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तिथि – अष्टमी – 17:38:12 तक, नक्षत्र – आश्लेषा – 11:55:09 तक, करण – विष्टि – 06:43:04 तक, बव – 17:38:12 तक, पक्ष – शुक्ल, योग – वृद्धि – 11:09:39 तक, वार – रविवार, सूर्योदय – 05:32:36, सूर्यास्त – 19:02:45

अशुभ फलों से बचने के लिए और अपनी सेहत को अच्छा बनाये रखने के लिये धार्मिक कार्यों में अपना सहयोग देते रहें। इससे आपको किसी तरह के अशुभ फल का सामना नहीं करना पड़ेगा और आपकी सेहत अच्छी बनी रहेगी।

किसी धार्मिक स्थल की यात्रा पर जा सकते हैं। व्यावहारिक स्थिति आज आपको काफी तीव्रता से काम करने के लिए मजबूर कर रही हैं पर आपका मन अपने परिवार के साथ समय बिताने में अधिक रुचिकर दिखेगा।

Ganga Saptami 2019: हिंदू धर्म शास्त्र की पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु के पैर में पैदा हुई पसीने की बूंद से मां गंगा का जन्म हुआ था। जानिए कहानी...

किसी धार्मिक स्थल की यात्रा पर जा सकते हैं। व्यावहारिक स्थिति आज आपको काफी तीव्रता से काम करने के लिए मजबूर कर रही हैं पर आपका मन अपने परिवार के साथ समय बिताने में अधिक रुचिकर दिखेगा।

वास्तुविद् बाबा जागेश्वर पांडे कहते हैं कि वास्तुशास्त्र पर विश्वास करने से सभी दुःख दूर होते हैं। उनके मुताबिक मोर पंख किसी भी वास्तुदोष को दूर करने के काम आता है। तो आइए जानते हैं कि वो कौन से उपाय हैं।

तिथि – पंचमी – 23:28:01 तक, नक्षत्र – आद्रा – 15:17:41 तक,करण – बव – 12:16:01 तक, बालव – 23:28:01 तक,पक्ष – शुक्ल,वार – गुरूवार,सूर्योदय – 05:34:39,सूर्यास्त – 19:00:56।

यदि पर्वत अधिक उभार वाला हो और रेखा कटी या टूटी हो तो व्यक्ति अभिमानी, स्वार्थी, क्रूर, कंजूस और अविवेकी होता है। यदि हथेली में सूर्य पर्वत शनि की ओर झुका हो तो व्यक्ति जज एवं सफल अधिवक्ता होता है

वर्षों बाद बुधवार 8 मई को बना विनायक चतुर्थी का शुभ महासंयोग, लक्ष्मी रूप श्रीगणेश जी ऐसे बना देंगे महाकरोड़पति

तिथि वैशाख शुक्ल पक्ष चतुर्थी 24.58 तक, नक्षत्र मृगशिरा नक्षत्र 15.59 तक, पक्ष-शुक्ल पक्ष,वार बुधवार,योग सुकर्मा योग 21.16 तक, सूर्योदय 05.39,सूर्यास्त 18.56।