यूपी में प्रलय! बाढ़ से हालात खराब, योगी सरकार ने बचाव का बनाया ये प्लान

देश के अन्य प्रदेशों की तरह ही अब धीरे धीरे यूपी के हालात भी बाढ से बिगडने लगे हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेष समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेष में भी बाढ़ की स्थिति बनना शुरू हो गयी है।

Update: 2020-08-11 08:39 GMT
यूपी में प्रलय! बाढ़ से हालात खराब, योगी सरकार ने बचाव का बनाया ये प्लान

लखनऊ: देश के अन्य प्रदेशों की तरह ही अब धीरे धीरे यूपी के हालात भी बाढ से बिगडने लगे हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेष समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेष में भी बाढ़ की स्थिति बनना शुरू हो गयी है। इसके अलावा बुंदेखण्ड के कुछ क्षेत्रों में भी स्थितियां बिगडी है। बाढ़ से सुरक्षा के लिए 465 नावें उपयोग में लाई जा रही हैं। 636 बाढ़ चैकी स्थापित की गई हैं। 14 पशु शिविर लगाए गए हैं व 151 मेडिकल टीमें लगी हुई हैं।

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इन जिलों में गन्ना फसल डूब गयी

प्राप्त जानकारी के अनुसार गोंडा, बहराइच, बाराबंकी, कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, बलिया, मऊ, आजमगढ़ समेत कई जिलों में गन्ना और धान की फसल डूब गई है। कई जिलों में तेज बारिश से भी बहुत नुकसान हुआ है। वहां भी फसलें बर्बाद हो गईं हैं।

राहत आयुक्त संजय गोयल ने कहा

राहत आयुक्त संजय गोयल ने कहा है कि बाराबंकी, अयोध्या, कुशीनगर, गोरखपुर, बहराइच, आजमगढ़, बस्ती, संतकबीरनगर, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, सिद्धार्थनगर और बलरामपुर बाढ़ से प्रभावित हैं। शारदा नदी पलियां खीरी में, राप्ती नदी बर्डघाट गोरखपुर में, राप्ती नदी श्रावस्ती में तथा घाघरा नदी तुर्तीपार बलिया में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वर्तमान में सभी तटबंध सुरक्षित बताए गए हैं। उन्होंने बताया कि 94 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। इनमें 15 का संचालन हो रहा है लेकिन फिलहाल कोई रह नहीं रहा है।

राहत और बचाव कार्य के लिए तैनात की गई हैं 16 टीमें

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की 16 टीमें राहत और बचाव कार्य के लिए तैनात की गई हैं। कुल 219 आश्रय स्थल बनाए गए हैं और 983 नावों को तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि 712 बाढ़ चैकियां स्थापित की गई हैं और 249 मेडिकल टीमें भी तैनात हैं। प्रभावित लोगों को राशन किट और भोजन के पैकेट वितरित किये जा रहे हैं।

सीएम ने दिए ये निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि तटबंधों पर लगातार गश्त की जाए और भूमि क्षरण रोकने के कदम उठाये जाएं। राहत कार्यों में नौकाओं का उपयोग किया जाए। मुख्यमंत्री ने रोगों से निपटने के लिए दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा है।

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उत्तर प्रदेश में 12 जिलों के करीब 293 गांव बाढ़ प्रभावित हैं। जिनमें 67 पूरी तरह बाढ़ से घिरे हुए हैं। वहीं बहराइच के अपर जिलाधिकारी ने बताया कि नेपाल से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी के कारण जिले के करीब 60 गांवों में बाढ़ अथवा जलभराव के हालात हैं।

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