पीएम मोदी ने लगाई मोहम्मद यूनुस की क्लास, बोले- हिंदुओं पर पड़ोसी देश में न हो हिंसा
प्रधानमंत्री ने आग्रह किया कि माहौल को खराब करने वाली बयानबाजी से बचना चाहिए। सीमा पर, कानून का सख्त पालन और अवैध सीमा पार करने की रोकथाम, विशेष रूप से रात में, सीमा सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।;
Bilateral talks between PM Modi and Muhammad Yunus (Photo: PM Modi/X)
BIMSTEC समिट में गये प्रधानमंत्री मोदी ने शिखर सम्मेलन के इतर आज बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के सलाहकार मोहम्मद यूनुस से मुलाकात की। दोनों के बीच कई मुद्दों को लेकर गहरी चर्चा हुई। चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने पड़ोसी देश में हो रहे अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के मुद्दे को उठाया और अपनी चिंता जाहिर की
पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस के बीच क्या हुई बात?
प्रधानमंत्री ने लोकतांत्रिक, स्थिर, शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के लिए भारत के समर्थन को दोहराया। संबंधों के प्रति भारत के जन-केंद्रित दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि दोनों देशों के बीच सहयोग से दोनों देशों के लोगों को ठोस लाभ मिला है। उन्होंने व्यावहारिकता के आधार पर बांग्लादेश के साथ सकारात्मक और रचनात्मक संबंध बनाने की भारत की इच्छा को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री ने आग्रह किया कि माहौल को खराब करने वाली बयानबाजी से बचना चाहिए। सीमा पर, कानून का सख्त पालन और अवैध सीमा पार करने की रोकथाम, विशेष रूप से रात में, सीमा सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यक है। हमारे संबंधों की समीक्षा और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए द्विपक्षीय तंत्र उचित रूप से मिल सकता है। साथ ही प्रधानमंत्री ने हिंदुओं सहित बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और संरक्षा से संबंधित भारत की चिंताओं को रेखांकित किया और उम्मीद जताई कि बांग्लादेश सरकार उनके खिलाफ किए गए अत्याचारों के मामलों की गहन जांच करके उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
प्रधानमंत्री ने बिम्सटेक की अध्यक्षता संभालने पर बांग्लादेश को बधाई दी और उम्मीद जताई कि मंच अपने नेतृत्व में क्षेत्रीय सहयोग को और आगे बढ़ाएगा। नेताओं ने बिम्सटेक ढांचे के अंतर्गत क्षेत्रीय एकीकरण को आगे बढ़ाने के लिए परामर्श और सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों देशों के बीच आपसी हित के सभी मुद्दों को उनके दीर्घकालिक और पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय संबंधों के हित में रचनात्मक चर्चाओं के माध्यम से द्विपक्षीय रूप से संबोधित और हल किया जाना जारी रहेगा।
दोनों नेताओं की मुलाकात ऐसे समय हुई है जब मोहम्मद यूनुस अपने चीन दौरे के दौरान अपने बयान को लेकर को लेकर विवादों में रहे । चीन यात्रा के दौरान बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने एक विवादास्पद बयान देते हुए कहा था कि बंगाल की खाड़ी का एकमात्र गार्जियन ढाका है। चीन को अपने देश में निवेश करने का न्योता देते हुए यूनुस ने कथित तौर पर भारत की मजबूरियों को गिनाया और चीन को लुभाते हुए कहा था कि बांग्लादेश में चीन के लिए बड़े व्यापारिक अवसर हैं।
यूनुस ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों का जिक्र करते हुए कहा था कि ये राज्य, जिन्हें 'सेवन सिस्टर्स' कहा जाता है, चारों ओर से भूमि से घिरे हुए हैं और भारत का लैंडलॉक्ड क्षेत्र हैं। उनके पास समुद्र तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है। इस पूरे क्षेत्र के समुद्र का एकमात्र गार्जियन बांग्लादेश है।
गौरतलब है, भारत ने बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर बार-बार चिंता व्यक्त की है। बता दें कि दोनों नेताओं की यह मुलाकात पिछले साल 5 अगस्त को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के तख्तापलट के बाद पहली बार हुई है। तख्तापलट के बाद से शेख हसीना भारत में रह रही हैं।