सजी महफिल
लिट फेस्ट के तीसरे सत्र में मशहूर मोहम्मद फारूकी और दारेन शहीदी ने अद्भुत शैली में दास्तानगोई की। मोहम्मद फारूकी ने लाल शुक्ल और राग दरबारी उपन्यास के कुछ अंशो पर दास्तान गोई की। छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने यह देख कर खूब तालियां बजाईं। इसके साथ शिक्षा जगत में विषमताओं के बीच उभर रहे अनेक हास्यों से भरपूर घटनाओं का उल्लेख किया। महाविद्यालय उप प्राचार्य प्रो. केके शुक्ला ने लिट फेस्ट के सफल आयोजन के लिए सभी को धन्यवाद दिया। इस मौके पर महाविद्यालय के विद्यार्थी, शिक्षक, कर्मचारी व अन्य मौजूद रहे।